पुतिन ने PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर भेजा विशेष संदेश, भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर एक विशेष बधाई संदेश भेजा, जिसमें उन्होंने भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने में मोदी की भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की। क्रेमलिन द्वारा आधिकारिक रूप से जारी इस संदेश में नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (12-13 सितंबर) के दौरान मिली भारतीय आतिथ्य-सत्कार के प्रति भी कृतज्ञता जताई गई।
पुतिन का संदेश: मुख्य बातें
क्रेमलिन द्वारा साझा किए गए संदेश के अंश में पुतिन ने लिखा, 'आप (प्रधानमंत्री मोदी) अपने देशवासियों और वैश्विक स्तर पर बहुत अधिक सम्मानित शख्स हैं। भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में आपके व्यक्तिगत योगदान को जितना भी सराहा जाए, कम है।' यह संदेश ऐसे समय आया है जब भारत-रूस संबंध कूटनीतिक रूप से विशेष महत्व के दौर में हैं।
ब्रिक्स यात्रा का उल्लेख
पुतिन ने अपने संदेश में 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के आतिथ्य को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने लिखा, 'पिछले सप्ताह नई दिल्ली की मेरी यात्रा के दौरान मुझे और रूसी प्रतिनिधिमंडल को मिले गर्मजोशी भरे और स्नेहपूर्ण स्वागत और मेहमाननवाजी के लिए मैं अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं।' इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई थी।
द्विपक्षीय वार्ता की सराहना
रूसी राष्ट्रपति ने दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा को 'ठोस, स्पष्ट और सार्थक' बताया। उन्होंने कहा, 'आपसे बात करके हमेशा बहुत खुशी हुई, और हमारी चर्चाओं ने एक बार फिर आपकी असाधारण राजनीतिक समझ और दूरदर्शिता को प्रदर्शित किया।' पुतिन ने यह भी रेखांकित किया कि दोनों देश 'मित्र देशों के लाभ के लिए महत्वपूर्ण द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर रचनात्मक सहयोग जारी रखेंगे।'
मोदी का राजनीतिक सफ़र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के उन विरले नेताओं में हैं जो लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन हैं, जिससे वे भारत के सबसे ज़्यादा समय तक लगातार सेवारत प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इससे पहले, वे 2001 से 2014 तक, यानी लगभग 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, और उसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा।
भारत-रूस संबंधों का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत और रूस के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक सम्बंध तेज़ी से विकसित हो रहे हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करने के बाद भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति और भी सुदृढ़ हुई है। पुतिन का यह व्यक्तिगत संदेश दोनों देशों के बीच 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' की गहराई को रेखांकित करता है, जो आने वाले समय में और प्रगाढ़ होने की उम्मीद है।