श्रेयस अय्यर हैं 'गेंदबाजों के कप्तान': यश ठाकुर ने जिम्बाब्वे टी20 सीरीज में की खुलकर तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ जारी टी20 सीरीज के दौरान कप्तान श्रेयस अय्यर की नेतृत्व शैली की भरपूर प्रशंसा की है। ठाकुर के अनुसार, अय्यर का गेंदबाजों पर अटूट भरोसा और दबाव में भी शांत रहने की क्षमता युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा देती है। उन्होंने अय्यर को सीधे तौर पर 'गेंदबाजों का कप्तान' की उपाधि दी।
आईपीएल से शुरू हुई समझदारी
यश ठाकुर इससे पहले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पंजाब किंग्स की ओर से श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल चुके हैं। उन्होंने बताया कि उसी दौर में दोनों के बीच एक गहरी पारस्परिक समझ विकसित हुई, जो अब राष्ट्रीय टीम में भी काम आ रही है। ठाकुर ने कहा, "वह आपसी समझ आईपीएल के दौरान बनी थी, जब मैंने उनके साथ समय बिताया और प्लान पर चर्चा की। मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानता हूं, क्योंकि मैंने आईपीएल में श्रेयस की कप्तानी में खेला है, और अब मैं भारतीय टीम में भी उनकी कप्तानी में खेलूंगा। इस निरंतरता से एक मजबूत बॉन्ड बनाने में मदद मिलती है।"
ठाकुर के मुताबिक, अय्यर उनकी गेंदबाजी की खूबियों को गहराई से समझते हैं — चाहे वह पावरप्ले हो, मिडिल ओवर्स हों या डेथ ओवर्स। यह समझ ही उन्हें सही समय पर सही भूमिका सौंपने में सक्षम बनाती है।
गेंदबाजों को मिलती है खुलकर खेलने की आज़ादी
ठाकुर ने 'जियोस्टार' से बातचीत में कहा, "कप्तान श्रेयस अय्यर मेरी खूबियों को अच्छी तरह जानते हैं। वह समझते हैं कि मैं खेल के किस हिस्से में सबसे असरदार हूं। उन्हें पता है कि टीम को जिताने के लिए मैं कहां सबसे अधिक योगदान दे सकता हूं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि जब कप्तान खिलाड़ी की काबिलियत पर भरोसा करता है, तो मैदान पर आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है।
ठाकुर ने यह भी बताया कि अय्यर गेंदबाजों पर अपनी रणनीति थोपने की बजाय उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करते हैं। उनके शब्दों में, "वह हमेशा सीधे गेंदबाजों के पास आते हैं और पूछते हैं, 'आपका क्या प्लान है? आपको क्या लगता है कि यहां सबसे अच्छा विकल्प क्या है?' वह पहले बात सुनते हैं और फिर अपनी राय देते हैं। इससे बहुत फर्क पड़ता है।"
दबाव में भी अटल रहते हैं अय्यर
दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अय्यर को एक असाधारण रूप से शांत नेता बताया। उन्होंने कहा, "मेरी नजर में वह बहुत शांत रहते हैं। चाहे हम रन लुटा रहे हों, अच्छी गेंदबाजी कर रहे हों या गेंदबाजी के लिहाज से हमारा दिन खराब हो, वह कभी अपना आपा नहीं खोते। वह दबाव वाली स्थितियों में भी शांत रहते हैं।" ठाकुर के अनुसार, यही स्वभाव अय्यर को अन्य कप्तानों से अलग करता है।
'गेंदबाजों के कप्तान' की उपाधि क्यों?
ठाकुर ने स्पष्ट किया कि अय्यर को 'गेंदबाजों का कप्तान' कहने के पीछे एक ठोस वजह है। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें गेंदबाजों का कप्तान कहूंगा; वह अपने बॉलर्स पर पूरा भरोसा करते हैं और उन्हें अपने प्लान पर अमल करने की आजादी देते हैं।" यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज जारी है और युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में खुद को साबित करने का मौका मिल रहा है। आने वाले मैचों में यश ठाकुर और श्रेयस अय्यर की यह जुगलबंदी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।