एनसीआर में 21-22 जुलाई को येलो अलर्ट: मानसून फिर सक्रिय, तेज़ हवा-बारिश-बिजली की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है और इसका सबसे तीव्र असर 21 व 22 जुलाई 2025 को देखने को मिलेगा। इन दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना जताई गई है।
20 जुलाई: बिना चेतावनी के मध्यम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 20 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा और मध्यम बारिश की संभावना है। इस दिन कोई मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है।
21-22 जुलाई: येलो अलर्ट, भारी बारिश और तेज़ हवाओं का खतरा
21 जुलाई को मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पूरे दिन आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश हो सकती है। सुबह से लेकर शाम तक — पूर्वाह्न, दोपहर और सायंकाल — गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
22 जुलाई को भी मौसम का मिज़ाज बदला रहेगा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह और दोपहर के समय गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। IMD ने इस दिन के लिए भी येलो अलर्ट बरकरार रखा है।
23 से 25 जुलाई: बिना चेतावनी के सुहावना मौसम
23 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश हो सकती है, हालाँकि इस दिन कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 24 और 25 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री तथा न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोनों दिन सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और मौसम सुहावना बना रहेगा।
गर्मी और उमस से राहत, लेकिन सतर्कता ज़रूरी
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह में लगातार बादलों की आवाजाही और रुक-रुककर होने वाली बारिश के कारण तापमान नियंत्रित रहेगा। इससे एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से महसूस की जा रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
हालाँकि IMD ने 21 और 22 जुलाई को लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून की धीमी गति को लेकर चिंता जताई जा रही थी।