राजस्थान में आंधी-बारिश का IMD अलर्ट: अगले 4-5 दिन 60-70 km/h हवाएं, ओलावृष्टि की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 मई 2025 को राजस्थान के कई संभागों के लिए आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियाँ जारी रहने का अनुमान है। इस मौसमी बदलाव ने तपती गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को अस्थायी राहत दी है।
मुख्य मौसमी चेतावनियाँ
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई, जिसमें धौलपुर जिले के बाड़ी क्षेत्र में सर्वाधिक 58 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
वायुमंडलीय कारण
IMD के अनुसार मौजूदा मौसम गतिविधियों के पीछे कई वायुमंडलीय प्रणालियाँ एक साथ सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है, जो समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके साथ ही मध्य पाकिस्तान के ऊपर भी एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में मौसम अस्थिर बना हुआ है।
ज़मीनी असर: धूल-आंधी और तापमान में गिरावट
शनिवार सुबह से ही श्रीगंगानगर और उदयपुर समेत कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। श्रीगंगानगर में सुबह करीब 11 बजे धूलभरी आंधी चली, जिससे शहर के कई हिस्सों में धूल का गुबार छा गया और कुछ स्थानों पर रेत के बवंडर जैसे हालात बने।
शुक्रवार को पूर्वोत्तर राजस्थान के कई जिलों में हुई बारिश और आंधी से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई — कुछ इलाकों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, अलवर, जयपुर, भरतपुर, झुंझुनूं और करौली जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई।
आम जनता पर असर
मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा मौसम प्रणाली के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है। यह उन लाखों लोगों के लिए राहत की बात है जो मई के अंत में भीषण गर्मी और लू की चपेट में थे। हालांकि, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
IMD के अनुसार यह मौसमी अस्थिरता अगले 4 से 5 दिनों तक बनी रहेगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियाँ सामान्यतः जून के दूसरे सप्ताह से शुरू होती हैं। विभाग ने किसानों, यात्रियों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।