दक्षिण-पश्चिम मानसून का पूर्वी-दक्षिणी भारत में विस्तार, पूर्वोत्तर में अगले 6-7 दिन भारी बारिश की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 15 जून 2026 को पूर्वी और दक्षिणी भारत के बड़े हिस्सों में तेज़ी से पाँव पसार लिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अनेक इलाकों तक पहुँच गया है, साथ ही बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी-मध्य हिस्सों को भी अपनी आगोश में ले लिया है। यह प्रगति सामान्य मानसून-क्रम से मेल खाती है और अगले कुछ दिनों में और राज्यों में विस्तार की संभावना है।
मानसून की उत्तरी सीमा और वर्तमान स्थिति
IMD के ताज़ा बुलेटिन के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) अभी हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुज़र रही है। यह रेखा इंगित करती है कि इन शहरों के दक्षिण और पूर्व में मानसून सक्रिय हो चुका है, जबकि इनके उत्तर और पश्चिम में अभी प्रतीक्षा है।
अगले 4-5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में मानसून के प्रवेश के लिए मौसमी परिस्थितियाँ अनुकूल बताई जा रही हैं।
पिछले 24 घंटों की बारिश का ब्यौरा
पिछले 24 घंटों में असम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश (7-11 सेमी) हुई। इसके अलावा, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 60-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान भी आया।
पूर्वोत्तर में भारी बारिश की चेतावनी
IMD ने अगले 6-7 दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सप्ताह के अंत तक पूर्वोत्तर में बारिश और तेज़ होने की आशंका है। पूर्वोत्तर भारत, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में व्यापक वर्षा का अनुमान है।
तापमान और दिल्ली-एनसीआर का हाल
उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है। राजस्थान के फलोदी में सोमवार को देश का सर्वाधिक तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हल्की बारिश, आंधी और 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक राजधानी में बादल छाए रहेंगे।
मछुआरों और किसानों के लिए एडवाइजरी
IMD ने एक विशेष एडवाइजरी जारी कर मछुआरों को 20 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के जोखिम वाले समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। बारिश-प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को जल-निकासी की उचित व्यवस्था करने और खड़ी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। आम नागरिकों को बिजली गिरने और तेज़ हवाओं जैसे आंधी-तूफान के खतरों से सावधान रहने की हिदायत दी गई है। मानसून की यह प्रगति आने वाले हफ्तों में देश के कृषि और जल-संसाधन परिदृश्य को निर्णायक रूप से प्रभावित करेगी।