दक्षिण बंगाल में सोमवार तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में बनेगा डिप्रेशन
सारांश
मुख्य बातें
अलीपुर क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने 4 जुलाई 2026 को चेतावनी जारी की कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र और अधिक तीव्र होकर डिप्रेशन का रूप लेगा, जिसके चलते कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के अनेक जिलों में सोमवार, 7 जुलाई तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। यह मौसमी तंत्र पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा, जिससे तटीय और आंतरिक दोनों क्षेत्रों पर व्यापक असर पड़ेगा।
मुख्य मौसमी घटनाक्रम
आरएमसी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में मौजूद कम दबाव का क्षेत्र तेज़ी से डिप्रेशन में परिवर्तित होगा। इसके पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में व्यापक वर्षा होगी। साथ ही, उत्तर बंगाल की खाड़ी में समुद्र उफान पर रहेगा।
इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सोमवार, 7 जुलाई तक समुद्र में न जाने की कड़ी सलाह दी है। उल्लेखनीय है कि उत्तर बंगाल में इस दौरान किसी बड़े वर्षा तंत्र के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं, हालाँकि वहाँ के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर येलो अलर्ट जारी है।
ज़िलेवार अलर्ट की स्थिति
शनिवार को दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर जिलों के लिए बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चलने और गरज-चमक की भी संभावना है।
रविवार को झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और हावड़ा जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। इसके अलावा कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पूर्व बर्दवान और पश्चिम बर्दवान में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट लागू रहेगा।
सोमवार को पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुरा, पुरुलिया, दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बर्दवान और बीरभूम जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। मंगलवार और बुधवार को दक्षिण 24 परगना तथा पूर्वी मेदिनीपुर के कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
कोलकाता का तापमान
मौसम विभाग के आँकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को कोलकाता का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के सामान्य स्तर के अनुरूप था।
आम जनता और मछुआरों पर असर
तटीय जिलों के मछुआरों को सोमवार तक समुद्र से दूर रहने की हिदायत दी गई है, क्योंकि ऊँची लहरें और तेज़ हवाएँ समुद्री गतिविधियों को खतरनाक बना सकती हैं। दक्षिण बंगाल के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के निवासियों को अगले तीन दिन सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह मौसमी चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य में मानसून पहले से ही सक्रिय है और जलभराव की स्थिति कई इलाकों में बनी हुई है।