23 जुलाई 2026
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नीट पर चर्चा के लिए सरकार तैयार, रिजिजू बोले — एनडीए के सभी दल चाहते हैं बहस, विपक्ष की शर्तें बाधा

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नीट पर चर्चा के लिए सरकार तैयार, रिजिजू बोले — एनडीए के सभी दल चाहते हैं बहस, विपक्ष की शर्तें बाधा

सारांश

नीट विवाद पर संसद में एक बार फिर तकरार — सरकार बिना शर्त चर्चा चाहती है, विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा है। रिजिजू का आरोप: शर्तें लगाकर विपक्ष खुद बहस रोक रहा है। मानसून सत्र में गतिरोध गहराता जा रहा है।

मुख्य बातें

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 23 जुलाई को राज्यसभा में कहा कि सरकार पहले दिन से नीट मुद्दे पर चर्चा के पक्ष में है।
एनडीए के सभी घटक दल भी संसद में नीट पर गंभीर बहस चाहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक पर कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया; फास्ट ट्रैक न्यायालयों की व्यवस्था की जा रही है।
विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को चर्चा की पूर्व शर्त बनाया है।
रिजिजू का आरोप — विपक्ष शर्तें लगाकर चर्चा को बाधित कर रहा है; विपक्षी सांसद अपनी माँगों पर अडिग रहे।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार, 23 जुलाई को राज्यसभा में स्पष्ट किया कि सरकार पहले दिन से ही नीट परीक्षा विवाद पर संसद में चर्चा कराने के पक्ष में है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी घटक दल भी इस विषय पर गंभीर बहस चाहते हैं। मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध एक बार फिर उभरकर सामने आया, जब नीट मुद्दे पर चर्चा की माँग को लेकर सदन में हंगामा हुआ।

सरकार का पक्ष: बिना शर्त चर्चा की अपील

रिजिजू ने सदन को बताया कि सरकार की ओर से विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं — विशेष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेताओं से — पहले ही बातचीत की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि चर्चा की अवधि और स्वरूप आपसी सहमति से तय किया जा सकता है, परंतु चर्चा शुरू करने के लिए कोई पूर्व शर्त नहीं लगाई जानी चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई का संदेश पहले ही दे दिया है। उन्होंने बताया कि दोषियों को त्वरित और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक न्यायालयों की व्यवस्था की जा रही है।

विपक्ष की माँग: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

विपक्षी दलों ने सरकार के सामने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की शर्त रखी है। विपक्षी सांसदों का स्पष्ट कहना था कि परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता, कोई सार्थक चर्चा संभव नहीं है।

रिजिजू ने इस रुख पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा की बात तो करता है, लेकिन शर्तें लगाकर उसे बाधित करता है। उनके अनुसार, इस रवैये से यह संदेश जाता है कि विपक्ष वास्तव में सदन में बहस नहीं होने देना चाहता।

नीट विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों में व्यापक आक्रोश पैदा किया था। सर्वोच्च न्यायालय में भी इस मामले से जुड़ी याचिकाएँ विचाराधीन हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव नतीजों के बाद से ही सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर हमलावर है।

संसद में गतिरोध जारी

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कार्यवाही बाधित होती रही है। रिजिजू ने विपक्ष से पुनः अपील की कि वह अपनी शर्तें वापस ले और नीट मुद्दे पर बिना किसी बाधा के बहस होने दे। हालांकि विपक्षी सांसद अपनी माँगों पर अडिग रहे और सरकार की अपील को अस्वीकार कर दिया।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या दोनों पक्ष किसी मध्य मार्ग पर सहमत होते हैं, या मानसून सत्र का बचा हुआ समय भी इसी गतिरोध की भेंट चढ़ जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी सच है कि सरकार ने नीट अनियमितताओं की जवाबदेही पर अब तक ठोस जवाब नहीं दिए हैं। विपक्ष की इस्तीफे की माँग भले ही राजनीतिक हो, लेकिन लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर संसदीय बहस को शर्तों और आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ाना दोनों पक्षों की विफलता है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा स्वागतयोग्य है, पर असली सवाल यह है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार कब और कैसे होगा — यह बात सदन के पटल पर आनी चाहिए, न कि लॉबी में।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट परीक्षा विवाद पर संसद में क्या हुआ?
23 जुलाई को मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में नीट मुद्दे पर चर्चा को लेकर हंगामा हुआ। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार की ओर से बिना शर्त चर्चा की अपील की, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर अड़ा रहा।
किरेन रिजिजू ने नीट पर क्या कहा?
रिजिजू ने कहा कि सरकार शुरू से नीट मुद्दे पर चर्चा के पक्ष में है और एनडीए के सभी दल भी यही चाहते हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह शर्तें लगाकर बहस को बाधित कर रहा है।
विपक्ष की नीट पर क्या माँग है?
विपक्षी दलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को चर्चा की पूर्व शर्त बनाया है। उनका कहना है कि परीक्षा अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को पद छोड़ना चाहिए।
नीट पेपर लीक मामले में सरकार क्या कदम उठा रही है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक पर कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया है। दोषियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक न्यायालयों की व्यवस्था की जा रही है।
नीट विवाद का मानसून सत्र पर क्या असर पड़ा है?
नीट मुद्दे को लेकर मानसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही बाधित हुई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी रहने से सदन का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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