दिल्ली-एनसीआर में लू का रेड अलर्ट, 8-11 जून तक भीषण गर्मी; 11-12 जून से बारिश की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जून 2026 को चेतावनी जारी की है कि दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बड़े हिस्से अगले कई दिनों तक भीषण लू और तेज गर्मी की चपेट में रहेंगे। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर भारत तक उसकी पहुँच अभी नहीं हुई है। 11-12 जून के आसपास हल्की बारिश और तेज़ हवाओं के साथ आंशिक राहत मिलने के संकेत हैं।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में लू का अलर्ट
IMD के अनुसार 8 से 11 जून के बीच दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। दिन के तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे उमस और गर्मी का दोहरा असर महसूस होगा। 11-12 जून को इन्हीं क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकते हैं।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में स्थिति
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 10 जून तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जून तक लू चलने की आशंका जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 से 12 जून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11-12 जून को छिटपुट बारिश हो सकती है।
राजस्थान में मौसम सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पश्चिमी राजस्थान में 7 जून को तेज़ धूलभरी आंधी की संभावना है, जिसमें हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। इसके बाद 8 से 12 जून तक पश्चिमी राजस्थान में भीषण लू जारी रहने का पूर्वानुमान है। पूर्वी राजस्थान में 6 से 12 जून के दौरान छिटपुट बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों और मध्य भारत का हाल
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 7 से 12 जून तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हिमाचल प्रदेश में 6-8 जून और 11-12 जून के दौरान तथा उत्तराखंड में 6 से 12 जून तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में 12 जून तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है। विदर्भ में अगले तीन दिन 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान के साथ तेज़ हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में 8 से 12 जून तक इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है।
मानसून की प्रगति
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 6 जून को अरब सागर के पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य हिस्सों, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ भागों, तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के कई क्षेत्रों तथा मिज़ोरम और मणिपुर तक अपनी पहुँच बनाई है। अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के और अधिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने की परिस्थितियाँ अनुकूल बताई गई हैं।
इसके बाद के 4 से 5 दिनों में मानसून के छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ और हिस्सों में पहुँचने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पारा लगातार ऊँचा बना हुआ है और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
आम जनता पर असर और सावधानी
गौरतलब है कि लू की स्थिति में बुज़ुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मज़दूरों को सबसे अधिक खतरा रहता है। IMD ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। 11-12 जून के बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने और मौसम के करवट लेने की उम्मीद है।