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के.एम. चंद्रशेखर दूसरी बार केरल योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष नियुक्त, सतीशन सरकार का प्रशासनिक दांव

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के.एम. चंद्रशेखर दूसरी बार केरल योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष नियुक्त, सतीशन सरकार का प्रशासनिक दांव

सारांश

सतीशन सरकार ने पूर्व कैबिनेट सचिव के.एम. चंद्रशेखर को केरल योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष दूसरी बार नियुक्त कर स्पष्ट संदेश दिया है — राज्य की वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए अनुभवी नौकरशाही साख पर दांव लगाया जाएगा।

मुख्य बातें

पूर्व कैबिनेट सचिव के.एम.
चंद्रशेखर ( 78 वर्ष ) को केरल राज्य योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष दूसरी बार नियुक्त किया गया।
यह उनका दूसरा कार्यकाल है; पहला 2011-16 में ओमन चांडी सरकार के दौरान था, जिसमें कोच्चि मेट्रो और विझिनजम बंदरगाह जैसी परियोजनाएं आगे बढ़ीं।
मनमोहन सिंह की यूपीए-II सरकार में कैबिनेट सचिव के रूप में कार्य किया है।
सतीशन नए बोर्ड के अध्यक्ष होंगे; पी.के.
कुन्हालीकुट्टी , सनी जोसेफ , मॉन्स जोसेफ , शिबू बेबी जॉन और सी.पी.
जॉन सदस्य बनाए गए हैं।
चंद्रशेखर इससे पहले केरल की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र तैयार करने वाली समिति के प्रमुख भी रह चुके हैं।

पूर्व कैबिनेट सचिव के.एम. चंद्रशेखर को केरल राज्य योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष (वाइस चेयरपर्सन) दूसरी बार नियुक्त किया गया है। 21 जुलाई को की गई इस नियुक्ति से स्पष्ट संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की सरकार राज्य के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अनुभवी नौकरशाही दक्षता पर भरोसा करना चाहती है। 78 वर्षीय चंद्रशेखर भारत के सबसे वरिष्ठ सिविल सेवकों में गिने जाते हैं।

पहले कार्यकाल की विरासत

चंद्रशेखर इससे पहले 2011-16 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार में योजना बोर्ड की अगुवाई कर चुके हैं। उस कार्यकाल में उन्होंने राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं — जिनमें कोच्चि मेट्रो और विझिनजम बंदरगाह शामिल हैं — को गति देने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। यह ऐसे समय में आया है जब केरल वित्तीय दबाव और दीर्घकालिक विकास की चुनौतियों से एक साथ जूझ रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर करियर और साख

चंद्रशेखर ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली दूसरी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए-II) सरकार के दौरान कैबिनेट सचिव के रूप में कार्य किया — यह भारतीय प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च पद है। केंद्र और केरल, दोनों स्तरों पर उच्च-स्तरीय अनुभव उन्हें इस भूमिका के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाता है।

श्वेत पत्र और वित्तीय सुधारों की भूमिका

सतीशन सरकार के सत्ता संभालने के बाद चंद्रशेखर को केरल की आर्थिक स्थिति पर 'श्वेत पत्र' तैयार करने वाली उच्चस्तरीय समिति का प्रमुख बनाया गया था। इस दस्तावेज़ का उद्देश्य राज्य की वित्तीय स्थिति का निष्पक्ष आकलन करना और सुधारों की रूपरेखा खींचना था। गौरतलब है कि चंद्रशेखर लंबे समय से कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ से जुड़े रहे हैं, और उनकी यह पुनर्नियुक्ति राजनीतिक व तकनीकी विशेषज्ञता के समन्वय की कोशिश मानी जा रही है।

बोर्ड की संरचना

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन नए योजना बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। कैबिनेट सहयोगियों में पी.के. कुन्हालीकुट्टी, सनी जोसेफ, मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन और सी.पी. जॉन को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आने वाले दिनों में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक टीम भी नियुक्त किए जाने की उम्मीद है, जो उपाध्यक्ष के कार्यों में सहयोग करेगी।

आगे की राह

उपाध्यक्ष के रूप में चंद्रशेखर विकास रणनीतियों के निर्माण, परियोजनाओं के मूल्यांकन और नीतिगत मामलों पर सरकार को परामर्श देने की जिम्मेदारी संभालेंगे। राज्य की वित्तीय चुनौतियों के बीच यह बोर्ड दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सवाल यह है कि क्या योजना बोर्ड केवल नीति-परामर्श तक सीमित रहेगा या उसे क्रियान्वयन की वास्तविक शक्ति भी मिलेगी — क्योंकि केरल में राजकोषीय दबाव इतना गहरा है कि महज़ अनुभवी नेतृत्व पर्याप्त नहीं होगा। श्वेत पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी पहले ही चंद्रशेखर के कंधों पर थी; अब उसी सुधार एजेंडे को लागू करने की परीक्षा उनके दूसरे कार्यकाल में होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

के.एम. चंद्रशेखर को केरल योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष क्यों नियुक्त किया गया?
के.एम. चंद्रशेखर को उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव के कारण केरल योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वे पूर्व में कैबिनेट सचिव रह चुके हैं और 2011-16 में भी इसी बोर्ड की अगुवाई कर चुके हैं। सतीशन सरकार वित्तीय सुधारों और विकास रणनीतियों के लिए उनकी विशेषज्ञता का उपयोग करना चाहती है।
के.एम. चंद्रशेखर का पहला कार्यकाल कैसा रहा था?
चंद्रशेखर ने 2011-16 के दौरान ओमन चांडी की यूडीएफ सरकार में केरल योजना बोर्ड की अध्यक्षता की थी। उस कार्यकाल में कोच्चि मेट्रो और विझिनजम बंदरगाह जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
केरल योजना बोर्ड के नए उपाध्यक्ष की मुख्य जिम्मेदारियां क्या होंगी?
उपाध्यक्ष के रूप में चंद्रशेखर विकास रणनीतियों का निर्माण, परियोजनाओं का मूल्यांकन और नीतिगत मामलों पर सरकार को परामर्श देने का कार्य करेंगे। बोर्ड राज्य की वित्तीय चुनौतियों के बीच दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तैयार करेगा।
नए केरल योजना बोर्ड में कौन-कौन शामिल हैं?
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन नए बोर्ड के अध्यक्ष होंगे और के.एम. चंद्रशेखर उपाध्यक्ष। कैबिनेट सहयोगी पी.के. कुन्हालीकुट्टी, सनी जोसेफ, मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन और सी.पी. जॉन सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक अतिरिक्त टीम भी शीघ्र नियुक्त किए जाने की उम्मीद है।
के.एम. चंद्रशेखर का राष्ट्रीय स्तर पर क्या अनुभव है?
चंद्रशेखर ने डॉ. मनमोहन सिंह की यूपीए-II सरकार के दौरान भारत के कैबिनेट सचिव के रूप में कार्य किया, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च पद है। इसके अलावा, केरल की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र तैयार करने वाली उच्चस्तरीय समिति के प्रमुख के रूप में भी उन्होंने काम किया है।
राष्ट्र प्रेस
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