नीट विवाद: उद्धव ठाकरे ने सोनम वांगचुक के छात्र आंदोलन को समर्थन दिया, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार, 13 जुलाई को कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और युवा कार्यकर्ता अभिजीत दिपके के नेतृत्व में चल रहे नीट-विरोधी छात्र आंदोलन को अपनी पार्टी का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। मुंबई स्थित अपने आवास मातोश्री में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठाकरे ने कहा कि यह लड़ाई किसी दल की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की है।
आंदोलन को समर्थन और राजनीतिक एकता की अपील
ठाकरे ने देशभर के सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस छात्र आंदोलन के साथ खड़े हों। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से विशेष रूप से अपील की कि वे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल हों। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा से परे सभी को इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए।
केंद्र सरकार पर सीधा हमला
ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार पर बार-बार हो रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि शीर्ष स्तर पर जवाबदेही क्यों तय नहीं की जा रही और सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों नहीं माँग रही। उनका कहना था कि व्यवस्था की इस विफलता ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं से संवाद करने के बजाय राजनीतिक दलों को तोड़ने में व्यस्त है, जो उनके शब्दों में 'शर्मनाक' है।
20 जुलाई के मार्च की तैयारी और सुरक्षा चिंताएँ
छात्र संगठन छात्र जनआंदोलन परिषद (CJP) के बैनर तले 20 जुलाई को नई दिल्ली में एक बड़े मार्च का आह्वान किया गया है। ठाकरे ने स्वयं दिल्ली जाकर जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पर विचार करने की बात कही। साथ ही, शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्रभर में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन आयोजित करेगी। ठाकरे ने यह भी दावा किया कि कथित तौर पर कुछ तत्व मार्च में शामिल होकर हिंसा भड़काने और आंदोलन को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे लेकर उन्होंने सतर्कता बरतने की अपील की।
वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठाकरे ने सोनम वांगचुक से अपनी मौजूदा भूख हड़ताल समाप्त करने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि देश को इस लंबे संघर्ष के लिए वांगचुक की स्वस्थ और सक्रिय उपस्थिति की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे अपने बच्चों के साथ सड़कों पर उतरकर न्याय की माँग को और मजबूत करें।
अभिजीत दिपके का आभार और आगे की राह
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद युवा कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उद्धव ठाकरे के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि वे जंतर-मंतर पर जारी CJP के आंदोलन को मिले इस समर्थन के लिए कृतज्ञ हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल नीट मुद्दे पर एकजुट हो रहे हैं और 20 जुलाई का मार्च केंद्र सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बनता दिख रहा है।