राजस्थान के 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 8 जून से पश्चिमी राजस्थान में फिर लू का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 जून 2026 को राजस्थान के 25 जिलों के लिए आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया। साथ ही मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 8 जून से पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी और लू की स्थिति एक बार फिर लौट सकती है। राज्य में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते अभी कुछ दिन गर्मी से राहत बनी रहेगी।
ताज़ा बारिश और तापमान में गिरावट
4 जून की शाम से 5 जून की सुबह के बीच बांसवाड़ा, बूंदी और भीलवाड़ा समेत कई जिलों में तीन इंच तक बारिश दर्ज की गई। चूरू, हनुमानगढ़ और बीकानेर के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई। इन जिलों में तेज़ हवाओं और बारिश के कारण तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।
जयपुर, दौसा, करौली, डूंगरपुर और नागौर में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। 4 और 5 जून की बारिश से जयपुर, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग में भी तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई।
प्रमुख वर्षा आंकड़े
सबसे अधिक 75 मिलीमीटर बारिश शाहपुरा (भीलवाड़ा) में दर्ज की गई। अजमेर में 45 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि नैनवां (बूंदी), कचोला (भीलवाड़ा) और बयाना (भरतपुर) में 34-34 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। भैंसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़) और वैर (भरतपुर) में 31-31 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
शुक्रवार दोपहर बीकानेर संभाग में मौसम अचानक बदला — बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में घने बादल छाए, धूल भरी आंधी चली और कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे।
राज्य के प्रमुख तापमान आंकड़े
मौसम में बदलाव के बावजूद फलोदी में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसलमेर में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस रहा। श्रीगंगानगर में 41.5, बाड़मेर में 40.8, जोधपुर में 39.5, बीकानेर में 39.2, जालौर, चूरू और पाली में 38, हनुमानगढ़ में 37.5, पिलानी में 37.2 और उदयपुर में 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान में जोधपुर सबसे गर्म रहा — 31.9 डिग्री सेल्सियस। सबसे कम न्यूनतम तापमान वनस्थली (टोंक) में 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
8 जून के बाद मौसम का पूर्वानुमान
IMD के अनुसार अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 8 जून से मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा और पश्चिमी राजस्थान में लू की स्थिति फिर से बन सकती है। विभाग ने नागरिकों को आंधी-तूफान और तेज़ हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। गौरतलब है कि यह राहत अस्थायी है — मानसून के आगमन से पहले लू का यह चक्र राजस्थान में हर साल जून में दोहराता है।