नीट पेपर लीक पर लोकसभा में हंगामा: रिजिजू बोले- 'सरकार चर्चा को तैयार', कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार, 22 जुलाई को लोकसभा में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार नीट पेपर लीक मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनुरोध किया कि बहस की तिथि, अवधि और प्रक्रियात्मक नियम सभी दलों के फ्लोर नेताओं से परामर्श के बाद तय किए जाएं। इसके बावजूद विपक्षी सांसदों ने सदन में विरोध जारी रखा, जिसके चलते कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
मुख्य घटनाक्रम
दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही पुनः आरंभ होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक और नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग दोहराई और सरकार से स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने का आग्रह किया।
वेणुगोपाल ने कहा, 'हमारी माँग बिल्कुल स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अगर आप स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करते हैं, तो इस पर चर्चा करें।'
सरकार की प्रतिक्रिया
रिजिजू ने विपक्ष की माँग के जवाब में कहा, 'पिछले तीन दिनों से हम विपक्ष को चर्चा के लिए प्रस्ताव दे रहे हैं। मैं आज फिर कहता हूँ कि सरकार नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन सदन में चर्चा किसी नियम के तहत होती है और उसके लिए जरूरी व्यवस्था करनी पड़ती है।' उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा की अवधि और नियम लोकसभा अध्यक्ष सभी दलों के फ्लोर नेताओं से विमर्श के बाद निर्धारित करेंगे।
अखिलेश यादव का हस्तक्षेप
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस विषय पर हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि नीट का मामला किसी एक पार्टी की राजनीति से ऊपर है और सीधे देश भर के छात्रों व युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। यादव ने माँग की कि सदन में हर राजनीतिक दल को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।
स्पीकर की अपील और स्थगन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गतिरोध समाप्त करने की कोशिश करते हुए विपक्ष से अपील की कि वे सदन में विरोध प्रदर्शन छोड़कर बहस में भाग लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पहले ही रिजिजू के बयान के माध्यम से चर्चा की इच्छा जाहिर कर चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज हो रहे हैं। बावजूद इसके, विपक्षी सांसदों ने अपना विरोध नहीं थामा और सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
आगे की राह
गौरतलब है कि संसद सत्र के दौरान नीट विवाद पर चर्चा की माँग लगातार तीन दिनों से उठ रही है। सरकार और विपक्ष के बीच बहस के प्रारूप को लेकर सहमति न बन पाना ही गतिरोध की मूल वजह है। अब सभी दलों के फ्लोर नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष की बैठक के बाद ही यह तय होगा कि चर्चा कब और किस नियम के तहत होगी।