राजस्थान में भारी बारिश का ऑरेंज-येलो अलर्ट, माउंट आबू में 195 मिमी वर्षा दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 26 जुलाई को राजस्थान के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि शुक्रवार को माउंट आबू (सिरोही) में एक ही दिन में 195 मिमी (लगभग 8 इंच) वर्षा दर्ज की गई — जो राज्य में इस मानसून सीजन की सर्वाधिक एकल-दिवसीय वर्षा में से एक है। जोधपुर में मूसलाधार बारिश के कारण कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
मुख्य वर्षा आँकड़े
शुक्रवार को राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर दर्ज वर्षा इस प्रकार रही: माउंट आबू (सिरोही) में 195 मिमी, जवाई (पाली) में 97 मिमी, बापिनी (जोधपुर) में 81 मिमी, करणपुर (श्रीगंगानगर) में 66 मिमी, कल्याणपुर (बाड़मेर) में 57 मिमी, बालोतरा में 56 मिमी, जवाजा (अजमेर) में 52 मिमी, सरवर (अजमेर) में 50 मिमी, गढ़बोर (राजसमंद) में 47 मिमी, देसूरी (पाली) में 38 मिमी, पाली शहर में 27 मिमी और कुंभलगढ़ में 28 मिमी वर्षा हुई।
इससे पहले सिरोही, जोधपुर, बाड़मेर, पाली और जालोर जिलों में भी भारी वर्षा दर्ज की गई थी।
मौसम विभाग की चेतावनी
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले दो दिनों तक उदयपुर और जोधपुर डिवीजन के कुछ हिस्सों में मानसून विशेष रूप से सक्रिय रहेगा। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, बीकानेर, अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर डिवीजन के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा की उम्मीद है। मानसून 27 जुलाई तक सक्रिय रहने के बाद 28 जुलाई से बारिश की गतिविधि थोड़ी कम होने का अनुमान है।
जल संसाधनों पर असर
मानसून की विलंबित शुरुआत और लंबे सूखे दौर के बाद हाल की बारिश ने राज्य की जल स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। 2 जुलाई से 40 से अधिक ऐसे बाँधों में पानी का प्रवाह शुरू हो गया है जो पहले सूख चुके थे।
दौसा में स्थित मोरेल बाँध और टोंक में स्थित मानसागर बाँध अब पूरी क्षमता से भर गए हैं — यह उन किसानों और स्थानीय समुदायों के लिए राहत की खबर है जो महीनों से पानी की कमी से जूझ रहे थे।
असमान वर्षा वितरण की चिंता
गौरतलब है कि राहत के बावजूद मानसून का वितरण असमान बना हुआ है। इस सीजन में अब तक केवल पाँच जिलों — ब्यावर, बीकानेर, डिडवाना-कुचामन, फलोदी और सालुमबार — में ही सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
दूसरी ओर, दौसा, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, करौली, खैरथल-तिजारा, पाली, सवाई माधोपुर, सिरोही और उदयपुर सहित 12 जिलों में कम बारिश जारी है, जबकि मानसून के विलंबित आगमन और मध्य-मौसम के लंबे शुष्क दौर के कारण 27 जिलों में औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है। यह स्थिति राज्य के कृषि और जल प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक चुनौती बनी हुई है।