पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट: उत्तर बंगाल के 5 जिलों में 5 अगस्त तक 20 सेमी तक वर्षा की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग ने 2 अगस्त 2025 को पश्चिम बंगाल के लिए व्यापक वर्षा पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार उत्तर बंगाल के कई जिलों में 5 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि दक्षिण बंगाल में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा। राजस्थान के दक्षिण-पूर्व में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम मानसून अक्ष के संयुक्त प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से राज्य में लगातार नमी का प्रवाह बना हुआ है।
उत्तर बंगाल में भारी वर्षा का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। उत्तर दिनाजपुर जिले में भी आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
गुरुवार, 6 अगस्त को जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में पुनः भारी वर्षा का अनुमान है। शुक्रवार, 7 अगस्त को उत्तर बंगाल के सभी जिलों में छिटपुट बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
दक्षिण बंगाल में गरज-चमक और तेज़ हवाओं की चेतावनी
दक्षिण बंगाल में भी वर्षा की अनुकूल परिस्थितियाँ बनी रहेंगी। रविवार से दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, पूर्व बर्दवान, पश्चिम बर्दवान, मुर्शिदाबाद और बीरभूम जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है।
सोमवार को उत्तर 24 परगना, नदिया और मुर्शिदाबाद जिलों के लिए भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को बीरभूम, मुर्शिदाबाद और पूर्व बर्दवान में भारी वर्षा हो सकती है। इसके अतिरिक्त 7 अगस्त को दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुरा और पुरुलिया जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
कोलकाता का तापमान और आर्द्रता
कोलकाता और आसपास के इलाकों में शनिवार को अधिकतम तापमान 32.07 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.02 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.04 डिग्री अधिक था। सापेक्ष आर्द्रता अधिकतम 94 प्रतिशत और न्यूनतम 71 प्रतिशत रही, जो उमस भरी परिस्थितियों का संकेत देती है।
मौसमी कारण: निम्न दबाव और मानसून अक्ष
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान के दक्षिण-पूर्व में बना निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून अक्ष मिलकर बंगाल की खाड़ी से राज्य में नमी की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न अपने चरम पर है और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी वर्षा की स्थिति बनी हुई है।
आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता में उतार-चढ़ाव संभव है; निवासियों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।