राजीव चंद्रशेखर: सीपीएम और कांग्रेस केरल के विकास में असफल
सारांश
Key Takeaways
- राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस और सीपीआई (एम) पर विकास में असमर्थता का आरोप लगाया।
- वीडी सतीशन ने यूडीएफ की जीत का विश्वास व्यक्त किया।
- बेरोजगारी के मुद्दे पर नागरिकों की चिंताएँ बढ़ रही हैं।
- राजनीतिक नेताओं का ध्यान राज्य के विकास पर होना चाहिए।
- सार्थक शासन केवल भाजपा-एनडीए के नेतृत्व में संभव है।
तिरुवनंतपुरम, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल की 140 विधानसभा सीटों पर मतदान आज सुबह से जारी है। एर्नाकुलम में मतदान के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन ने पुनः सत्ता में आने का विश्वास व्यक्त किया। वहीं, भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस और सीपीआई (एम) पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों पार्टियाँ राज्य में विकास लाने में असमर्थ हैं।
कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि यूडीएफ 100 से अधिक सीटों के साथ सत्ता में वापस आएगा। मैं पहले से ही यह कहता आ रहा हूं, क्योंकि मैंने तीन महीनों में चार बार पूरे राज्य का दौरा किया है। मुझे रुझान का पता है।"
तिरुवनंतपुरम में वोट डालते समय राजीव चंद्रशेखर ने राष्ट्र प्रेस को बताया, “यह सब बहुत जल्दबाजी है। हम स्पष्ट जनादेश चाहते हैं। हम अपने बलबूते पर बहुमत हासिल करना चाहते हैं। हम राज्य पर शासन करना चाहते हैं, बदलाव लाना चाहते हैं और विकास करना चाहते हैं।”
उन्होंने राजनीतिक कटाक्ष करते हुए कहा, “हम केवल बदलाव या विकास की बातें करने से विकास नहीं मानते हैं। हम सीपीआई (एम) और कांग्रेस को राज्य में कोई विकास लाने में सक्षम नहीं मानते। उनका मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार है।”
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सार्थक शासन और जनहित केवल भाजपा-एनडीए के नेतृत्व में ही संभव होगा। “अगर लोगों को अपने राजनीतिक नेताओं से लाभ चाहिए, तो भाजपा और एनडीए को सरकार में होना होगा।”
चंद्रशेखर ने पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया था। उन्होंने कहा, “मैं बेहद खुश हूं। यह बहुत खुशी का दिन है। यहां पहुंचने से ठीक पहले मुझे प्रधानमंत्री का फोन आया, जिसमें उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को उनकी कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद दिया और पार्टी व एनडीए को शुभकामनाएं दीं।”
तिरुवनंतपुरम में मतदान करने आई एक महिला ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में विकास हुआ है, इसलिए जो हो रहा है, उससे मैं संतुष्ट हूं। पहले ऐसा नहीं हो रहा था, लेकिन अब बदलाव हो रहे हैं। यह अधिक स्पष्ट है, इसलिए हम इससे खुश हैं।"
वहीं, एक अन्य मतदाता ने कहा, "आजकल हमारा राज्य दिन-प्रतिदिन, वर्ष-दर-वर्ष विकास कर रहा है। आशा है कि यह विकास जारी रहेगा।"
तिरुवनंतपुरम में एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा, "केरल में सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। हम ऐसी सरकार चाहते हैं, जो बेरोजगारी की समस्या पर ध्यान दे सके। यही मुख्य मुद्दा है। ज्यादातर केरलवासी खाड़ी देशों में काम करते हैं। अब खाड़ी देशों में समस्याएं खड़ी हो गई हैं। उन्हें कहां जाना चाहिए? किसी को तो उनकी रक्षा करनी होगी। इसलिए अगर हमें अपने देश में रोजगार मिल जाए तो इन समस्याओं को कम किया जा सकता है। यही केरल का मुख्य मुद्दा है। बाकी सब तो चलता रहेगा।"