पांच देशों के दौरे से लौटे PM मोदी: UAE से $5 अरब निवेश, इटली के साथ €20 अरब व्यापार लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पूरी कर 21 मई की सुबह नई दिल्ली लौटे। यह हाई-प्रोफाइल कूटनीतिक दौरा ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी सहयोग और भारत की यूरोप तथा पश्चिम एशिया के साथ रणनीतिक साझेदारियों को नई गहराई देने के उद्देश्य से किया गया था।
यूएई: ऊर्जा भंडार और अरबों का निवेश
दौरे की शुरुआत UAE से हुई, जहाँ भारत ने एलपीजी की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) को भारत में कच्चे तेल के भंडारण क्षमता 3 करोड़ बैरल तक बढ़ाने की अनुमति दी गई। इसके साथ ही UAE ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का वादा किया, जो द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में एक बड़ी छलांग है।
नीदरलैंड: 17 समझौते, बाढ़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान
भारत और नीदरलैंड ने रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों और ग्रीन हाइड्रोजन पहलों से जुड़े 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन में नीदरलैंड की वैश्विक विशेषज्ञता को समझने के लिए ऐतिहासिक अफस्लुइटडाइक बांध का दौरा किया — यह कदम भारत की बाढ़-प्रवण नदी घाटियों के लिए दीर्घकालिक नीतिगत संदेश देता है।
स्वीडन और नॉर्वे: रणनीतिक साझेदारी और नॉर्डिक शिखर सम्मेलन
17-18 मई के स्वीडन दौरे में भारत ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को संबोधित किया।
19 मई को प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे पहुँचे — यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा थी। ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेताओं के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
इटली: 'स्पेशल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' और IMEC को नई गति
दौरे के अंतिम चरण में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता में दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'स्पेशल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया और 2029 तक व्यापार €20 अरब तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया। कृषि, वित्तीय अपराध रोकथाम और भारतीय स्वास्थ्यकर्मियों की इटली में आवाजाही से जुड़े समझौते भी हुए। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
दौरे का समग्र महत्व
यह दौरा भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का प्रमाण है। ऊर्जा सुरक्षा से लेकर जलवायु सहयोग और व्यापार विस्तार तक — पाँच देशों में की गई यह कूटनीति भारत को पश्चिमी देशों के साथ एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। अगले चरण में इन समझौतों के क्रियान्वयन की समयसीमा और निगरानी तंत्र पर सरकार की घोषणाएँ अपेक्षित हैं।