श्रेयस अय्यर का खुलासा: शॉर्ट-बॉल की आलोचना ने दी सबसे बड़ी प्रेरणा, पंजाब किंग्स को अपराजेय बनाया
सारांश
Key Takeaways
- श्रेयस अय्यर ने IPL 2026 में पंजाब किंग्स को अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर पहुँचाया, टीम अभी तक अपराजेय है।
- आलोचकों की बातें उन्हें प्रेरित करती हैं — शॉर्ट-बॉल की कमजोरी को अब वह छक्के में बदल देते हैं।
- पीठ की चोट के बाद मानसिकता ही सबसे बड़ी ताकत साबित हुई; अय्यर ने विफलता को सीखने का माध्यम बनाया।
- प्रवीण आमरे और अभिषेक नायर के साथ काम करते हुए अय्यर 300+ गेंदों का सामना करके तकनीक सुधार रहे हैं।
- IPL के पहले सीजन में इरफान पठान के साथ बॉल बॉय के रूप में काम करने की यादें अय्यर को प्रेरित करती रहती हैं।
नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने IPL 2026 में अपनी असाधारण वापसी की कहानी साझा की है, जहाँ वह टीम को अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर ले गए हैं। प्री-टूर्नामेंट इंजरी से उबरकर अय्यर ने कप्तान और बल्लेबाज दोनों भूमिकाओं में शानदार प्रदर्शन किया है। जियोस्टार के शो 'बिलीव' पर इरफान पठान के साथ बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि कैसे आलोचना और संदेह उन्हें और मजबूत बनाते हैं।
संदेह को चुनौती में बदलना
अय्यर ने बताया कि उनके आस-पास के लोग अक्सर उनकी क्षमताओं पर सवाल उठाते थे। उन्होंने कहा, "जो लोग कहते हैं कि यह नामुमकिन है, मैं उस सोच को स्वीकार ही नहीं कर सकता। इस तरह की बातें मुझे और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करती हैं। मैं खुद को इसलिए आगे बढ़ाता हूँ ताकि उन्हें गलत साबित कर सकूँ। चोट लगने के बाद यह मानसिकता ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति बन गई है।"
पीठ की चोट से मानसिक तैयारी
पीठ की गंभीर चोट के दौरान कई लोगों ने कहा था कि अय्यर अपने पूर्व स्तर पर कभी नहीं लौट पाएँगे। लेकिन उन्होंने इस नकारात्मकता को ऊर्जा में बदल दिया। "चोट के बाद आपकी मानसिकता कैसी रहती है, यही सब कुछ तय करता है। मैं खुद से पूछता हूँ कि मैं वैसा क्यों नहीं बन सकता? आप ही तय करते हैं कि किस बात पर ध्यान दें और किसे नजरअंदाज करें," उन्होंने कहा।
विफलता को सीखने का माध्यम
आत्मविश्वास कहाँ से आता है, इस सवाल का जवाब देते हुए अय्यर ने बचपन में झेली गई मुश्किलों का हवाला दिया। "मैदान के बाहर सीखना, रिजेक्शन का सामना करना और हार खाना — ये सब कुछ एक क्रिकेटर को समझदारी देते हैं। उतार-चढ़ाव हर किसी की जिंदगी का हिस्सा होते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि आप मुश्किल समय से कितनी जल्दी उबर जाते हैं और उसे सकारात्मक चीज में बदल देते हैं।" उन्होंने खुद से बातचीत और प्रेरणादायक किताबें पढ़ने की अहमियत पर जोर दिया।
मानसिक संतुलन और लक्ष्य निर्धारण
अय्यर ने माना कि लोग हमेशा आपको नीचे खींचने की कोशिश करते हैं, लेकिन आप खुद को कैसे संभालते हैं, यही सबसे महत्वपूर्ण है। "मैं अपना ध्यान क्रिकेट से हटाने की कोशिश करता हूँ। छुट्टियाँ लेता हूँ, अकेले समय बिताता हूँ। चीजों को जाने देना बहुत जरूरी है। आप एक लक्ष्य तय करते हैं, लेकिन अगर वह हासिल न हो तो भी ठीक है। इसे स्वीकार करें और आगे बढ़ें," उन्होंने कहा।
फिनिशर के रूप में दायित्व
IPL 2026 में अय्यर एक प्रभावी फिनिशर के रूप में उभरे हैं। मैच समाप्त करने की अपनी जिम्मेदारी के बारे में उन्होंने कहा, "मैं नॉट आउट रहना चाहता हूँ और मैच खत्म करना चाहता हूँ। जितना अधिक समय मैं विकेट पर रहूँगा, जीतने के मौके उतने ही बढ़ेंगे। साथ ही, पंजाब किंग्स के ओपनर्स ने शानदार शुरुआत दी है, विशेषकर जब हम बड़े स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं। उनकी मजबूत नींव से मुझे आत्मविश्वास मिलता है कि मैं आसानी से मैच को आगे बढ़ा सकता हूँ।"
शॉर्ट-बॉल की कमजोरी को ताकत में बदलना
अय्यर की शॉर्ट-बॉल की कमजोरी को लेकर लंबे समय से चर्चा रही है। लेकिन इसी आलोचना ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरित किया। "लोगों ने कहा था कि मैं इस समस्या को कभी ठीक नहीं कर पाऊँगा। इस बात ने मुझे और भी ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। पहले मैं सिर्फ एक रन लेता था या गेंद को नीचे रखने की कोशिश करता था। लेकिन अब मेरी सोच बदल गई है। अगर मुझे अपनी जोन में शॉर्ट-बॉल दिखती है, तो मैं उसे छक्के के लिए मारता हूँ," उन्होंने कहा।
कोचिंग और तकनीकी सुधार
अय्यर बचपन से प्रवीण आमरे के साथ काम कर रहे हैं और अभिषेक नायर जैसे कोचों से भी विचार-विमर्श करते हैं। उन्होंने अपने बल्लेबाजी अभ्यास को विस्तृत किया है। "अब मैं लगभग 50 ओवर खेलने और 300 से अधिक गेंदों का सामना करने की कोशिश करता हूँ। इससे मुझे समझ आता है कि मेरे लिए क्या सही है। मैं किसी तय पैटर्न को फॉलो नहीं करता, बल्कि असली गेंदबाजों का सामना करता हूँ।" उन्होंने एबी डिविलियर्स, रोहित शर्मा और विराट कोहली की तरह शॉट्स खेलने से पहले लय बनाने पर जोर दिया।
इरफान पठान के साथ पहली मुलाकात
अय्यर ने IPL के पहले सीजन में इरफान पठान के साथ एक बॉल बॉय के रूप में काम करने की यादें साझा कीं। "जब आप पंजाब की ओर से खेल रहे थे, तो आप मेरे पास आए और पूछा कि हमें कैसा लग रहा है। उस पल बहुत खास महसूस हुआ कि एक भारतीय क्रिकेटर हमसे बात कर रहा है। वह एहसास अब भी मेरे साथ है।"
आगे का रास्ता
पंजाब किंग्स की अपराजेय यात्रा श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में जारी है। उनकी मानसिकता, तकनीकी सुधार और टीम के प्रति समर्पण इस सीजन में उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुई है। खिताब जीतने का सपना अब वास्तविकता के करीब दिखाई दे रहा है।