10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का हमला: मार्क्सवादी विचारधारा पुरानी, CPM के पास आर्थिक दृष्टि नहीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का हमला: मार्क्सवादी विचारधारा पुरानी, CPM के पास आर्थिक दृष्टि नहीं

सारांश

केरल में LDF की हार के बाद BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मार्क्सवाद को वैचारिक रूप से दिवालिया करार दिया — रूस, चीन और वियतनाम का उदाहरण देते हुए। साथ ही BJP ने 3 सीटें जीतकर केरल में पहली बार इतिहास रचा, जबकि UDF ने 102 सीटों के साथ सत्ता पर कब्ज़ा जमाया।

मुख्य बातें

केरल BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने LDF की हार के बाद सीपीएम की मार्क्सवादी विचारधारा को पुरानी और आर्थिक दृष्टि से विफल करार दिया।
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 140 में से 102 सीटें जीतकर केरल में सत्ता हासिल की।
BJP ने केरल में पहली बार 3 विधानसभा सीटें जीतीं — चंद्रशेखर खुद नेमोम सीट से विजयी रहे।
चंद्रशेखर ने रूस, चीन और वियतनाम का उदाहरण देते हुए कहा कि मार्क्सवादी देश भी अब मुक्त बाजार और निजी निवेश की ओर मुड़ चुके हैं।
BJP अध्यक्ष के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में केरल में भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और मंदिरों के शोषण ने जनता को सीपीएम से दूर किया।

केरल विधानसभा चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की करारी हार के ठीक एक दिन बाद, केरल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार, 6 मई को सीपीएम पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी विचारधारा अब पूरी तरह पुरानी हो चुकी है और वामपंथी गठबंधन के पास केरल के लिए कोई ठोस आर्थिक दृष्टिकोण नहीं था। तिरुवनंतपुरम में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि BJP ने इस चुनाव में 140 में से 3 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है।

सीपीएम की हार के कारण

चंद्रशेखर ने सीपीएम की पराजय को वैचारिक दिवालियेपन से जोड़ा। उन्होंने कहा, ''केरल में जो सीपीएम का हाल है, वही त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भी हुआ है। मार्क्सवादी विचारधारा अब पुरानी हो चुकी है और इसके पास आर्थिक विकास की कोई योजना नहीं है।'' उनके अनुसार, पिछले 10 वर्षों में केरल की जनता को केवल भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और मंदिरों के शोषण का सामना करना पड़ा, जिसके चलते मतदाताओं ने वामपंथी सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया।

वैश्विक संदर्भ में मार्क्सवाद की विफलता

BJP अध्यक्ष ने अपनी बात को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में रखते हुए कहा कि मार्क्सवादी विचारधारा रोजगार पैदा करने में असफल रही है। उन्होंने तर्क दिया कि रूस, चीन और वियतनाम जैसे देश, जो शुरुआत में कट्टर मार्क्सवादी थे, अब मुक्त बाजार, पूंजीवाद, निजी निवेश और उद्यमिता को अपना चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वामपंथी दल देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक ज़मीन खो रहे हैं।

BJP का ऐतिहासिक प्रदर्शन

चंद्रशेखर ने बताया कि यह चुनाव BJP के लिए ऐतिहासिक रहा है क्योंकि पार्टी ने केरल में पहली बार 3 विधानसभा सीटें जीती हैं। पार्टी अध्यक्ष स्वयं नेमोम सीट से विजयी रहे। उन्होंने कहा, ''हमारे 3 विधायक विधानसभा में जाएंगे, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण हमारे कार्यकर्ता हैं जिन्होंने यह जीत संभव बनाई है। यह जीत हजारों कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है।''

यूडीएफ की बड़ी जीत और आगे की राजनीति

इस चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 102 सीटें जीतकर शानदार बहुमत हासिल किया। चंद्रशेखर ने माना कि राज्य में सीपीएम के खिलाफ मज़बूत एंटी-सीपीएम लहर थी, जिसका सबसे अधिक फायदा कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को मिला। गौरतलब है कि केरल में BJP की यह बढ़ती उपस्थिति पार्टी के लिए दक्षिण भारत में पैर जमाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि BJP के तीन विधायक विधानसभा में विपक्ष की भूमिका कैसे निभाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बड़ा विरोधाभास भी छुपा है — BJP स्वयं केरल में मात्र 3 सीटें जीत पाई, जो यह बताता है कि एंटी-सीपीएम लहर का असली लाभार्थी कांग्रेस रही, BJP नहीं। यह सवाल उठता है कि यदि मार्क्सवाद इतना कमज़ोर हो चुका है, तो BJP दक्षिण भारत में अपना वैकल्पिक आर्थिक एजेंडा मतदाताओं तक पहुँचाने में अब तक क्यों संघर्ष कर रही है। त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के उदाहरण सटीक हैं, लेकिन दोनों राज्यों में सीपीएम की जगह BJP या TMC ने ली — केरल में यह जगह UDF ने भरी है। BJP के लिए असली परीक्षा यह है कि इन 3 सीटों को 2031 तक दोहरे अंक में बदलने के लिए क्या ठोस रणनीति है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल विधानसभा चुनाव 2026 में BJP ने कितनी सीटें जीतीं?
BJP ने केरल की 140 विधानसभा सीटों में से 3 सीटें जीतीं, जो पार्टी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। पार्टी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर स्वयं नेमोम सीट से विजयी रहे।
केरल चुनाव 2026 में LDF की हार के क्या कारण बताए गए?
BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर के अनुसार, LDF की हार का मुख्य कारण सीपीएम के पास कोई आर्थिक दृष्टिकोण न होना था। उन्होंने पिछले 10 वर्षों में भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और मंदिरों के शोषण को भी जनता के रोष का कारण बताया।
केरल चुनाव 2026 में UDF ने कितनी सीटें जीतीं?
कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 140 में से 102 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की। चंद्रशेखर ने माना कि एंटी-सीपीएम लहर का सर्वाधिक लाभ UDF को मिला।
राजीव चंद्रशेखर ने मार्क्सवाद की तुलना किन देशों से की?
चंद्रशेखर ने रूस, चीन और वियतनाम का उदाहरण देते हुए कहा कि ये देश शुरुआत में मार्क्सवादी थे, लेकिन अब मुक्त बाजार, पूंजीवाद, निजी निवेश और उद्यमिता को अपना चुके हैं। उनके अनुसार, मार्क्सवादी विचारधारा रोजगार पैदा करने में असफल रही है।
केरल में BJP की जीत ऐतिहासिक क्यों मानी जा रही है?
BJP ने पहली बार केरल विधानसभा में 3 सीटें जीती हैं, जो दक्षिण भारत में पार्टी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले पार्टी का केरल विधानसभा में कोई विधायक नहीं था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले