राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय, IMD का अगले सप्ताह तक भारी बारिश का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 जुलाई को राजस्थान में पूरी तरह सक्रिय हो गया है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि मौसम प्रणालियाँ एक साथ सक्रिय होने से राज्य में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की पूरी संभावना है।
मौसम प्रणाली का ताज़ा हाल
शर्मा के अनुसार, फिलहाल उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों पर एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के इलाकों पर एक परिसंचरण तंत्र भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में बारिश की गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं।
पिछले 24 घंटे की बारिश
पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में मध्यम से भारी स्तर की बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक वर्षा सांभर-जयपुर क्षेत्र में 84 मिमी रिकॉर्ड की गई, जो इस मौसम की उल्लेखनीय बारिश मानी जा रही है।
किन इलाकों में रहेगा सबसे ज़्यादा असर
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, उदयपुर संभाग और कोटा संभाग तथा उनके आसपास के क्षेत्रों में अगले 4-5 दिनों तक कहीं-कहीं भारी और अति भारी बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में भी मेघगर्जन, तेज़ आँधी और हल्की से मध्यम बारिश में बढ़ोतरी का अनुमान है।
सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति
शर्मा ने बताया कि राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में अभी भी केवल कुछ ही स्थानों पर बारिश की गतिविधियाँ देखी जा रही हैं। हालाँकि, अगले एक सप्ताह में राज्य के शेष इलाकों में भी मानसून के पहुँचने की प्रबल संभावना है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश के अधिकांश राज्यों में मानसून सामान्य से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
आगे क्या उम्मीद करें
IMD के अनुसार, आने वाले सप्ताह में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय बना रहेगा और मध्यम से तेज़ बारिश जारी रहने की संभावना है। किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, विशेषकर निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को।