राजस्थान में 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का चेतावनी

Click to start listening
राजस्थान में 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का चेतावनी

सारांश

राजस्थान के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के कारण पूरे प्रदेश में इसका असर देखने को मिल रहा है। किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Key Takeaways

  • 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
  • सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस'
  • किसानों को फसलों के लिए सतर्क रहने की सलाह
  • जलभराव से स्थानीय निवासियों को समस्याएँ
  • आगामी दिनों में फिर से बारिश की संभावना

जयपुर, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार को राजस्थान के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इसकी वजह सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' बताई जा रही है, जिसका प्रभाव पूरे प्रदेश में महसूस किया जा रहा है।

शुक्रवार को भी राजस्थान के 10 से अधिक जिलों में मौसम ने अचानक अपना रौद्र रूप दिखाया। कई स्थानों पर तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई। बीकानेर, श्री गंगानगर और जैसलमेर में ओले गिरे, जबकि अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश हुई।

राजधानी जयपुर में शुक्रवार देर शाम की तेज धूल भरी आंधी ने एक व्यक्ति की जान ले ली। जवाहर नगर क्षेत्र में 50 वर्षीय रामजीलाल माहवार नामक मोटरसाइकिल सवार पर बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, शनिवार को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभागों के साथ-साथ शेखावाटी क्षेत्र में तेज हवाएं, भारी बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। हालांकि, 5 और 6 अप्रैल को मौसम थोड़ा शांत हो सकता है, लेकिन 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे फिर से आंधी और बारिश में वृद्धि हो सकती है।

जयपुर में शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे शुरू हुआ तूफान देर रात तक जारी रहा। तेज हवाओं के साथ आई इस आंधी ने शहर में कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया और कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।

अचानक बदलते इस मौसम का प्रभाव तापमान पर भी पड़ा है। कई जिलों में दिन के तापमान में लगभग 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस चित्तौड़गढ़ और अलवर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि अन्य स्थानों पर तापमान में गिरावट देखी गई।

इस खराब मौसम का सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ा है। बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि ने सरसों, गेहूं और चने जैसी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मंडियों में खुले में रखी फसल भी भीगने से खराब हो गई।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सामान्यतः मार्च के बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कमजोर हो जाते हैं, लेकिन इस वर्ष 13 मार्च के बाद से लगातार छह सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं, जो एक असामान्य स्थिति है और मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर रही है।

पिछले 24 घंटों में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर, जालौर, जयपुर, अजमेर, अलवर और टोंक समेत कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन ने लोगों और किसानों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।

Point of View

भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना ने किसानों और स्थानीय निवासियों को चिंता में डाल दिया है। इस असामान्य मौसम में सतर्कता आवश्यक है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

राजस्थान में बारिश का कारण क्या है?
राजस्थान में बारिश का कारण सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' है।
किस जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
राजस्थान के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
क्या मौसम में सुधार होगा?
5 और 6 अप्रैल को मौसम थोड़ा शांत हो सकता है, लेकिन 7 अप्रैल से फिर से बारिश की संभावना है।
यह मौसम किसानों पर कैसे प्रभाव डाल रहा है?
बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि ने किसानों की रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
क्या प्रशासन ने कोई निर्देश दिए हैं?
हाँ, प्रशासन ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
Nation Press