पुणे कॉलेज में PM मोदी की तस्वीर हटाने का विवाद, मनसे नेता अमित ठाकरे पर प्रिंसिपल ने दर्ज कराई शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में 31 अगस्त को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नेता अमित ठाकरे के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर जबरन हटाए जाने का मामला सामने आया है। कॉलेज के प्रिंसिपल राजेंद्र पाटिल ने इस घटना को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रिंसिपल राजेंद्र पाटिल के अनुसार, अमित ठाकरे अपने साथ करीब 20-25 कार्यकर्ताओं को लेकर कॉलेज पहुँचे। दोपहर करीब 12:30 से 1 बजे के बीच जब ठाकरे प्रिंसिपल के केबिन में पहुँचे, तो उन्होंने वहाँ छत्रपति शिवाजी महाराज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें लगी देखीं।
पाटिल ने बताया कि ठाकरे ने कहा कि वहाँ प्रधानमंत्री की तस्वीर नहीं लगाई जा सकती, और तत्काल अपने एक कार्यकर्ता को तस्वीर उतारने का निर्देश दिया। कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर नीचे उतार दी।
प्रिंसिपल का पक्ष और शिकायत
प्रिंसिपल राजेंद्र पाटिल ने कहा कि उन्होंने अमित ठाकरे को यह समझाने की कोशिश की कि सरकारी शासन निर्णय के तहत कॉलेज परिसर में प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाना अनिवार्य है और वे इसे हटाने के लिए बाध्य नहीं हैं। बावजूद इसके तस्वीर उतार दी गई।
पाटिल ने आगे बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि उनके कार्यालय में लगी प्रधानमंत्री की तस्वीर को जबरदस्ती हटाया गया।
दौरे के दौरान उठाए गए अन्य मुद्दे
तस्वीर विवाद के अलावा, अमित ठाकरे और उनके कार्यकर्ताओं ने कॉलेज की व्यवस्थाओं पर भी कई सवाल उठाए। हॉस्टल के शौचालय और स्नानघरों की साफ-सफाई को लेकर शिकायत की गई। कैंटीन में इस्तेमाल होने वाले प्याज की गुणवत्ता पर भी आपत्ति जताई गई और खराब प्याज को एक क्रेट में रखकर दिखाया गया।
आगे क्या होगा
प्रिंसिपल पाटिल ने बताया कि दौरे के दौरान अमित ठाकरे ने कहा कि उनके कार्यकर्ता करीब आठ दिन बाद फिर से कॉलेज आएंगे और व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा करेंगे। ठाकरे ने यह भी कहा कि यदि सुधार नहीं हुआ तो दोबारा कार्यवाही की जाएगी। इस विवाद के राजनीतिक आयाम को देखते हुए मामला आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना है।