छत्तीसगढ़-MP समेत 5 राज्यों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, दिल्ली में आंधी-बिजली की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और केरल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले 24 घंटों के भीतर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। नई दिल्ली के लिए भी ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहाँ तेज़ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है।
मौसम प्रणाली की स्थिति
IMD के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव के अनुसार, पूर्वी और मध्य भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला एक कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल गंगा के मैदानी इलाकों में पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड तथा उत्तरी ओडिशा के आसपास सक्रिय है। यह प्रणाली अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे मध्य भारत में वर्षा और तेज़ होगी।
गौरतलब है कि मानसून के इस चरण में कम दबाव के क्षेत्र का पश्चिम की ओर खिसकना स्वाभाविक है, लेकिन इसकी तीव्रता और गति ही यह तय करेगी कि किन क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनेंगे।
प्रभावित राज्य और अलर्ट का स्तर
श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। इन सभी राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही केरल को भी ऑरेंज अलर्ट की सूची में शामिल किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर पर असर
राजधानी नई दिल्ली में सोमवार को हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और घंटों तक यातायात जाम की स्थिति बनी रही। IMD के अनुसार, आने वाले समय में भी दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। नागरिकों को आंधी-तूफान और बिजली गिरने के मद्देनज़र सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में मौसम का हाल
भोपाल IMD के निदेशक डॉ. अंजित अंजन ने बताया कि भोपाल में बारिश जारी है और आने वाले तीन से चार दिनों तक वर्षा का यह दौर बना रहेगा। हालाँकि, भोपाल के लिए अभी भारी बारिश की विशेष चेतावनी नहीं दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगस्त माह के शेष दिनों में राज्य में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी।
आगे क्या होगा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, कम दबाव का यह क्षेत्र जैसे-जैसे पश्चिम की ओर बढ़ेगा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी वर्षा की गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं। प्रभावित राज्यों के प्रशासन को सतर्क रहने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय पर सूचित करने की आवश्यकता है। यह ऐसे समय में आया है जब अगस्त के अंतिम सप्ताह में मानसून की सक्रियता पूरे मध्य और पूर्वी भारत में अपने चरम पर होती है।