पांच देशों के दौरे से लौटे PM मोदी: UAE से $5 अरब निवेश, इटली के साथ €20 अरब व्यापार लक्ष्य

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पांच देशों के दौरे से लौटे PM मोदी: UAE से $5 अरब निवेश, इटली के साथ €20 अरब व्यापार लक्ष्य

सारांश

पाँच देश, छह दिन, दर्जनों समझौते — PM मोदी का यह दौरा महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं था। UAE से ऊर्जा भंडार, नीदरलैंड से बाढ़ प्रबंधन विशेषज्ञता, नॉर्वे में 43 साल बाद ऐतिहासिक उपस्थिति और इटली के साथ 'स्पेशल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' — भारत ने पश्चिम के साथ अपनी साझेदारी को नई परिभाषा दी।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 15-20 मई 2026 के बीच UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा की और 21 मई को नई दिल्ली लौटे।
UAE ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का वादा किया; ADNOC को 3 करोड़ बैरल कच्चे तेल भंडारण की अनुमति मिली।
नीदरलैंड के साथ रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और ग्रीन हाइड्रोजन पर 17 समझौते हुए।
नॉर्वे में 43 वर्षों बाद किसी भारतीय PM की यात्रा; तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में AI और ग्रीन टेक पर चर्चा।
इटली के साथ 'स्पेशल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' और 2029 तक €20 अरब व्यापार का लक्ष्य तय।
IMEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा) पर इटली के साथ सहयोग आगे बढ़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पूरी कर 21 मई की सुबह नई दिल्ली लौटे। यह हाई-प्रोफाइल कूटनीतिक दौरा ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी सहयोग और भारत की यूरोप तथा पश्चिम एशिया के साथ रणनीतिक साझेदारियों को नई गहराई देने के उद्देश्य से किया गया था।

यूएई: ऊर्जा भंडार और अरबों का निवेश

दौरे की शुरुआत UAE से हुई, जहाँ भारत ने एलपीजी की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) को भारत में कच्चे तेल के भंडारण क्षमता 3 करोड़ बैरल तक बढ़ाने की अनुमति दी गई। इसके साथ ही UAE ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का वादा किया, जो द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में एक बड़ी छलांग है।

नीदरलैंड: 17 समझौते, बाढ़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान

भारत और नीदरलैंड ने रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों और ग्रीन हाइड्रोजन पहलों से जुड़े 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन में नीदरलैंड की वैश्विक विशेषज्ञता को समझने के लिए ऐतिहासिक अफस्लुइटडाइक बांध का दौरा किया — यह कदम भारत की बाढ़-प्रवण नदी घाटियों के लिए दीर्घकालिक नीतिगत संदेश देता है।

स्वीडन और नॉर्वे: रणनीतिक साझेदारी और नॉर्डिक शिखर सम्मेलन

17-18 मई के स्वीडन दौरे में भारत ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को संबोधित किया।

19 मई को प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे पहुँचे — यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा थी। ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेताओं के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।

इटली: 'स्पेशल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' और IMEC को नई गति

दौरे के अंतिम चरण में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता में दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'स्पेशल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया और 2029 तक व्यापार €20 अरब तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया। कृषि, वित्तीय अपराध रोकथाम और भारतीय स्वास्थ्यकर्मियों की इटली में आवाजाही से जुड़े समझौते भी हुए। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

दौरे का समग्र महत्व

यह दौरा भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का प्रमाण है। ऊर्जा सुरक्षा से लेकर जलवायु सहयोग और व्यापार विस्तार तक — पाँच देशों में की गई यह कूटनीति भारत को पश्चिमी देशों के साथ एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। अगले चरण में इन समझौतों के क्रियान्वयन की समयसीमा और निगरानी तंत्र पर सरकार की घोषणाएँ अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों भारत की उस रणनीति को दर्शाते हैं जो पश्चिम से दूरी नहीं, बल्कि चुनिंदा गहराई चाहती है। लेकिन असली कसौटी यह है कि इन समझौतों में से कितने समयबद्ध, जवाबदेह और सत्यापन-योग्य हैं — भारत के पिछले कई 'ऐतिहासिक' कूटनीतिक दौरों के समझौते फाइलों से बाहर नहीं निकल पाए। IMEC जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना पर इटली की सहमति उत्साहजनक है, पर पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक अस्थिरता इसके क्रियान्वयन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी के पाँच देशों के दौरे में कौन-कौन से देश शामिल थे?
PM मोदी ने 15 से 20 मई 2026 के बीच UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा की। यह दौरा ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी सहयोग और व्यापार विस्तार पर केंद्रित था।
UAE दौरे से भारत को क्या हासिल हुआ?
UAE ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का वादा किया। इसके अलावा ADNOC को भारत में 3 करोड़ बैरल कच्चे तेल के भंडारण की अनुमति दी गई और LPG की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के समझौते हुए।
नॉर्वे दौरा क्यों ऐतिहासिक माना जा रहा है?
यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा थी। ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पाँच नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सहयोग पर चर्चा हुई।
भारत और इटली के बीच 'स्पेशल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' का क्या मतलब है?
इस दर्जे के तहत दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार €20 अरब तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। कृषि, वित्तीय अपराध रोकथाम, स्वास्थ्यकर्मियों की आवाजाही और IMEC गलियारे पर भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
नीदरलैंड के साथ किन क्षेत्रों में समझौते हुए?
भारत और नीदरलैंड ने रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों और ग्रीन हाइड्रोजन पहलों से जुड़े 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। PM मोदी ने बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन की विशेषज्ञता समझने के लिए ऐतिहासिक अफस्लुइटडाइक बांध का भी दौरा किया।
राष्ट्र प्रेस
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