22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट पेपर लीक पर लोकसभा में हंगामा: रिजिजू बोले- 'सरकार चर्चा को तैयार', कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट पेपर लीक पर लोकसभा में हंगामा: रिजिजू बोले- 'सरकार चर्चा को तैयार', कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित

सारांश

नीट पेपर लीक पर लोकसभा में तीन दिन से जारी गतिरोध बुधवार को भी नहीं टूटा। किरेन रिजिजू ने चर्चा की पेशकश दोहराई, लेकिन विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और स्थगन प्रस्ताव पर अड़ा रहा। सदन दोपहर 2 बजे तक स्थगित।

मुख्य बातें

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 22 जुलाई को लोकसभा में कहा कि सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है।
बहस का प्रारूप, अवधि और नियम लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सभी दलों के फ्लोर नेताओं से परामर्श के बाद तय करेंगे।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और स्थगन प्रस्ताव की माँग दोहराई।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा— यह मुद्दा पार्टी राजनीति से ऊपर, देशभर के छात्रों के भविष्य से जुड़ा।
विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार, 22 जुलाई को लोकसभा में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार नीट पेपर लीक मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनुरोध किया कि बहस की तिथि, अवधि और प्रक्रियात्मक नियम सभी दलों के फ्लोर नेताओं से परामर्श के बाद तय किए जाएं। इसके बावजूद विपक्षी सांसदों ने सदन में विरोध जारी रखा, जिसके चलते कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

मुख्य घटनाक्रम

दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही पुनः आरंभ होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक और नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग दोहराई और सरकार से स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने का आग्रह किया।

वेणुगोपाल ने कहा, 'हमारी माँग बिल्कुल स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अगर आप स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करते हैं, तो इस पर चर्चा करें।'

सरकार की प्रतिक्रिया

रिजिजू ने विपक्ष की माँग के जवाब में कहा, 'पिछले तीन दिनों से हम विपक्ष को चर्चा के लिए प्रस्ताव दे रहे हैं। मैं आज फिर कहता हूँ कि सरकार नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन सदन में चर्चा किसी नियम के तहत होती है और उसके लिए जरूरी व्यवस्था करनी पड़ती है।' उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा की अवधि और नियम लोकसभा अध्यक्ष सभी दलों के फ्लोर नेताओं से विमर्श के बाद निर्धारित करेंगे।

अखिलेश यादव का हस्तक्षेप

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस विषय पर हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि नीट का मामला किसी एक पार्टी की राजनीति से ऊपर है और सीधे देश भर के छात्रों व युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। यादव ने माँग की कि सदन में हर राजनीतिक दल को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।

स्पीकर की अपील और स्थगन

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गतिरोध समाप्त करने की कोशिश करते हुए विपक्ष से अपील की कि वे सदन में विरोध प्रदर्शन छोड़कर बहस में भाग लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पहले ही रिजिजू के बयान के माध्यम से चर्चा की इच्छा जाहिर कर चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज हो रहे हैं। बावजूद इसके, विपक्षी सांसदों ने अपना विरोध नहीं थामा और सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

आगे की राह

गौरतलब है कि संसद सत्र के दौरान नीट विवाद पर चर्चा की माँग लगातार तीन दिनों से उठ रही है। सरकार और विपक्ष के बीच बहस के प्रारूप को लेकर सहमति न बन पाना ही गतिरोध की मूल वजह है। अब सभी दलों के फ्लोर नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष की बैठक के बाद ही यह तय होगा कि चर्चा कब और किस नियम के तहत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली विवाद चर्चा होगी या नहीं — इस पर नहीं, बल्कि उसके प्रारूप पर है। विपक्ष स्थगन प्रस्ताव चाहता है जो जवाबदेही की एक अलग श्रेणी तय करता है, जबकि सरकार नियमित बहस के जरिये दबाव को नियंत्रित रखना चाहती है। यह तकनीकी मतभेद नहीं, राजनीतिक रणनीति है — और इसी खींचतान में छात्रों का मुद्दा संसदीय प्रक्रिया की भेंट चढ़ता दिख रहा है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक पर लोकसभा में क्या हुआ?
22 जुलाई को लोकसभा में विपक्ष ने नीट पेपर लीक पर हंगामा किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की। किरेन रिजिजू ने चर्चा की पेशकश दोहराई, लेकिन प्रारूप पर सहमति न बनने से कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
किरेन रिजिजू ने नीट चर्चा पर क्या कहा?
रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और पिछले तीन दिनों से यही प्रस्ताव दे रही है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि बहस की तिथि, अवधि और नियम सभी दलों के फ्लोर नेताओं से विमर्श के बाद तय किए जाएं।
विपक्ष की मुख्य माँगें क्या हैं?
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की माँग रखी। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने भी सभी दलों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की अपील की।
स्थगन प्रस्ताव और सामान्य बहस में क्या फर्क है?
स्थगन प्रस्ताव किसी अत्यावश्यक सार्वजनिक मुद्दे पर सदन के सामान्य कामकाज को रोककर तत्काल चर्चा की माँग करता है, जो सरकार पर सीधा दबाव बनाता है। सामान्य बहस में यह तात्कालिकता और जवाबदेही का वही दबाव नहीं होता, इसीलिए विपक्ष स्थगन प्रस्ताव पर अड़ा है।
नीट विवाद में आगे क्या होगा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सभी दलों के फ्लोर नेताओं से परामर्श के बाद ही चर्चा का स्वरूप तय होगा। तब तक सदन में गतिरोध जारी रहने की आशंका है, क्योंकि विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग से पीछे हटने को तैयार नहीं दिखता।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 23 घंटे पहले
  5. कल
  6. कल
  7. 2 दिन पहले
  8. 2 दिन पहले