राजस्थान में मानसून सक्रिय: उदयपुर, कोटा, जयपुर समेत कई संभागों में अगले 5-7 दिन भारी बारिश का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और 5 जुलाई 2025 को जयपुर स्थित मौसम विभाग ने आगामी सप्ताह के लिए व्यापक पूर्वानुमान जारी किया है। पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि राज्यभर में मेघगर्जन और तेज हवाओं का सिलसिला बना हुआ है।
मानसून की वर्तमान स्थिति
राजस्थान मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, मानसून फिलहाल पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा उदयपुर, अजमेर और झुंझुनूं से होकर गुजर रही है। उन्होंने बताया कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून राज्य के और अधिक हिस्सों में विस्तार पा सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के निकट एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव राजस्थान के मौसम पर पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त मौसमी ट्रफ लाइन दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से होकर गुजर रही है, जिससे नमी और बारिश की गतिविधियाँ और तेज हुई हैं।
तापमान में गिरावट
मानसून की सक्रियता के चलते राज्य के कई स्थानों पर तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों को छोड़कर शेष राज्य में आंधी और बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है।
किन जिलों में भारी बारिश का अनुमान
आज के पूर्वानुमान के अनुसार उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और जयपुर संभाग के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।
आगामी 5 से 7 दिनों के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। विशेष रूप से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे नदी-नालों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी आने वाले दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी राजस्थान आमतौर पर मानसून की दस्तक के लिए अंतिम क्षेत्र रहता है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि भारी से अतिभारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और नदी-नालों के किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग के ताज़ा अनुमानों के अनुसार अगले सप्ताह तक बारिश का दायरा और व्यापक होने की संभावना है, जो किसानों के लिए राहत की खबर हो सकती है।