23 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक पर संसद में घमासान: भाजपा का आरोप, कांग्रेस चर्चा से भाग रही है

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नीट पेपर लीक पर संसद में घमासान: भाजपा का आरोप, कांग्रेस चर्चा से भाग रही है

सारांश

मानसून सत्र के चौथे दिन नीट पेपर लीक पर संसद में घमासान। BJP ने कांग्रेस पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त कार्रवाई की बात दोहराई। असली सवाल यह है कि संसद का मंच इस्तेमाल होगा या हंगामे में समय बर्बाद होता रहेगा।

मुख्य बातें

23 जुलाई को मानसून सत्र के चौथे दिन नीट पेपर लीक पर संसद भवन परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी भिड़ंत हुई।
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीट और शिक्षा व्यवस्था पर संसद में चर्चा नहीं होने देना चाहती।
BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा कि BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में NDA सांसदों ने विपक्ष से सदन में बहस की अपील की।
सरकार ने पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा दोहराई।
LJP(RV) सांसद अरुण भारती ने कहा कि सड़क पर हंगामे की बजाय संसद में सवाल उठाना ज़्यादा प्रभावी है।

मानसून सत्र के चौथे दिन 23 जुलाई को संसद भवन परिसर में नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक भिड़ंत हुई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने खुलकर आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) इस संवेदनशील विषय पर संसद में सार्थक बहस होने से जानबूझकर रोक रही है।

मुख्य घटनाक्रम

BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि BJP और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसद इस माँग के साथ एकजुट हुए कि नीट और शिक्षा व्यवस्था जैसे अहम विषय पर सदन के भीतर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष समाधान खोजने के बजाय अराजकता फैलाने की राजनीति कर रहा है।

त्रिवेदी के अनुसार, केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि पेपर लीक के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी और इसी उद्देश्य से सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

BJP सांसद संबित पात्रा ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस संसद के भीतर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन करके सदन का बहुमूल्य समय नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा, "जिस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, उसी पर कांग्रेस चर्चा से बच रही है।"

पात्रा ने बताया कि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में NDA सांसदों ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे सदन में आकर छात्रों के भविष्य पर गंभीर बहस में भाग लें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा कर यह स्पष्ट कर दिया है कि पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

सहयोगी दल की राय

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) — LJP(RV) के सांसद अरुण भारती ने संसद परिसर में हंगामे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "संसद को चलने देना चाहिए। संसद सबसे बड़ा मंच है जहाँ आप हर मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछ सकते हैं, अपनी बात रख सकते हैं और सरकार पर कार्रवाई करने का दबाव बना सकते हैं। लेकिन सदन में मुद्दे उठाने के बजाय सड़कों पर हंगामा करने से सिर्फ सुर्खियाँ मिलती हैं — कोई सार्थक बहस नहीं होती और न ही जनता के लिए कोई ठोस काम।"

छात्रों को सतर्क रहने की अपील

त्रिवेदी ने छात्रों से भी अपील की कि वे अपने आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों को लेकर सावधान रहें। उनका दावा है कि कुछ अवसरवादी और राजनीतिक तत्व छात्रों के आंदोलन का इस्तेमाल अपने निहित स्वार्थों के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा विवाद पूरे देश में छात्र समुदाय के बीच गहरी चिंता का विषय बना हुआ है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में नीट मुद्दे पर चर्चा की माँग लगातार उठ रही है। सत्ता पक्ष का कहना है कि वह सदन के भीतर बहस के लिए पूरी तरह तैयार है। अब यह देखना होगा कि विपक्ष संसद में लौटकर इस विषय पर ठोस बहस में हिस्सा लेता है या सदन की कार्यवाही बाधित करने का क्रम जारी रखता है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की समयसीमा और उसकी कार्यप्रणाली पर भी सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संसद में इस दिन जो दिखा वह समाधान की राजनीति कम और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति ज़्यादा थी। BJP का 'चर्चा के लिए तैयार हैं' का दावा और कांग्रेस का व्यवधान — दोनों ही छात्रों की असली पीड़ा से ध्यान भटकाते हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन इसकी समयसीमा, संरचना और जवाबदेही का ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है। जब तक संसद नीट सुधार पर ठोस विधायी बहस नहीं करती, तब तक यह राजनीतिक नाटक छात्रों के लिए कोई मायने नहीं रखता।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद के मानसून सत्र में नीट पेपर लीक पर क्या हुआ?
23 जुलाई को मानसून सत्र के चौथे दिन संसद भवन परिसर में नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर BJP और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक भिड़ंत हुई। BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस विषय पर संसद में चर्चा नहीं होने देना चाहती।
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि NDA सांसद संसद के बाहर इस माँग के साथ खड़े हुए कि नीट और शिक्षा व्यवस्था पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह समाधान के बजाय अराजकता फैला रहा है और छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है।
सरकार ने नीट पेपर लीक पर क्या कार्रवाई की घोषणा की है?
सरकार ने पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिया है। BJP सांसदों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
संबित पात्रा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन करके सदन का बहुमूल्य समय बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, उसी पर विपक्ष बहस से बच रहा है।
LJP(RV) सांसद अरुण भारती ने संसद में हंगामे पर क्या कहा?
अरुण भारती ने कहा कि संसद को चलने देना चाहिए क्योंकि यही सबसे बड़ा मंच है जहाँ सरकार से सवाल पूछे जा सकते हैं। उनके अनुसार सड़कों पर हंगामे से केवल सुर्खियाँ मिलती हैं, कोई सार्थक बहस नहीं होती।
राष्ट्र प्रेस
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