नीट पेपर लीक: खड़गे ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा, टेलीग्राम ब्लॉक को बताया 'हताशापूर्ण फैसला'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 16 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा माँगा। नीट परीक्षा पेपर लीक और देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धाँधली के बढ़ते मामलों के बीच खड़गे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह समस्या की जड़ से निपटने के बजाय 'हताशापूर्ण' कदम उठा रही है।
टेलीग्राम ब्लॉक पर सीधा हमला
खड़गे ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को ब्लॉक किए जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर प्रश्न-पत्र की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना को तैनात कर रही है, दूसरी ओर डिजिटल प्लेटफॉर्म बंद कर रही है और कथित तौर पर इस पेपर लीक के मुख्य आरोपी को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उनके अनुसार, इस पूरे प्रकरण में केवल 'छोटे मोहरों' को पकड़ा जा रहा है, जबकि असली जिम्मेदार बेदाग बचे हुए हैं।
एक्स पर खड़गे का सीधा संदेश
खड़गे ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा माँगना चाहिए, जिनकी वजह से करोड़ों युवाओं का भविष्य अधर में है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी परिणाम विवाद और सीबीएसई रिजल्ट को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश उबाल पर है।
पेपर लीक के आँकड़े और मानवीय कीमत
खड़गे के अनुसार, पिछले एक वर्ष में पेपर लीक की 90 घटनाएँ सामने आई हैं, जिनसे 9 करोड़ युवाओं का भविष्य अंधकार में पड़ गया है — ये वे छात्र हैं जो नीट, एसएससी, यूजीसी-नेट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी में लगे हुए हैं। उन्होंने उन अभिभावकों की पीड़ा को भी रेखांकित किया, जिन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए भारी कर्ज लिया और अब उनके सपनों को बिखरते देख रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इन घटनाओं की वजह से दर्जनों युवाओं ने अपनी जान गँवाई है।
यूपीएससी तक फैला संदेह का साया
खड़गे ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ चुका है कि अब संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा भी संदेह के घेरे में आ गई है। उन्होंने कहा कि 17-18 वर्ष के किशोर भी अब सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हो रहे हैं — यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था की गहरी विफलता को दर्शाती है।
भाजपा सरकार पर सीधा आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार समाप्त करने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की एकमात्र माँग यही है कि धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री पद से तुरंत इस्तीफा दें। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब किसी परीक्षा लीक के बाद विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की माँग उठाई हो — लेकिन इस बार छात्र आंदोलन और मीडिया दबाव दोनों असाधारण रूप से तीव्र हैं। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना है।