15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान में आंधी-बारिश का IMD अलर्ट: अगले 4-5 दिन 60-70 km/h हवाएं, ओलावृष्टि की चेतावनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान में आंधी-बारिश का IMD अलर्ट: अगले 4-5 दिन 60-70 km/h हवाएं, ओलावृष्टि की चेतावनी

सारांश

पश्चिमी विक्षोभ और पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के दोहरे असर से राजस्थान में मौसम पलटा हुआ है। IMD ने 7 संभागों में 60-70 km/h हवाओं, ओलावृष्टि और बिजली की चेतावनी दी है। धौलपुर में 58 मिमी बारिश और कुछ जिलों में 10°C तक तापमान गिरावट दर्ज।

मुख्य बातें

IMD ने 30 मई 2025 को राजस्थान के कई संभागों में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की।
अगले 4 से 5 दिनों तक दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान।
बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग में 60-70 km/h तेज हवाओं की चेतावनी।
धौलपुर के बाड़ी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 58 मिमी बारिश दर्ज।
कुछ जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरा; अधिकतम तापमान 44°C से नीचे रहने की संभावना।
मौसमी अस्थिरता के पीछे उत्तर-पश्चिम UP और मध्य पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय दो चक्रवाती परिसंचरण जिम्मेदार।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 मई 2025 को राजस्थान के कई संभागों के लिए आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियाँ जारी रहने का अनुमान है। इस मौसमी बदलाव ने तपती गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को अस्थायी राहत दी है।

मुख्य मौसमी चेतावनियाँ

जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई, जिसमें धौलपुर जिले के बाड़ी क्षेत्र में सर्वाधिक 58 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

वायुमंडलीय कारण

IMD के अनुसार मौजूदा मौसम गतिविधियों के पीछे कई वायुमंडलीय प्रणालियाँ एक साथ सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है, जो समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके साथ ही मध्य पाकिस्तान के ऊपर भी एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में मौसम अस्थिर बना हुआ है।

ज़मीनी असर: धूल-आंधी और तापमान में गिरावट

शनिवार सुबह से ही श्रीगंगानगर और उदयपुर समेत कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। श्रीगंगानगर में सुबह करीब 11 बजे धूलभरी आंधी चली, जिससे शहर के कई हिस्सों में धूल का गुबार छा गया और कुछ स्थानों पर रेत के बवंडर जैसे हालात बने।

शुक्रवार को पूर्वोत्तर राजस्थान के कई जिलों में हुई बारिश और आंधी से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई — कुछ इलाकों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, अलवर, जयपुर, भरतपुर, झुंझुनूं और करौली जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई।

आम जनता पर असर

मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा मौसम प्रणाली के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है। यह उन लाखों लोगों के लिए राहत की बात है जो मई के अंत में भीषण गर्मी और लू की चपेट में थे। हालांकि, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आगे का मौसम पूर्वानुमान

IMD के अनुसार यह मौसमी अस्थिरता अगले 4 से 5 दिनों तक बनी रहेगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियाँ सामान्यतः जून के दूसरे सप्ताह से शुरू होती हैं। विभाग ने किसानों, यात्रियों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार दो अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरणों का एक साथ सक्रिय होना मौसम की अनिश्चितता को बढ़ाता है। IMD की चेतावनी समय पर है, परंतु 7 संभागों में एक साथ अलर्ट यह भी संकेत देता है कि प्री-मानसून पैटर्न इस साल अधिक व्यापक और अनियमित है। किसानों के लिए ओलावृष्टि की चेतावनी विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि खरीफ की बुवाई की तैयारी का यह नाजुक दौर है। तापमान में राहत स्वागत योग्य है, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान के प्रति प्रशासनिक तैयारी की समीक्षा जरूरी है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट कितने दिनों तक रहेगा?
IMD के अनुसार राजस्थान में अगले 4 से 5 दिनों तक आंधी-बारिश की गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है। दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
राजस्थान के किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश हुई?
पिछले 24 घंटों में धौलपुर जिले के बाड़ी क्षेत्र में सर्वाधिक 58 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, अलवर, जयपुर, भरतपुर, झुंझुनूं और करौली में भी बारिश और ओलावृष्टि दर्ज हुई।
राजस्थान में मौसम बदलने का कारण क्या है?
मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के कारण है, जो उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। मध्य पाकिस्तान के ऊपर भी एक अलग ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
क्या राजस्थान में गर्मी से राहत मिलेगी?
हाँ, IMD के अनुसार मौजूदा मौसम प्रणाली के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है। कुछ जिलों में तापमान पहले ही 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है।
राजस्थान में किन संभागों के लिए तेज हवाओं की चेतावनी है?
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले