राजस्थान में 10-11 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट: 7 जिलों में ऑरेंज, 24 में येलो चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग ने 10 और 11 अगस्त को दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की भी संभावना है। विभाग ने 7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 24 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जो दर्शाता है कि इस बार का मानसून राज्य में पूरी तरह सक्रिय है।
मौसमी प्रणालियाँ और कारण
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सटे इलाकों में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। मानसून ट्रफ भी उत्तर से दक्षिण की ओर खिसककर अपनी सामान्य स्थिति में लौट आया है।
यह ट्रफ वर्तमान में बीकानेर, ग्वालियर, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पुरी से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त, उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन संयुक्त मौसमी प्रणालियों के कारण राज्य में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी है।
रविवार की बारिश का असर
रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने राजस्थान के कई शहरों में जनजीवन को प्रभावित किया। जयपुर का कानोता बांध ओवरफ्लो हो गया, जबकि बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में सड़कें और गलियाँ पानी में डूब गईं। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी भारी वर्षा दर्ज की गई। बारां के शाहबाद क्षेत्र में लगभग 2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
तापमान में उतार-चढ़ाव
बारिश के प्रभाव से नागौर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा और प्रतापगढ़ में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। वहीं, झुंझुनू, अलवर और चूरू में तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखी गई। रविवार को पूरे राजस्थान में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। राज्य में सर्वाधिक तापमान बाड़मेर में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश कब तक जारी रहेगी
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में बारिश का यह दौर 13 अगस्त तक बने रहने की संभावना है। 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने लगेगा, जबकि पूर्वी राजस्थान में वर्षा गतिविधि 15 अगस्त से कम होने का अनुमान है। स्वतंत्रता दिवस तक मौसम के सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।