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मिस ब्रिगेंजा मेरी जीत भी है, कमी भी: अर्चना पूरन सिंह का 'आदर्श बाल विद्यालय' पर खुलासा

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मिस ब्रिगेंजा मेरी जीत भी है, कमी भी: अर्चना पूरन सिंह का 'आदर्श बाल विद्यालय' पर खुलासा

सारांश

मिस ब्रिगेंजा का किरदार अर्चना पूरन सिंह को आज भी परिभाषित करता है — और वह खुद इसे अपनी सबसे बड़ी जीत और सबसे बड़ी चुनौती दोनों मानती हैं। 'आदर्श बाल विद्यालय' में उर्मिला के रूप में वह उस पहचान से बाहर निकलने की कोशिश कर रही हैं जो 27 साल पहले बनी थी।

मुख्य बातें

अर्चना पूरन सिंह ने 1998 की फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में मिस ब्रिगेंजा का किरदार निभाया था, जो आज भी उनकी पहचान बना हुआ है।
उन्होंने स्वीकार किया कि मिस ब्रिगेंजा उनकी जीत भी है और कमी भी — क्योंकि पिछले 20–25 वर्षों में वह इसे पीछे छोड़ने वाला किरदार नहीं कर पाईं।
नई वेब सीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' में उन्होंने उर्मिला का किरदार निभाया है — एक राजनीतिक रसूख वाली महिला, जो मिस ब्रिगेंजा से बिल्कुल अलग है।
सीरीज का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है; के के मेनन और नवीन कस्तूरिया भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
अर्चना ने धर्मा प्रोडक्शंस और करण जौहर को मिस ब्रिगेंजा की सफलता का श्रेय दिया।

अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह आज भी लाखों दर्शकों के लिए मिस ब्रिगेंजा ही हैं — वह किरदार जो उन्होंने 1998 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में निभाया था। लेकिन अब वह इस पहचान से आगे बढ़ने की कोशिश में हैं, और उनकी नई हिंदी कॉमेडी-ड्रामा वेब सीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' इसी दिशा में उठाया गया एक सोचा-समझा कदम है।

मिस ब्रिगेंजा: उपलब्धि और चुनौती एक साथ

अर्चना पूरन सिंह ने एक बातचीत में स्वीकार किया कि यह प्रतिष्ठित किरदार उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत भी है और सबसे बड़ी सीमा भी। उन्होंने कहा, "मिस ब्रिगेंजा एक तरफ मेरी जीत हैं, लेकिन इसे मेरी कमी भी कहा जा सकता है कि मैं अब तक ऐसा कोई दूसरा किरदार नहीं कर पाई, जो मिस ब्रिगेंजा को पीछे छोड़ सके। इसका मतलब है कि जो कुछ अच्छा करना था, वह मैंने 20–25 साल पहले कर दिया। अब तक वैसा कुछ नया नहीं कर पाई।"

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियाँ अपनी एकल पहचान से बाहर निकलकर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नई भूमिकाएँ तलाश रही हैं। अर्चना का यह खुलासा उस संघर्ष की ईमानदार अभिव्यक्ति है जो किसी एक भूमिका से जुड़े हर कलाकार को झेलनी पड़ती है।

'आदर्श बाल विद्यालय' में नया अवतार

सीरीज में अर्चना पूरन सिंह ने उर्मिला नाम का किरदार निभाया है — एक ऐसी महिला जो राजनीतिक रसूख रखती है और निजी जीवन की पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए हमेशा तत्पर रहती है। यह भूमिका मिस ब्रिगेंजा की कॉमेडी-टीचर छवि से बिल्कुल अलग है।

उन्होंने कहा, "'आदर्श बाल विद्यालय' में मैंने जो किरदार निभाया है, वह मिस ब्रिगेंजा से बिल्कुल अलग है। मुझे उम्मीद है कि यह किरदार भी लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाएगा।"

