बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव: शनिवार से दक्षिण बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, कोलकाता भी प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिण बंगाल के कई जिलों में शनिवार, 5 जुलाई से भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कोलकाता के अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने बुधवार, 1 जुलाई को यह चेतावनी जारी की। मौसम विभाग के अनुसार, यह निम्न दबाव जल्द ही डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की संभावना है।
मौसम का ताज़ा घटनाक्रम
आरएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके चलते 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अक्ष वर्तमान में पंजाब से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।' उन्होंने यह भी बताया कि बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में जलवाष्प के प्रवाह ने गरज के साथ बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बना दी हैं।
किन जिलों में कब होगी बारिश
उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में बुधवार को भारी बारिश की संभावना है। शेष जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-बारिश हो सकती है।
दक्षिण बंगाल में फिलहाल छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश जारी है, लेकिन रविवार, 6 जुलाई को कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, बांकुरा और पुरुलिया जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। सोमवार, 7 जुलाई को पश्चिम मिदनापुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुरा में बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है।
उत्तर बंगाल में हो चुका है नुकसान
गौरतलब है कि मंगलवार तक उत्तर बंगाल के जिलों में लगातार भारी बारिश से भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई दिनों की अनवरत वर्षा ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। अब उत्तर बंगाल में मौसम में अस्थायी सुधार आने के बाद मानसून का केंद्र दक्षिण की ओर खिसक रहा है — यह पैटर्न मानसून की सामान्य उत्तर-से-दक्षिण प्रगति के अनुरूप है।
कोलकाता का तापमान
मंगलवार को कोलकाता में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री कम है। उमस और बादलों के बीच शहर में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। निम्न दबाव के डिप्रेशन में बदलने की स्थिति में तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह निचले इलाकों के निवासियों को समय पर सतर्क करे।