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केरल की आर्थिक बदहाली पर राजीव चंद्रशेखर का हमला: 'राज्य सरकार करे आत्मचिंतन'

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केरल की आर्थिक बदहाली पर राजीव चंद्रशेखर का हमला: 'राज्य सरकार करे आत्मचिंतन'

सारांश

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने राज्य सरकार को आर्थिक बदहाली का जिम्मेदार ठहराया — निजीकरण की नीति, खोखले वादे और विधानसभा में वित्तीय पारदर्शिता की कमी पर तीखे सवाल उठाए। उनका कहना है कि बिना आत्मचिंतन के केरल की स्थिति और बिगड़ेगी।

मुख्य बातें

राजीव चंद्रशेखर ने 12 जून को तिरुवनंतपुरम में केरल सरकार को प्रदेश की आर्थिक दुर्दशा का जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट के बावजूद सरकार जनता से बड़े-बड़े वादे कर रही है, जो धरातल पर नहीं उतरते।
मुख्यमंत्री की निजीकरण नीति पर सवाल — आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई।
2025 में मीडिया से अपील की थी कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे जनहित मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए।
विधानसभा सत्र में वित्तीय मुद्दों को 'सीक्रेट' रखने की बात पर वित्त मंत्री के रुख की आलोचना की।

केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार, 12 जून को तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत में राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति के लिए सीधे तौर पर केरल सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल का जश्न मनाया जा रहा है, तब केरल में आर्थिक संकट चरम पर है।

आर्थिक संकट और सरकार की दिशाहीनता

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की कार्यशैली से स्पष्ट है कि उसे जनता के हितों की कोई परवाह नहीं है। उनके अनुसार, सरकार को खुद समझ नहीं आ रहा कि आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा, 'स्थिति ऐसी हो चुकी है कि अब इस सरकार को समझ नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए।'

बड़े वादों पर सवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार की वादेबाज़ी पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब सरकार को स्वयं पता है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है, तो फिर जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे करना उचित नहीं है। उनका कहना था, 'सिर्फ वादे करने से काम नहीं चलता — इन्हें धरातल पर उतारना होगा, तभी स्थिति सामान्य हो पाएगी।'

मीडिया से अपील और जनहित के मुद्दे

चंद्रशेखर ने बताया कि 2025 में केरल दौरे के दौरान उन्होंने मीडिया से अपील की थी कि राजनीतिक नाटकबाज़ी को कवर करने के बजाय स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे जनहित के मुद्दों पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने अफसोस जताया कि प्रदेश की जनता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन उनके समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।

निजीकरण की नीति पर आपत्ति

उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा सभी क्षेत्रों के निजीकरण पर जोर देने की नीति पर भी सवाल खड़े किए। चंद्रशेखर ने पूछा कि यदि सब कुछ निजी हाथों में सौंप दिया गया, तो आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग का क्या होगा जो अपने खर्चे खुद वहन करने में असमर्थ है। उनके अनुसार, यह सवाल राज्य सरकार के लिए गहन आत्मचिंतन का विषय है।

विधानसभा सत्र पर भी निशाना

केंद्रीय मंत्री ने विधानसभा सत्र की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री इतिहास की बातों में उलझे रहते हैं, वहीं वित्त मंत्री का कहना है कि जनता से जुड़े वित्तीय मुद्दों को 'सीक्रेट' रखा जाना चाहिए। चंद्रशेखर ने चेताया कि यदि समय रहते आत्मचिंतन नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में केरल की स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह वाम सरकार को उसी 'जन-विरोधी' छवि में पेश करता है जो परंपरागत रूप से दक्षिणपंथी दलों पर लगती है। हालांकि, यह भी उल्लेखनीय है कि केरल के वित्तीय संकट में केंद्र-राज्य राजस्व वितरण की भूमिका पर भाजपा चुप्पी साधे रहती है — जो इस बहस का एक अनुत्तरित पहलू है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव चंद्रशेखर ने केरल सरकार पर क्या आरोप लगाए?
राजीव चंद्रशेखर ने केरल सरकार पर आरोप लगाया कि वह आर्थिक संकट के बावजूद जनता से बड़े-बड़े वादे कर रही है और उन्हें पूरा करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने कहा कि सरकार को खुद नहीं पता कि स्थिति सुधारने के लिए क्या किया जाए।
केरल में निजीकरण नीति पर चंद्रशेखर की क्या आपत्ति है?
चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि यदि राज्य के सभी क्षेत्रों का निजीकरण कर दिया गया, तो आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लोग — जो अपने खर्चे खुद नहीं उठा सकते — किस हाल में होंगे। उनके अनुसार यह नीति आम जनता के हित में नहीं है।
चंद्रशेखर ने केरल के विधानसभा सत्र पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए होता है, लेकिन वहाँ पूर्व मुख्यमंत्री इतिहास की बातों में उलझे रहते हैं और वित्त मंत्री वित्तीय मुद्दों को 'सीक्रेट' रखने की वकालत करते हैं। उन्होंने इसे जनतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
चंद्रशेखर ने मीडिया से क्या अपील की थी?
2025 में केरल दौरे के दौरान उन्होंने मीडिया से अपील की थी कि राजनीतिक नाटकबाज़ी को कवर करने के बजाय स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाए। उनका मानना है कि इन्हीं मुद्दों पर ध्यान देने से वास्तविक जनसमस्याओं का समाधान हो सकता है।
केरल की आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा का क्या रुख है?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार केरल की आर्थिक चुनौतियाँ चरम पर हैं और इसके लिए राज्य सरकार की नीतियाँ और कार्यशैली सीधे जिम्मेदार हैं। उन्होंने राज्य सरकार से आत्मचिंतन की माँग करते हुए कहा कि बिना ठोस सुधार के स्थिति और बिगड़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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