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दक्षिण-पश्चिम मानसून का पूर्वी-दक्षिणी भारत में विस्तार, पूर्वोत्तर में अगले 6-7 दिन भारी बारिश की चेतावनी

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दक्षिण-पश्चिम मानसून का पूर्वी-दक्षिणी भारत में विस्तार, पूर्वोत्तर में अगले 6-7 दिन भारी बारिश की चेतावनी

सारांश

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 15 जून को पूर्वी और दक्षिणी भारत के बड़े हिस्सों को ढक लिया। IMD ने पूर्वोत्तर में अगले 6-7 दिन भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है और मछुआरों को 20 जून तक समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है।

मुख्य बातें

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 15 जून 2026 को आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार में प्रवेश किया।
मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, रांची और मुजफ्फरपुर से होकर गुज़र रही है।
अगले 4-5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल।
IMD ने अगले 6-7 दिनों में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की।
मछुआरों को 20 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह।
राजस्थान के फलोदी में देश का सर्वाधिक तापमान 42.8°C दर्ज।

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 15 जून 2026 को पूर्वी और दक्षिणी भारत के बड़े हिस्सों में तेज़ी से पाँव पसार लिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अनेक इलाकों तक पहुँच गया है, साथ ही बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी-मध्य हिस्सों को भी अपनी आगोश में ले लिया है। यह प्रगति सामान्य मानसून-क्रम से मेल खाती है और अगले कुछ दिनों में और राज्यों में विस्तार की संभावना है।

मानसून की उत्तरी सीमा और वर्तमान स्थिति

IMD के ताज़ा बुलेटिन के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) अभी हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुज़र रही है। यह रेखा इंगित करती है कि इन शहरों के दक्षिण और पूर्व में मानसून सक्रिय हो चुका है, जबकि इनके उत्तर और पश्चिम में अभी प्रतीक्षा है।

अगले 4-5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में मानसून के प्रवेश के लिए मौसमी परिस्थितियाँ अनुकूल बताई जा रही हैं।

पिछले 24 घंटों की बारिश का ब्यौरा

पिछले 24 घंटों में असम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश (7-11 सेमी) हुई। इसके अलावा, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 60-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान भी आया।

पूर्वोत्तर में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने अगले 6-7 दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सप्ताह के अंत तक पूर्वोत्तर में बारिश और तेज़ होने की आशंका है। पूर्वोत्तर भारत, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में व्यापक वर्षा का अनुमान है।

तापमान और दिल्ली-एनसीआर का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है। राजस्थान के फलोदी में सोमवार को देश का सर्वाधिक तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हल्की बारिश, आंधी और 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक राजधानी में बादल छाए रहेंगे।

मछुआरों और किसानों के लिए एडवाइजरी

IMD ने एक विशेष एडवाइजरी जारी कर मछुआरों को 20 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के जोखिम वाले समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। बारिश-प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को जल-निकासी की उचित व्यवस्था करने और खड़ी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। आम नागरिकों को बिजली गिरने और तेज़ हवाओं जैसे आंधी-तूफान के खतरों से सावधान रहने की हिदायत दी गई है। मानसून की यह प्रगति आने वाले हफ्तों में देश के कृषि और जल-संसाधन परिदृश्य को निर्णायक रूप से प्रभावित करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्वोत्तर में 6-7 दिनों की लगातार भारी बारिश की चेतावनी बाढ़ प्रबंधन के लिए एक गंभीर संकेत है — असम और मेघालय पहले से ही हर साल इस मौसम में बड़े नुकसान झेलते हैं। फलोदी में 42.8°C तापमान यह याद दिलाता है कि मानसून की दस्तक के बावजूद उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी का संकट बरकरार है। मछुआरों और किसानों के लिए समय पर एडवाइजरी स्वागतयोग्य है, लेकिन असली परीक्षा राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र की होगी — जो पिछले वर्षों में बाढ़ की प्रतिक्रिया में अक्सर धीमा रहा है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 अभी किन राज्यों में पहुँचा है?
IMD के अनुसार, 15 जून 2026 को मानसून आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई इलाकों में पहुँच गया है। बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी-मध्य हिस्से भी मानसून की चपेट में आ गए हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश कब तक रहेगी?
IMD ने अगले 6-7 दिनों के दौरान असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। सप्ताह के अंत तक बारिश और तेज़ होने की आशंका जताई गई है।
मछुआरों के लिए IMD की एडवाइजरी क्या है?
IMD ने मछुआरों को 20 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के जोखिम वाले समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। यह एडवाइजरी समुद्र में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों के खतरे को देखते हुए जारी की गई है।
अगले 4-5 दिनों में मानसून कहाँ-कहाँ आगे बढ़ेगा?
IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में मानसून के प्रवेश के लिए मौसमी परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। इसके साथ ही बिहार, ओडिशा और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है।
किसानों को मानसून के दौरान क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
IMD ने बारिश-प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को खेतों में जल-निकासी की उचित व्यवस्था करने और खड़ी फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह दी है। आम नागरिकों को बिजली गिरने और तेज़ हवाओं जैसे आंधी-तूफान के खतरों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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