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नीट पेपर लीक पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार, नड्डा बोले — विपक्ष शर्तें बदलना बंद करे

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नीट पेपर लीक पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार, नड्डा बोले — विपक्ष शर्तें बदलना बंद करे

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद के बीच BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष को संसद में 18 घंटे तक बहस का खुला न्योता दिया — लेकिन साथ ही राज्यों में विपक्षी सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक का हवाला देकर पलटवार भी किया। सरकार की पेशकश और विपक्ष की शर्तों के बीच यह टकराव संसद सत्र की दिशा तय करेगा।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा ने 22 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार नीट पेपर लीक पर संसद में 12 से 18 घंटे तक चर्चा के लिए तैयार है।
चर्चा की अवधि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी और विपक्ष मिलकर तय कर सकते हैं।
नड्डा ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक में पेपर लीक के मामलों का उल्लेख किया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसदीय प्रस्तुतीकरण को नड्डा ने 'जाँच का विषय' बताया।
नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।

केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक विवाद पर संसद में विस्तृत बहस कराने की पेशकश की है। राज्यसभा में नेता सदन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 22 जुलाई को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर 12 से 18 घंटे तक की चर्चा के लिए भी तैयार है। साथ ही उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह बार-बार अपनी माँगों और शर्तों में बदलाव न करे और संसदीय मंच पर सकारात्मक संवाद के ज़रिये समाधान तलाशे।

सरकार का प्रस्ताव

नड्डा ने कहा, 'सरकार चाहती है कि संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा हो। चर्चा कितने समय तक होनी चाहिए, यह विपक्ष और बिजनेस एडवाइजरी कमेटी तय कर सकती है। विपक्ष चाहे तो 12 घंटे या 18 घंटे तक चर्चा कर सकता है और सरकार इसके लिए तैयार है।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संसद ही वह सबसे उपयुक्त मंच है जहाँ ऐसे गंभीर विषयों के सभी पहलुओं पर विचार किया जा सकता है।

छात्रों के भविष्य की चिंता

नड्डा ने कहा, 'बच्चे हमारे भी हैं, आपके भी हैं और देश का भविष्य भी हैं। देश के भविष्य की चिंता करना हमारी जिम्मेदारी है।' उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़े। नीट आंदोलन के राजनीतिकरण पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों की माँगों को राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।

विपक्ष पर पलटवार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा संसद में दिए गए प्रस्तुतीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए नड्डा ने कहा, 'यह जाँच का विषय है। पेपर लीक की घटनाएँ केवल एक राज्य या एक सरकार तक सीमित नहीं रही हैं।' उन्होंने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक सहित कई राज्यों में पेपर लीक के मामलों का उल्लेख किया। नड्डा ने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर चिंतित है, तो उसे सभी राज्यों और सभी सरकारों के कार्यकाल में हुई घटनाओं पर एकसमान रूप से चर्चा करनी चाहिए।

अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया

सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में नड्डा ने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है और यदि लिखित रूप में कोई बात आती है तो उस पर विचार किया जाएगा। सोनम वांगचुक से मुलाकात के बारे में उन्होंने बताया कि उनसे मिलकर हालचाल जाना गया और उनके द्वारा एक पत्र भी लिखा गया है। केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की माँग पर नड्डा ने कहा कि ऐसे मुद्दे इस तरह नहीं उठाए जाते और सरकार संसद में बहस के ज़रिये ही समाधान निकालने के पक्ष में है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2024 पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज़ हो गया है और विपक्ष संसद में सरकार को घेरने की कोशिश में है। गौरतलब है कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की सहमति के बाद ही संसद में चर्चा की तारीख और अवधि तय होगी। सरकार की इस पेशकश के बाद अब गेंद विपक्ष के पाले में है कि वह संसदीय बहस को स्वीकार करता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह प्रस्ताव ईमानदार संवाद की इच्छा से आया है या विपक्ष को 'शर्तें बदलने वाला' साबित करने की रणनीतिक चाल है। नड्डा का विभिन्न राज्यों में पेपर लीक का हवाला देना तथ्यात्मक रूप से सही हो सकता है, लेकिन यह केंद्र की नीट-यूजी 2024 में हुई विफलता की जवाबदेही से ध्यान भटकाने का भी जोखिम उठाता है। छात्रों को राजनीति से परे जवाब चाहिए — न कि यह बहस कि किस सरकार के कार्यकाल में ज़्यादा लीक हुए। संसदीय बहस तभी सार्थक होगी जब उसका नतीजा परीक्षा प्रणाली में ठोस संरचनात्मक सुधार हो, न केवल सुर्खियाँ।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक पर सरकार ने संसद में क्या पेशकश की है?
BJP अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने 22 जुलाई को कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मुद्दे पर संसद में 12 से 18 घंटे तक विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। चर्चा की अवधि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी और विपक्ष मिलकर तय कर सकते हैं।
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
नड्डा ने कहा कि विपक्ष बार-बार अपनी माँगों और शर्तों में बदलाव कर रहा है और छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर संसद में सकारात्मक बहस हो।
नड्डा ने किन राज्यों में पेपर लीक का उल्लेख किया?
नड्डा ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक में पेपर लीक के मामलों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह समस्या किसी एक राज्य या सरकार तक सीमित नहीं है।
राहुल गांधी के संसदीय प्रस्तुतीकरण पर सरकार का क्या रुख है?
नड्डा ने कहा कि यह जाँच का विषय है और विपक्ष को केवल चुनिंदा मामले नहीं उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष छात्रों के हित में चिंतित है तो सभी राज्यों और सभी सरकारों के कार्यकाल में हुई घटनाओं पर समान रूप से चर्चा होनी चाहिए।
नीट पेपर लीक विवाद में आगे क्या होने की संभावना है?
सरकार की चर्चा की पेशकश के बाद बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की सहमति से संसद में बहस की तारीख और अवधि तय होगी। विपक्ष की प्रतिक्रिया और संसद सत्र की दिशा पर सबकी नज़र है।
राष्ट्र प्रेस
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