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दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी राजस्थान में दाखिल, कोटा-जयपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी राजस्थान में दाखिल, कोटा-जयपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

सारांश

सात दिन की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार पूर्वी राजस्थान में दाखिल हो गया। टोंक, जयपुर और अलवर से गुजरती उत्तरी सीमा के साथ कोटा डिवीज़न में भारी बारिश का अलर्ट है — किसानों और निचले इलाकों के निवासियों के लिए राहत और सतर्कता दोनों का संदेश।

मुख्य बातें

दक्षिण-पश्चिम मानसून 2 जुलाई को पूर्वी राजस्थान में प्रवेश किया — सामान्य तिथि से 7 दिन की देरी से।
मानसून की उत्तरी सीमा अभी टोंक, जयपुर और अलवर से गुजर रही है।
कोटा डिवीज़न के जिलों में भारी बारिश की प्रबल संभावना; अजमेर, भरतपुर में मध्यम वर्षा का अनुमान।
IMD जयपुर निदेशक आर.एस.
शर्मा ने निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी दी।
अगले 1-2 दिनों में जोधपुर और बीकानेर डिवीज़न में भी हल्की से मध्यम बारिश संभव।
किसानों, यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह।

दक्षिण-पश्चिम मानसून 2 जुलाई, गुरुवार को पूर्वी राजस्थान में प्रवेश कर गया — सामान्य तिथि से सात दिन की देरी के बाद। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है और अगले दो-तीन दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों में इसके विस्तार के लिए मौसमी परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं।

मानसून का मौजूदा विस्तार

IMD ने बताया कि गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ गुजरात के अतिरिक्त हिस्सों, उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों, संपूर्ण दिल्ली क्षेत्र तथा मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के अधिकांश भागों में भी प्रवेश किया। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान में मानसून के सक्रिय बने रहने का अनुमान जताया है।

किन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर डिवीज़न के कुछ हिस्सों में आँधी-तूफान के साथ मध्यम वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से कोटा डिवीज़न के जिलों में भारी बारिश की प्रबल आशंका जताई गई है। अगले एक-दो दिनों में जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर डिवीज़न में मानसून के और तेज होने की उम्मीद है, जिससे पूर्वी राजस्थान के अधिकतर इलाकों में अच्छी वर्षा हो सकती है।

विशेषज्ञ की सलाह और सावधानी

IMD जयपुर के निदेशक आर.एस. शर्मा ने कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि तेज बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने किसानों, यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को मौसम के हालात के अनुसार आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है।

पश्चिमी राजस्थान पर असर

गौरतलब है कि मानसून के पूर्वी हिस्सों में सक्रिय होने के साथ ही पश्चिमी राजस्थान में भी मौसमी गतिविधियाँ बढ़ने के संकेत हैं। जोधपुर और बीकानेर डिवीज़न के कुछ भागों में आने वाले दिनों में आँधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे आधिकारिक मौसम अपडेट से जुड़े रहें और बिजली कड़कने तथा तेज आँधी के दौरान विशेष सावधानी बरतें।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान के कई हिस्सों में गर्मी और उमस से राहत की प्रतीक्षा थी। मानसून की देरी से खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई थी, लेकिन अब वर्षा की शुरुआत से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग अगले कुछ दिनों में राज्य के बाकी हिस्सों में भी मानसून के विस्तार पर नज़र बनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दबाव ज़्यादा लेकर आता है। IMD की चेतावनियाँ तकनीकी रूप से सटीक हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर जलभराव प्रबंधन और आपदा तैयारी की असली परीक्षा अब शहरी निकायों की होगी। कोटा और जयपुर जैसे शहरों में पिछले वर्षों में भी भारी बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्याएँ सामने आई हैं — इस बार प्रशासन की प्रतिक्रिया की रफ्तार ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान में कब पहुँचा?
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2 जुलाई, गुरुवार को पूर्वी राजस्थान में प्रवेश किया। यह सामान्य तिथि से सात दिन देरी से आया है।
राजस्थान के किन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है?
IMD ने विशेष रूप से कोटा डिवीज़न के जिलों में भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। इसके अलावा अजमेर, भरतपुर और जयपुर डिवीज़न के कुछ हिस्सों में आँधी-तूफान के साथ मध्यम बारिश का अनुमान है।
मानसून की उत्तरी सीमा अभी कहाँ है?
IMD के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अभी टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। अगले दो-तीन दिनों में यह राज्य के और हिस्सों में आगे बढ़ सकती है।
क्या पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश होगी?
मौसम विभाग के अनुसार जोधपुर और बीकानेर डिवीज़न के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में आँधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में मौसमी गतिविधियाँ धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है।
भारी बारिश के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
IMD जयपुर के निदेशक आर.एस. शर्मा ने निचले इलाकों के निवासियों को जलभराव से सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों, यात्रियों और स्थानीय अधिकारियों को आधिकारिक मौसम अपडेट से जुड़े रहने और बिजली कड़कने व तेज आँधी के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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