राजस्थान के 33 जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट: मानसून फिर सक्रिय, IMD ने जारी की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार, 21 जुलाई को राजस्थान के सभी 33 जिलों में आंधी-तूफान और भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया। करीब दो सप्ताह की कमज़ोरी के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन दिनों तक हल्की से भारी बारिश की संभावना है।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार को जयपुर, उदयपुर, अलवर, भीलवाड़ा, कोटा, चित्तौड़गढ़, दौसा और सीकर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। जयपुर में सोमवार देर शाम शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह तक रुक-रुक कर जारी रही, जिससे अधिकतम तापमान लगभग 3 डिग्री सेल्सियस गिरकर 34.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश करौली जिले के टोडाभीम में 32 मिमी दर्ज की गई। सीकर में बारिश रात भर तेज़ बनी रही, जिसके चलते कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
बारिश के आँकड़े
IMD के आँकड़ों के अनुसार, सीकर ग्रामीण में 119 मिमी और धोद में 116 मिमी बारिश दर्ज की गई — जो इस मौसम में ज़िले की अब तक की सर्वाधिक एकल-दिवसीय वर्षा में से एक है। पलसाना में 42 मिमी, रींगस में 45 मिमी और लक्ष्मणगढ़ में 38 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
नवलगढ़ रोड के कुछ हिस्सों में चार फीट तक पानी जमा हो जाने से सामान्य यातायात बाधित रहा।
मौसम विभाग की व्याख्या
IMD के अनुसार, मॉनसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में लौट आया है, जिससे बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएँ पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में सक्रिय हो गई हैं। मंगलवार को कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और बीकानेर संभागों के कई हिस्सों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बुधवार से कोटा, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर संभागों में मानसून के और मज़बूत होने का अनुमान है। विशेष रूप से जयपुर और भरतपुर संभागों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
तापमान पर असर
मानसून के पुनः सक्रिय होने के बावजूद, लंबे सूखे के कारण उत्तरी राजस्थान के कुछ जिलों में तापमान ऊँचा बना रहा। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में भी पारा 40.5 डिग्री सेल्सियस पर रहा।
इसके विपरीत, श्री डूंगरगढ़ (बीकानेर) के कितासर गाँव में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे खड़ी फसलों को आवश्यक नमी मिली और वर्षा-आधारित कृषि क्षेत्रों में खेती की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद जगी है।
IMD की सावधानी और आगे की स्थिति
IMD ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने विशेष रूप से निचले इलाकों और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में भीषण गर्मी से राहत की दरकार थी — और मानसून का यह पुनरुत्थान किसानों व आम जनता दोनों के लिए राहत की खबर है।