केंद्र सरकार ने पोर्टर और गिगिन के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर 10 लाख रोजगार का किया वादा

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केंद्र सरकार ने पोर्टर और गिगिन के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर 10 लाख रोजगार का किया वादा

सारांश

केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने पोर्टर और गिगिन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे हर साल 10 लाख रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह पहल डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए है।

Key Takeaways

  • केंद्र सरकार का नया एमओयू पोर्टर और गिगिन के साथ
  • हर साल 10 लाख रोजगार के अवसर प्रदान करेगा
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
  • सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शिता का लाभ श्रमिकों को मिलेगा
  • 2030 तक 30 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रमुख टेक कंपनियों पोर्टर और गिगिन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य रोजगार के नए अवसरों का विस्तार करना और देश के श्रमिकों को तकनीक से जोड़ना है。

इस अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडवीया ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि यह समझौता रोजगार के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका तेजी से बढ़ रही है।

मंत्री ने कहा कि पोर्टर और गिगिन के साथ यह साझेदारी भारत के रोजगार इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके जरिए तकनीक आधारित रोजगार अवसरों को सरकारी पारदर्शिता और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे श्रमिकों को न केवल काम मिलेगा बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी मिल सकेगा।

पोर्टर एक प्रमुख टेक-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म है, जो वर्तमान में देश के 22 शहरों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म ड्राइवर पार्टनर्स को ग्राहकों से जोड़कर लास्ट-माइल डिलीवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस नई साझेदारी के तहत पोर्टर, नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल पर ड्राइविंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा।

कंपनी ने इस पहल के तहत महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। पोर्टर का उद्देश्य हर साल लगभग 6 लाख रोजगार अवसर उपलब्ध कराना है, जबकि वर्ष 2030 तक यह आंकड़ा बढ़ाकर करीब 30 लाख तक पहुंचाने की योजना है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मनसुख मांडवीया ने लिखा, "युवाओं को नए अवसरों के साथ सशक्त बनाना। आज, नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल ने पोर्टर और गिगिन के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इससे हमारी युवा शक्ति के लिए सालाना लगभग 10 लाख रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।"

उन्होंने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार युवाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और भारत के कार्यबल को सुदृढ़ करने के प्रति दृढ़ संकल्पित है।"

Point of View

बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
NationPress
21/04/2026

Frequently Asked Questions

इस एमओयू से कितने रोजगार के अवसर मिलेंगे?
इस एमओयू के तहत हर साल लगभग 10 लाख रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
पोर्टर क्या है?
पोर्टर एक टेक-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म है, जो ड्राइवर पार्टनर्स को ग्राहकों से जोड़ने का कार्य करता है।
गिगिन क्या है?
गिगिन भी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का काम करता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य रोजगार के नए अवसरों का विस्तार करना और श्रमिकों को तकनीक से जोड़ना है।
क्या यह समझौता केवल पोर्टर और गिगिन तक सीमित है?
नहीं, यह समझौता अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए भी संभावनाएं खोलता है।
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