पुतिन बोले — मोदी के 'व्यक्तिगत ध्यान' से भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी और मज़बूत हुई
सारांश
मुख्य बातें
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 31 अगस्त को बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में कहा कि भारत-रूस संबंध विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के सिद्धांतों पर लगातार सुदृढ़ हो रहे हैं। पुतिन ने इसका श्रेय सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के 'व्यक्तिगत ध्यान' और दोनों नेताओं के बीच बनी गर्मजोशी भरी व्यक्तिगत मित्रता को दिया।
पुतिन का बयान: क्या कहा बिश्केक में
पुतिन ने बैठक में कहा, "मैं संतोष के साथ यह नोट करना चाहूंगा कि रूसी-भारतीय संबंध विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के सिद्धांतों के आधार पर मज़बूत होते जा रहे हैं। निश्चित रूप से, प्रधानमंत्री, यह रूसी-भारतीय संबंधों के विकास पर आपके व्यक्तिगत ध्यान और हमारे बीच विकसित हुए बहुत ही गर्मजोशी भरे व्यक्तिगत और मैत्रीपूर्ण संबंधों से संभव हुआ है — न केवल व्यावसायिक स्तर पर, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी। इसके लिए मैं बहुत आभारी हूं।"
उन्होंने कहा कि यह बैठक SCO शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर हो रही है — एक ऐसा संगठन जो ग्लोबल साउथ और पूर्व के देशों के बीच संबंधों को गहरा करने, क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक व सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने तथा एक न्यायपूर्ण और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।
जयशंकर की मॉस्को यात्रा का संदर्भ
पुतिन ने हाल ही में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की मॉस्को यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे उस यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं से 'पूरी तरह सहमत' हैं। यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद के सूत्र उच्च स्तर पर सक्रिय हैं।
व्यापार और शैक्षणिक सहयोग में उछाल
आर्थिक मोर्चे पर पुतिन ने कहा कि पिछले वर्ष थोड़ी गिरावट के बाद इस वर्ष के पहले छह महीनों में द्विपक्षीय व्यापार 2.6 प्रतिशत बढ़ चुका है। उन्होंने मॉस्को में हाल ही में हुई अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के सकारात्मक परिणामों का भी उल्लेख किया।
शिक्षा के क्षेत्र में पुतिन ने बताया कि रूस में अध्ययनरत भारतीय छात्रों की संख्या पिछले 10 वर्षों में सात गुना बढ़कर अब लगभग 40,000 हो गई है — जिसे उन्होंने 'एक उल्लेखनीय उपलब्धि' करार दिया। भारत इस मामले में रूस में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के हिसाब से अग्रणी देशों में शामिल है।
आगे की कूटनीतिक कार्यसूची
पुतिन ने रेखांकित किया कि 2027 में भारत और रूस राजनयिक संबंधों की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ मनाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रूस सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले आगामी BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों को गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और भारत की 'बहु-संरेखण' नीति को नई परीक्षाओं का सामना करना पड़ रहा है।