29 जुलाई 2026
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राजस्थान में मानसून का कहर: जयपुर की सड़कें जलमग्न, धौलपुर के बाजार डूबे; 22 जिलों में येलो अलर्ट

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राजस्थान में मानसून का कहर: जयपुर की सड़कें जलमग्न, धौलपुर के बाजार डूबे; 22 जिलों में येलो अलर्ट

सारांश

राजस्थान में मानसून ने 29 जुलाई को रफ्तार पकड़ी — जयपुर में 35 मिनट की बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया और धौलपुर के राजाखेड़ा में बाजार डूब गए। बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव ने मानसून ट्रफ को मजबूत किया है; IMD ने 22 जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए 2 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

29 जुलाई को जयपुर में 35 मिनट की तेज बारिश से टोंक रोड, रामबाग, चारदीवारी, सी-स्कीम समेत कई इलाके जलमग्न हुए।
धौलपुर के राजाखेड़ा में बाजार और निचले इलाके डूबे; बसेड़ी व सैपऊ में मकानों को नुकसान, कोई हताहत नहीं।
IMD ने राज्य के 22 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया; 2 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान।
पिछले 24 घंटों में टोंक में 101 मिमी और झालरापाटन में 87 मिमी वर्षा दर्ज।
30-31 जुलाई को उदयपुर और कोटा संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
अजमेर में सामान्य से 46.5% अधिक बारिश; उदयपुर में सामान्य से 24% कम वर्षा।

राजस्थान में बुधवार, 29 जुलाई को मानसून ने पूरी ताकत दिखाई। राजधानी जयपुर में दोपहर करीब 35 मिनट की मूसलाधार बारिश ने शहर की प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया, जबकि धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में बाजार और आवासीय क्षेत्र पानी में डूब गए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 22 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और 2 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान जताया है।

जयपुर में जलभराव: कहाँ-कहाँ रुका पानी

जयपुर में तेज बारिश के कारण टोंक रोड, रामबाग, परकोटा क्षेत्र (चारदीवारी), अजमेरी गेट, 22 गोदाम और सी-स्कीम समेत कई इलाकों में पानी भर गया। जगतपुरा रोड पर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी हुई। कई लोग बस स्टॉप पर रुककर बारिश थमने का इंतजार करते नजर आए।

धौलपुर में नुकसान, हताहत की खबर नहीं

धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में भारी बारिश से बाजार और निचले इलाके जलमग्न हो गए, जिससे सामान्य जनजीवन बाधित हुआ। जिले के बसेड़ी और सैपऊ क्षेत्रों में कुछ मकानों को नुकसान पहुँचा, हालाँकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मौसम विशेषज्ञ क्या कहते हैं

जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) और मजबूत हो गया है। इसके चलते मानसून ट्रफ इस प्रणाली की ओर खिसक गई है, जिससे पूरे राजस्थान में मानसून सक्रिय हो गया है। उन्होंने कहा कि अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

वर्षा के आँकड़े और तापमान में गिरावट

पिछले 24 घंटों में टोंक में 101 मिमी और झालावाड़ के झालरापाटन में 87 मिमी बारिश दर्ज की गई — टोंक में सर्वाधिक वर्षा रही। मंगलवार को झालावाड़, भरतपुर, जयपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा सहित कई जिलों में 1 से 4 इंच तक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

बारिश के असर से जयपुर, चित्तौड़गढ़, सीकर, पिलानी, अलवर, चूरू, करौली और दौसा सहित कई जिलों में तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। हालाँकि उत्तर राजस्थान के कुछ हिस्सों में दिन में गर्मी बनी रही — श्रीगंगानगर में पारा 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, लेकिन शाम की बारिश ने राहत दी।

आगे क्या: अगस्त में और तेज होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 जुलाई को उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियाँ और तेज होने का अनुमान है, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में सामान्य मानसूनी परिस्थितियाँ बनी रहेंगी। उल्लेखनीय है कि उदयपुर में अब तक 205 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य 271 मिमी की तुलना में करीब 24 प्रतिशत कम है, वहीं अजमेर में जून से अब तक 308.7 मिमी वर्षा दर्ज हुई है — सामान्य से 46.5 प्रतिशत अधिक। येलो अलर्ट वाले जिलों के निवासियों को निचले इलाकों और जलभराव संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चारदीवारी, सी-स्कीम — यह संयोग नहीं, बल्कि शहरी जल-निकासी ढाँचे की दशकों पुरानी विफलता का प्रमाण है। येलो अलर्ट जारी करना प्रतिक्रियात्मक उपाय है; असली सवाल यह है कि नगर निगम और राज्य सरकार ने पिछले मानसून के बाद से जलभराव रोकने के लिए कौन-से ठोस कदम उठाए। अजमेर में सामान्य से 46.5% अधिक और उदयपुर में 24% कम बारिश — यह असमान वितरण दर्शाता है कि राजस्थान में मानसून प्रबंधन के लिए जिला-स्तरीय, न कि एकरूप, रणनीति की ज़रूरत है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में येलो अलर्ट किन जिलों के लिए जारी किया गया है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राजस्थान के 22 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 2 अगस्त तक राज्य में मानसून सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
जयपुर में 29 जुलाई को किन इलाकों में जलभराव हुआ?
जयपुर में टोंक रोड, रामबाग, परकोटा क्षेत्र (चारदीवारी), अजमेरी गेट, 22 गोदाम और सी-स्कीम समेत कई इलाकों में पानी भर गया। जगतपुरा रोड पर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को विशेष परेशानी हुई।
धौलपुर में बारिश से कितना नुकसान हुआ?
धौलपुर के राजाखेड़ा कस्बे में बाजार और निचले इलाके जलमग्न हो गए। बसेड़ी और सैपऊ क्षेत्रों में कुछ मकानों को नुकसान पहुँचा, हालाँकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
राजस्थान में मानसून इतना सक्रिय क्यों हो गया?
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) और मजबूत हो गया है। इससे मानसून ट्रफ इस प्रणाली की ओर खिसक गई, जिसके चलते पूरे राजस्थान में बारिश तेज हुई।
आने वाले दिनों में राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 जुलाई को उदयपुर और कोटा संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियाँ और तेज होने का अनुमान है, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में सामान्य मानसूनी परिस्थितियाँ बनी रहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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