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नीट पेपर लीक पर चर्चा को सरकार तैयार, रिजिजू बोले — विपक्ष तारीख और समय तय करे

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नीट पेपर लीक पर चर्चा को सरकार तैयार, रिजिजू बोले — विपक्ष तारीख और समय तय करे

सारांश

मानसून सत्र के चौथे दिन भी नीट पेपर लीक पर संसद ठप रही। रिजिजू ने विपक्ष को खुला न्योता दिया — तारीख और समय आप तय करें, सरकार चर्चा के लिए तैयार है। साथ ही PM मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का संकेत दिया।

मुख्य बातें

मानसून सत्र के चौथे दिन भी लोकसभा में नीट पेपर लीक पर हंगामे से प्रश्नकाल और शून्यकाल बाधित।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को चर्चा के लिए तारीख और समय तय करने का खुला प्रस्ताव दिया।
PM नरेंद्र मोदी ने नीट दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन का संदेश दिया।
रिजिजू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह शर्तें रखकर चर्चा से बच रहा है।
सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

लोकसभा में 23 जुलाई 2024 को मानसून सत्र के चौथे दिन भी नीट पेपर लीक विवाद की आँच से प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों बाधित रहे। शून्यकाल आरंभ होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में स्पष्ट किया कि सरकार विपक्ष की तय की गई किसी भी तारीख और समय पर इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। लगातार नारेबाज़ी और हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

रिजिजू की सदन में अपील

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पीठासीन अधिकारी के माध्यम से सदन को संबोधित करते हुए कहा, 'हमने कल अपील की थी। मैं आज आपके जरिए सदन से फिर अपील करना चाहता हूँ। हमने कांग्रेस पार्टी के नेताओं और दूसरे विपक्षी सदस्यों से भी व्यक्तिगत स्तर पर बात की है। हमने उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने और अपने सुझाव साझा करने के लिए बुलाया है।' उन्होंने आगे कहा कि सरकार लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष की इच्छानुसार किसी भी तारीख, किसी भी समय और जितनी अवधि के लिए चाहे, चर्चा के लिए तैयार है।

PM मोदी का संदेश और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव

रिजिजू ने बताया कि गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के समक्ष यह संदेश दिया कि नीट पेपर लीक मामलों में दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएँगे। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। रिजिजू ने कहा, 'हम विपक्ष से हाथ जोड़कर विनती करना चाहते हैं कि कृपया तय करें कि चर्चा कब शुरू करनी है — हम तैयार हैं।'

विपक्ष पर बहानेबाज़ी का आरोप

रिजिजू ने विपक्ष पर सीधा आरोप लगाया कि वह शर्तें रखकर चर्चा से बचने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, 'अगर आप बहाने बनाएँगे, तो स्पष्ट है कि आप चर्चा से भागना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि NDA के सभी सदस्यों ने भी सदन में प्रदर्शन कर माँग की कि नीट पेपर लीक पर तत्काल और राष्ट्रव्यापी चर्चा हो।

राष्ट्रीय मुद्दा, दलगत राजनीति से परे

केंद्रीय मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि यह विषय किसी एक सरकार या दल का नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में जितने भी पेपर लीक हुए हैं, उन सभी पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। रिजिजू ने सभी दलों से अपील की कि छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट होकर इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करें और बिना किसी देरी के चर्चा शुरू की जाए।

आगे क्या

सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित रहने के बाद भी गतिरोध जारी रहने की आशंका है। यदि विपक्ष सरकार के प्रस्ताव पर सहमति जताता है, तो नीट पेपर लीक पर संसद में विस्तृत बहस हो सकती है — जो लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़े इस संकट पर नीतिगत जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जितना चाहो' वाला प्रस्ताव सुनने में उदार लगता है, लेकिन यह रणनीतिक भी है — जब तक विपक्ष शर्तों पर अटका है, गतिरोध की ज़िम्मेदारी उसी पर डाली जा सकती है। असली सवाल यह है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान कब और किस रूप में अमल में आएगा, क्योंकि पेपर लीक की समस्या किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं — यह परीक्षा तंत्र की संरचनागत विफलता है। संसद में बहस ज़रूरी है, लेकिन बिना जवाबदेही तंत्र के वह भी महज़ एक और सुर्खी बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक पर संसद में चर्चा क्यों नहीं हो पा रही?
विपक्षी दलों के लगातार हंगामे और नारेबाज़ी के कारण मानसून सत्र के चौथे दिन भी लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल बाधित रहे। सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष और सरकार के बीच चर्चा की शर्तों को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष से क्या अपील की?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अनुरोध किया कि वह नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तारीख और समय स्वयं तय करे — सरकार लोकसभा और राज्यसभा दोनों में किसी भी रूप में चर्चा के लिए तैयार है।
PM मोदी ने नीट पेपर लीक पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई की सुबह संदेश दिया कि नीट पेपर लीक मामलों में दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएँगे और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों ने देशभर में लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को प्रभावित किया है। यह मामला संसद के मानसून सत्र में प्रमुख राजनीतिक विवाद बन गया है।
रिजिजू ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष शर्तें रखकर चर्चा से बचने का बहाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष बहाने बनाता रहा तो यह स्पष्ट होगा कि वह चर्चा से भागना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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