DC कप्तान अक्षर पटेल ने 75 रन पर ऑलआउट को बदकिस्मती बताया, फैंस से समर्थन की अपील
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली कैपिटल्स RCB के खिलाफ 75 रन पर ऑलआउट हुई।
- कप्तान अक्षर पटेल ने इसे 'बदकिस्मती' करार दिया, पिछले मैच की मानसिक हिचकिचाहट को कारण बताया।
- साहिल पारेख को डेब्यू मैच में भुवनेश्वर की दूसरी गेंद पर बोल्ड किया गया।
- अक्षर ने टीम में बड़े बदलाव से बचने की बात कही; मानसिक स्थिरता पर जोर दिया।
- कप्तान ने फैंस से हार के बाद भी समर्थन बनाए रखने की अपील की।
नई दिल्ली, 28 अप्रैल — दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ अपनी टीम के 75 रन पर ऑलआउट होने को खेल के दौरान आई 'बदकिस्मती' करार दिया। पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पंजाब किंग्स के विरुद्ध पिछले मैच में 264 रन को डिफेंड न कर पाने से टीम में मनोवैज्ञानिक हिचकिचाहट आ गई, जिसका असर इस हार पर पड़ा।
बल्लेबाजी में विफलता को बदकिस्मती बताया
अक्षर ने कहा, "मुझे लगता है कि पिछले मैच में बड़े टोटल को डिफेंड न कर पाने की वजह से टीम में थोड़ी हिचकिचाहट थी। कोई भी बल्लेबाज ठीक से जम नहीं पाया। हमने 15-16 गेंदों में छह विकेट गंवा दिए। यह बदकिस्मती थी, आपको इस दिन को भूलकर आगे बढ़ना होगा।" उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर कुमार की पहली ओवर में स्विंग मिली, लेकिन बाद में परिस्थितियाँ बदल गईं।
साहिल पारेख को दिया गया मौका
डेब्यू करने वाले साहिल पारेख को पाथुम निसांका की जगह खेलाया गया था, लेकिन वह भुवनेश्वर की दूसरी गेंद पर ही बोल्ड हो गए। पारेख का बचाव करते हुए अक्षर ने कहा कि टॉप पर लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन रखने के लिए उन्हें मौका दिया गया था। "जिस तरह से वह अभ्यास कर रहा है, जितनी कड़ी मेहनत वह कर रहा है, हमें लगा कि वह एक मौका पाने का हकदार है। हमें यकीन है कि उसमें कुछ खास करने की काबिलियत है," अक्षर ने कहा।
आने वाले मैचों में न्यूनतम बदलाव की योजना
अक्षर ने स्पष्ट किया कि टीम में बड़े पैमाने पर बदलाव नहीं होंगे। "अगर आप पिछले आठ मैचों पर नजर डालें, तो यह पहली बार है जब हमने खराब क्रिकेट खेला है। मानसिक रूप से स्थिर रहना और एक साथ मिलकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है," उन्होंने कहा। कप्तान ने जोर दिया कि अगले छह मैचों में टीम को अपनी तैयारी और प्रक्रिया पर ही ध्यान देना होगा।
फैंस से समर्थन की अपील
निराशाजनक प्रदर्शन के बाद फैंस की निराशा पर अक्षर ने कहा, "अगर प्रशंसक निराश हैं, तो खिलाड़ी भी उतने ही निराश हैं। यह वह समय है जब प्रशंसकों को खिलाड़ियों का साथ देना चाहिए।" उन्होंने कहा कि सपोर्ट सिर्फ जीत के समय नहीं, बल्कि हार के बाद भी बना रहना चाहिए। "चाहे हम जीतें या हारें, आपका साथ वैसा ही बना रहना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि आप एक टीम का साथ दे रहे हैं।"
कप्तान की जिम्मेदारी और प्रेरणा
अक्षर ने कहा कि एक कप्तान के तौर पर उनकी जिम्मेदारी सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। "मुझ पर सपोर्ट स्टाफ और टीम के मालिकों की भी जिम्मेदारी है। मेरा मूल सिद्धांत यह है कि आप क्या कर सकते हैं, और क्या आपके नियंत्रण में है।" उन्होंने खिलाड़ियों को दो विकल्प दिए — या तो एक-दूसरे पर दोष लगाना, या फिर एक टीम के तौर पर खड़े होकर बचे हुए छह मैचों में संघर्ष करना। "हम बिना किसी चिंता के, एक साथ मिलकर नतीजों का सामना करेंगे।"