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पुतिन बोले — मोदी के 'व्यक्तिगत ध्यान' से भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी और मज़बूत हुई

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पुतिन बोले — मोदी के 'व्यक्तिगत ध्यान' से भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी और मज़बूत हुई

सारांश

बिश्केक में SCO की पूर्व संध्या पर पुतिन ने मोदी को श्रेय दिया — भारत-रूस साझेदारी की मज़बूती के लिए। व्यापार में 2.6% उछाल, रूस में 40,000 भारतीय छात्र और 2027 में 80वीं कूटनीतिक वर्षगांठ — यह बैठक दोनों देशों के बीच गहराते रिश्तों की ताज़ा कड़ी है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 31 अगस्त को बिश्केक में PM मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में भारत-रूस संबंधों को 'विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' बताया।
पुतिन ने कहा कि मोदी के 'व्यक्तिगत ध्यान' और दोनों नेताओं की व्यक्तिगत मित्रता ने संबंधों को मज़बूती दी है।
इस वर्ष के पहले छह महीनों में भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार 2.6% बढ़ा।
रूस में भारतीय छात्रों की संख्या 10 वर्षों में सात गुना बढ़कर लगभग 40,000 हुई।
2027 में दोनों देश राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ मनाएंगे; रूस BRICS नई दिल्ली की तैयारी में जुटा।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 31 अगस्त को बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में कहा कि भारत-रूस संबंध विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के सिद्धांतों पर लगातार सुदृढ़ हो रहे हैं। पुतिन ने इसका श्रेय सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के 'व्यक्तिगत ध्यान' और दोनों नेताओं के बीच बनी गर्मजोशी भरी व्यक्तिगत मित्रता को दिया।

पुतिन का बयान: क्या कहा बिश्केक में

पुतिन ने बैठक में कहा, "मैं संतोष के साथ यह नोट करना चाहूंगा कि रूसी-भारतीय संबंध विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के सिद्धांतों के आधार पर मज़बूत होते जा रहे हैं। निश्चित रूप से, प्रधानमंत्री, यह रूसी-भारतीय संबंधों के विकास पर आपके व्यक्तिगत ध्यान और हमारे बीच विकसित हुए बहुत ही गर्मजोशी भरे व्यक्तिगत और मैत्रीपूर्ण संबंधों से संभव हुआ है — न केवल व्यावसायिक स्तर पर, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी। इसके लिए मैं बहुत आभारी हूं।"

उन्होंने कहा कि यह बैठक SCO शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर हो रही है — एक ऐसा संगठन जो ग्लोबल साउथ और पूर्व के देशों के बीच संबंधों को गहरा करने, क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक व सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने तथा एक न्यायपूर्ण और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।

जयशंकर की मॉस्को यात्रा का संदर्भ

पुतिन ने हाल ही में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की मॉस्को यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे उस यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं से 'पूरी तरह सहमत' हैं। यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद के सूत्र उच्च स्तर पर सक्रिय हैं।

व्यापार और शैक्षणिक सहयोग में उछाल

आर्थिक मोर्चे पर पुतिन ने कहा कि पिछले वर्ष थोड़ी गिरावट के बाद इस वर्ष के पहले छह महीनों में द्विपक्षीय व्यापार 2.6 प्रतिशत बढ़ चुका है। उन्होंने मॉस्को में हाल ही में हुई अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के सकारात्मक परिणामों का भी उल्लेख किया।

शिक्षा के क्षेत्र में पुतिन ने बताया कि रूस में अध्ययनरत भारतीय छात्रों की संख्या पिछले 10 वर्षों में सात गुना बढ़कर अब लगभग 40,000 हो गई है — जिसे उन्होंने 'एक उल्लेखनीय उपलब्धि' करार दिया। भारत इस मामले में रूस में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के हिसाब से अग्रणी देशों में शामिल है।

आगे की कूटनीतिक कार्यसूची

पुतिन ने रेखांकित किया कि 2027 में भारत और रूस राजनयिक संबंधों की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ मनाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रूस सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले आगामी BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों को गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और भारत की 'बहु-संरेखण' नीति को नई परीक्षाओं का सामना करना पड़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 'व्यक्तिगत ध्यान' पर टिकी साझेदारियाँ कितनी टिकाऊ होती हैं? व्यापार में 2.6% की वृद्धि उत्साहजनक है, पर यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी दबाव के बीच भारत की 'बहु-संरेखण' नीति की परीक्षा अभी जारी है। नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन इस संतुलन की अगली बड़ी कसौटी होगी।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिश्केक में पुतिन और मोदी की बैठक में क्या हुआ?
31 अगस्त को बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को 'विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' बताया और मोदी के 'व्यक्तिगत ध्यान' को इसका श्रेय दिया। व्यापार, शिक्षा और आगामी BRICS शिखर सम्मेलन पर भी चर्चा हुई।
भारत-रूस व्यापार की मौजूदा स्थिति क्या है?
पुतिन के अनुसार पिछले वर्ष थोड़ी गिरावट के बाद इस वर्ष के पहले छह महीनों में द्विपक्षीय व्यापार 2.6 प्रतिशत बढ़ा है। मॉस्को में हाल ही में हुई अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के परिणाम भी सकारात्मक रहे हैं।
रूस में भारतीय छात्रों की संख्या कितनी है?
पुतिन ने बताया कि रूस में अध्ययनरत भारतीय छात्रों की संख्या पिछले 10 वर्षों में सात गुना बढ़कर लगभग 40,000 हो गई है। भारत इस मामले में रूस में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के लिहाज़ से अग्रणी देशों में शामिल है।
भारत-रूस संबंधों की 80वीं वर्षगांठ कब है?
2027 में भारत और रूस अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ मनाएंगे। पुतिन ने इस अवसर का विशेष उल्लेख किया, जो दोनों देशों के दीर्घकालिक संबंधों को रेखांकित करता है।
BRICS नई दिल्ली शिखर सम्मेलन कब होगा और रूस की क्या भूमिका है?
BRICS शिखर सम्मेलन सितंबर में नई दिल्ली में होने वाला है। पुतिन ने कहा कि रूस इसकी तैयारियों को गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है, जो भारत-रूस कूटनीतिक सहयोग की अगली अहम कड़ी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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