धर्मा और करण जौहर को श्रेय

अर्चना ने स्वीकार किया कि मिस ब्रिगेंजा की सफलता में धर्मा प्रोडक्शंस और निर्देशक करण जौहर की भूमिका अहम थी। उन्होंने कहा, "यह धर्मा और करण जौहर द्वारा बनाया गया एक शानदार किरदार था। अगर मैंने इसे अच्छे से निभाया, तो यह लोगों के दिलों और यादों में हमेशा के लिए बस गया।" गौरतलब है कि किसी भी फिल्म की सफलता सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का नतीजा होती है — और अर्चना ने इस बात को सार्वजनिक रूप से रेखांकित किया।

सीरीज की टीम और निर्देशन

हिंदी कॉमेडी-ड्रामा सीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है। इसमें के के मेनन, अर्चना पूरन सिंह और नवीन कस्तूरिया मुख्य भूमिकाओं में हैं।

आगे क्या उम्मीद है

अर्चना पूरन सिंह ने स्पष्ट किया कि हर अभिनेता की चाहत होती है कि वह नए किरदारों के ज़रिए खुद को बार-बार साबित करे। उन्होंने दर्शकों से भी अपील की कि वे उन्हें मिस ब्रिगेंजा से आगे, एक नए रूप में देखें। 'आदर्श बाल विद्यालय' उनके लिए वह मंच है जहाँ वह यह साबित करना चाहती हैं कि उनकी अभिनय क्षमता किसी एक किरदार की सीमाओं से कहीं बड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या दर्शक किसी अभिनेता को उनकी पुरानी छवि से मुक्त करने के लिए तैयार हैं — या नॉस्टेल्जिया हमेशा नई पहचान पर भारी पड़ता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्चना पूरन सिंह ने मिस ब्रिगेंजा को अपनी 'कमी' क्यों कहा?
अर्चना पूरन सिंह का कहना है कि 'कुछ कुछ होता है' में मिस ब्रिगेंजा का किरदार इतना प्रभावशाली रहा कि पिछले 20–25 वर्षों में वह ऐसा कोई दूसरा किरदार नहीं कर पाईं जो उसे पीछे छोड़ सके। इसीलिए वह इसे अपनी जीत के साथ-साथ अपनी कमी भी मानती हैं।
'आदर्श बाल विद्यालय' में अर्चना पूरन सिंह का किरदार कैसा है?
इस वेब सीरीज में अर्चना पूरन सिंह ने 'उर्मिला' नाम की एक राजनीतिक रसूख वाली महिला का किरदार निभाया है, जो निजी दुश्मनी का बदला लेने के लिए हमेशा तत्पर रहती है। यह किरदार मिस ब्रिगेंजा की कॉमिक-टीचर छवि से बिल्कुल अलग है।
'आदर्श बाल विद्यालय' में कौन-कौन से कलाकार हैं?
इस हिंदी कॉमेडी-ड्रामा सीरीज में के के मेनन, अर्चना पूरन सिंह और नवीन कस्तूरिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। सीरीज का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है।
'कुछ कुछ होता है' में मिस ब्रिगेंजा का किरदार इतना यादगार क्यों बना?
1998 में रिलीज़ हुई इस ब्लॉकबस्टर फिल्म को धर्मा प्रोडक्शंस ने बनाया और करण जौहर ने निर्देशित किया था। अर्चना पूरन सिंह के अनुसार, यह एक शानदार लिखा गया किरदार था जिसे उन्होंने पूरी तरह जीया, इसीलिए यह दर्शकों की यादों में स्थायी रूप से बस गया।
अर्चना पूरन सिंह दर्शकों से क्या चाहती हैं?
अर्चना पूरन सिंह चाहती हैं कि दर्शक उन्हें मिस ब्रिगेंजा की पुरानी छवि से आगे, एक नए रूप में देखें। 'आदर्श बाल विद्यालय' के ज़रिए वह यह साबित करना चाहती हैं कि उनकी अभिनय क्षमता किसी एक किरदार तक सीमित नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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