राजस्थान में बारिश और ओलावृष्टि: मौसम विभाग ने दी ऑरेंज और येलो अलर्ट
सारांश
Key Takeaways
- राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि का अनुभव।
- मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
- किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह।
- आगामी दिनों में नए पश्चिमी विक्षोभ की संभावना।
- स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने की अपील।
जयपुर, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से सोमवार को राजस्थान के कई क्षेत्रों में बारिश, ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी का सामना करना पड़ा। खासकर कोटा में दोपहर के समय ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश हुई।
इस दौरान अजमेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू और Nagaur जिलों में भी बारिश की सूचना मिली। जैसलमेर में धूल भरी आंधी आई, जबकि जयपुर और जोधपुर समेत कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे।
मौसम विभाग ने बूंदी, कोटा, अलवर और भरतपुर के लिए ऑरेंज और जयपुर, दौसा, हनुमानगढ़, झालावाड़, भीलवाड़ा और अन्य 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसमें आंधी-तूफान, भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। कुछ क्षेत्रों में धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान और उसके आस-पास एक चक्रवाती परिसंचरण प्रणाली विकसित हो गई है।
इसके परिणामस्वरूप, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा डिवीजनों के कुछ हिस्सों में गरज के साथ तूफान, धूल भरी आंधी (40-50 किमी/घंटा की हवा की गति के साथ) और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मंगलवार को शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों के साथ-साथ जयपुर, भरतपुर और कोटा डिवीजनों में छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
1-2 अप्रैल को मौसम अधिकतर शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि छिटपुट बूंदाबांदी या गरज के साथ बारिश हो सकती है। 3-5 अप्रैल के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे राज्य भर में बारिश और तूफान का नया दौर शुरू हो सकता है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने फसलों और उपज की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।
मौसम की वर्तमान गतिविधियों से तापमान में अस्थायी राहत मिलने की संभावना है, लेकिन इससे कुछ क्षेत्रों में व्यवधान भी उत्पन्न हो सकता है। अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने और आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।