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नीट विवाद: खड़गे की दो टूक — पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, तभी होगी राज्यसभा में चर्चा

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नीट विवाद: खड़गे की दो टूक — पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, तभी होगी राज्यसभा में चर्चा

सारांश

राज्यसभा में नीट विवाद पर चर्चा से पहले ही खड़गे ने शर्त रख दी — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। सरकार तैयार है बहस के लिए, पर इस्तीफे पर चुप। चौथे दिन भी सदन ठप रहा और हजारों छात्रों का भविष्य अटका है।

मुख्य बातें

नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 23 जुलाई को राज्यसभा में स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना नीट पर चर्चा नहीं होगी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
विपक्ष ने गृह मंत्री से भी दोनों सदनों में वक्तव्य और लाठीचार्ज की जिम्मेदारी तय करने की माँग की।
नीट विवाद के कारण राज्यसभा की कार्यवाही लगातार चौथे दिन बाधित रही; प्रश्नकाल व शून्यकाल स्थगित।
कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों से देशभर में हजारों छात्र प्रभावित बताए जा रहे हैं।

राज्यसभा में नीट परीक्षा विवाद को लेकर 23 जुलाई को सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जब नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, तब तक नीट पर कोई संसदीय चर्चा संभव नहीं है। इसके विपरीत, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दोहराया कि सरकार इस मुद्दे पर बहस के लिए पूरी तरह तैयार है।

खड़गे का सदन में स्पष्ट संदेश

सभापति को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'हम शुरू से चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जरूर होना चाहिए — और जब तक इस्तीफा नहीं दिलाया जाएगा, तब तक चर्चा शुरू नहीं होगी।' उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान दे और छात्रों की पीड़ा को प्राथमिकता दे।

खड़गे ने यह भी रेखांकित किया कि नीट विवाद के कारण देशभर में हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं और अनेक परिवार गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

विपक्ष की अतिरिक्त माँगें

विपक्ष ने केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक अपनी माँगें सीमित नहीं रखी हैं। विपक्षी दलों ने यह भी माँग की है कि गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में विस्तृत वक्तव्य दें और यह स्पष्ट करें कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज तथा विपक्षी नेताओं के साथ की गई कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है और दोषियों के विरुद्ध क्या कदम उठाए जाएँगे।

संसद की कार्यवाही पर असर

इस गतिरोध का सीधा असर संसदीय कामकाज पर पड़ रहा है। गुरुवार को लगातार चौथे दिन राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही। प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों हंगामे के कारण स्थगित करने पड़े। गौरतलब है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर संसद के दोनों सदनों में लगातार व्यवधान जारी है।

सरकार का पक्ष

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार नीट मुद्दे पर चर्चा से कभी नहीं भागी और सदन में बहस के लिए पूरी तरह तैयार है। हालाँकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी परीक्षा को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में भी सुनवाई जारी है और केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ पेपर लीक मामले की तफ्तीश कर रही हैं। जब तक सरकार और विपक्ष के बीच इस गतिरोध का कोई हल नहीं निकलता, राज्यसभा में सार्थक चर्चा की संभावना कम दिखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर चर्चा' की रणनीति राजनीतिक दृष्टि से तीखी है, लेकिन इसका व्यावहारिक परिणाम यह है कि जिन लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है, वे संसदीय जवाबदेही की प्रतीक्षा में लटके रहते हैं। सरकार 'चर्चा के लिए तैयार' का दावा करती है, पर किसी मंत्री की जवाबदेही पर मौन है — यह भी एक राजनीतिक चाल है। असली सवाल यह है कि नीट की संरचनात्मक खामियों पर जाँच और सुधार कब होगा — इस्तीफे की माँग और बचाव की मुद्रा के बीच वह एजेंडा दब न जाए।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट चर्चा पर क्या शर्त रखी है?
खड़गे ने राज्यसभा में स्पष्ट कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक नीट विवाद पर कोई संसदीय चर्चा नहीं होगी। विपक्ष का कहना है कि वह चर्चा से नहीं भाग रहा, बल्कि मंत्री की जवाबदेही पहले तय होनी चाहिए।
नीट विवाद को लेकर राज्यसभा में गतिरोध कितने दिनों से जारी है?
23 जुलाई को लगातार चौथे दिन राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही। प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों हंगामे के कारण स्थगित करने पड़े। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद से संसद के दोनों सदनों में यह गतिरोध बना हुआ है।
सरकार का नीट चर्चा पर क्या रुख है?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। हालाँकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विपक्ष ने नीट विवाद पर और क्या माँगें रखी हैं?
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के अलावा विपक्ष ने माँग की है कि गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में विस्तृत वक्तव्य दें। साथ ही यह स्पष्ट करें कि छात्रों पर लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं के साथ हुई कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है और दोषियों के विरुद्ध क्या कदम उठाए जाएँगे।
नीट विवाद से छात्र कैसे प्रभावित हुए हैं?
कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के कारण देशभर में हजारों छात्र प्रभावित बताए जा रहे हैं। खड़गे के अनुसार, कई छात्र और उनके परिवार गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है।
राष्ट्र प्रेस
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