राजस्थान में मौसम की करवट: कई जिलों में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि
सारांश
Key Takeaways
- राजस्थान में मौसम में अचानक बदलाव आया है।
- कई जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश हुई है।
- किसानों को अपने फसल के लिए सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
- मौसम विभाग ने तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।
- राज्य में 7 अप्रैल से नई पश्चिमी विक्षोभ की संभावना है।
जयपुर, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान में शुक्रवार को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में अचानक बदलाव आया है, जिसके चलते कई जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने लगीं।
इस मौसम परिवर्तन ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है, खासकर राज्य के उत्तरी क्षेत्रों में।
श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की घटनाएं हुई हैं, जबकि सीकर और नागौर जैसे जिलों में भी बारिश हुई। चूरू के सरदारशहर में तेज हवाओं की वजह से एक जोरदार धूल भरी आंधी उठी, जिसने आसमान को ढक लिया। इस दौरान, जयपुर में दिनभर बादल छाए रहे।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों के कुछ हिस्सों में बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आ सकता है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में छिटपुट ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी है।
श्री गंगानगर में आज मौसम की गंभीर घटनाओं में से एक देखी गई। दोपहर करीब 3:15 बजे, अर्जुनसर और राजियासर के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। कुछ ही मिनटों में बड़े ओले खेतों, सड़कों और आस-पास के क्षेत्रों को ढकने लगे, जिससे पूरा दृश्य सफेद हो गया।
अचानक हुई इस ओलावृष्टि ने किसानों को चिंतित कर दिया है, क्योंकि गेहूं और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस क्षेत्र में इतने जोरदार ओले बरसे हुए कई साल हो गए थे।
नाचना (जैसलमेर) और बीकानेर के कुछ हिस्सों में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि की घटनाएं हुई हैं। हनुमानगढ़ में ओलों के साथ भारी बारिश हुई, जबकि अजमेर में भी तेज बौछारें पड़ीं, जिससे बढ़ते तापमान से कुछ राहत मिली।
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने 4 अप्रैल (शनिवार) को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभागों और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भीषण तूफान, भारी बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
हालांकि, 5-6 अप्रैल को मौसम की गतिविधियां थोड़ी धीमी होने की संभावना है, लेकिन 7 अप्रैल से एक नया और अधिक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे पूरे राज्य में तूफान और बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है।
मौसम विभाग ने किसानों को एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है। इसमें खुले खेतों में रखी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखना, मंडियों और भंडारण क्षेत्रों में रखे अनाज को ढककर रखना और फसलों को बारिश व ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान से बचाना शामिल है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि मौजूदा और आने वाली मौसम संबंधी गतिविधियों के कारण, खुले में पड़ी फसलों और कृषि उत्पादों को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।