केरल BJP ने सतीशन सरकार के 100 दिन पर साधा निशाना, राजीव चंद्रशेखर बोले — 'सिर्फ निराशा मिली'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 24 अगस्त 2026 को केरल की वीडी. सतीशन सरकार के 100 दिन पूरे होने पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक राजीव चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने, राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ाने और अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक राजनीति का सहारा लेने का आरोप लगाया।
100 दिन की समीक्षा: BJP का आकलन
केरल विधानसभा में BJP के तीन विधायकों में से एक राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि किसी भी सरकार के पहले 100 दिन उसके चुनावी वादों की कसौटी होते हैं। उन्होंने दावा किया कि सतीशन सरकार ने जनता से पाँच गारंटियाँ देने का वादा किया था, किंतु उनमें से केवल एक ही पूरी की गई। चंद्रशेखर ने सरकार से सीधे सवाल किया, 'बाकी गारंटियों का क्या हुआ?' और सत्ता में आने की वजह बने वादों पर सफाई माँगी।
भ्रष्टाचार और आर्थिक मोर्चे पर आरोप
BJP नेता ने पिछली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के कांग्रेस के चुनावी वादे को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
आर्थिक मोर्चे पर चंद्रशेखर ने दावा किया कि सतीशन सरकार ने अपने पहले 100 दिनों में केरल पर ₹12,500 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लाद दिया, जबकि नया निवेश आकर्षित करने या बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में यह सरकार नाकाम रही है।
सांप्रदायिक राजनीति का आरोप
चंद्रशेखर का सबसे तीखा प्रहार सरकार के गैर-सांप्रदायिक शासन के वादे को लेकर था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वीडी. सतीशन ने सांप्रदायिकता-मुक्त प्रशासन का वचन दिया था, लेकिन अब वे स्वयं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और जमात-ए-इस्लामी के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। BJP ने इसे चुनावी वादे से खुला विचलन बताया।
पलक्कड़ रेलवे डिवीजन और मेसी विवाद
चंद्रशेखर ने पलक्कड़ रेलवे डिवीजन के प्रस्तावित विभाजन से जुड़े विवाद पर भी सरकार को घेरा। उनका आरोप था कि सरकार इस मुद्दे को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP केरल में रेलवे अवसंरचना के विस्तार के पक्ष में है, लेकिन किसी भी प्रशासनिक पुनर्गठन — जिसमें जिलों का प्रस्तावित विभाजन भी शामिल है — से पहले व्यापक विचार-विमर्श होना चाहिए।
इसके अलावा, BJP प्रदेश अध्यक्ष ने फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के प्रस्तावित केरल दौरे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जाँच की माँग की। उन्होंने तर्क दिया कि इस मामले को राज्य के विजिलेंस विभाग के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए और आरोप लगाया कि खेल क्षेत्र में किए गए वादे भी धोखाधड़ी में बदल रहे हैं।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब सतीशन सरकार अपने 100 दिनों की उपलब्धियाँ गिना रही है और विपक्ष के हमले तेज हो रहे हैं। BJP का यह आक्रामक रुख केरल में पार्टी की बढ़ती राजनीतिक महत्वाकांक्षा को भी दर्शाता है, जहाँ वह अपनी विधानसभा उपस्थिति को और मजबूत करने की कोशिश में है। सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।