22 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक पर जेपी नड्डा का विपक्ष को करारा जवाब, राहुल गांधी पर 'चयनात्मक राजनीति' का आरोप

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नीट पेपर लीक पर जेपी नड्डा का विपक्ष को करारा जवाब, राहुल गांधी पर 'चयनात्मक राजनीति' का आरोप

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद पर जेपी नड्डा ने विपक्ष को सीधी चुनौती दी — राहुल गांधी पर 'चयनात्मक राजनीति' का आरोप लगाते हुए कांग्रेस-शासित राज्यों की पेपर लीक की फेहरिस्त पेश की और संसद में 18 घंटे तक की खुली बहस का प्रस्ताव रखा।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा ने 22 जुलाई को BJP मुख्यालय, नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीट पेपर लीक पर विपक्ष को जवाब दिया।
राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण में कांग्रेस-शासित राज्यों के पेपर लीक मामलों को जानबूझकर छोड़ा।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना में विपक्ष-शासित सरकारों के दौरान पेपर लीक के उदाहरण गिनाए।
नड्डा ने संसद में 12 से 18 घंटे तक की बहस के लिए सरकार की तैयारी जताई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को नड्डा ने अनुचित बताया, संसदीय चर्चा को सही मंच बताया।
सोनम वांगचुक से मुलाकात हुई; उनका पत्र मिला और लिखित मांगों पर विचार का आश्वासन दिया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने 22 जुलाई को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीट पेपर लीक विवाद, विपक्ष के संसद मार्च और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर विस्तार से जवाब दिया। नड्डा ने कहा कि पेपर लीक की समस्या गंभीर है, लेकिन इसे राजनीतिक हथियार बनाना छात्रों के हितों के साथ अन्याय है।

राहुल गांधी पर 'चयनात्मक' रवैये का आरोप

नड्डा ने कहा, 'शाम 4 बजे विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के बारे में चर्चा की।' उन्होंने सवाल उठाया कि गांधी ने कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन शासित राज्यों में हुए पेपर लीक का उल्लेख क्यों नहीं किया। नड्डा के अनुसार, 'यह स्पष्ट है कि आपको छात्रों के हितों की कोई परवाह नहीं है — उद्देश्य राजनीतिक लाभ उठाना है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।'

विपक्ष-शासित राज्यों में पेपर लीक की फेहरिस्त

नड्डा ने राज्यवार उदाहरण गिनाए। उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर में सेवा चयन बोर्ड की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक हुआ, जहाँ कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में विद्यालय परीक्षा बोर्ड की परीक्षा में लीक हुआ, जहाँ कांग्रेस सत्ता में है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, जहाँ कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट परीक्षा में भाषा का प्रश्नपत्र लीक हुआ, जहाँ कांग्रेस और सीपीआई की सरकार है। इसके अलावा एसएससी परीक्षा में भी प्रश्नपत्र लीक की घटना का उल्लेख किया गया।

सरकार की प्रतिक्रिया और संसद में चर्चा का प्रस्ताव

नड्डा ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और संसद में खुली बहस के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, 'आप 12 घंटे ले सकते हैं, आप 18 घंटे ले सकते हैं — राज्यसभा में सदन के नेता के तौर पर मेरा हमेशा से मानना रहा है कि विपक्ष जितने घंटे तय करेगा, हम चर्चा के लिए तैयार हैं।' उन्होंने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के माध्यम से समय निर्धारित करने का सुझाव दिया।

सीजेपी संसद मार्च और सोनम वांगचुक से मुलाकात

सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के संसद मार्च के संदर्भ में नड्डा ने बताया कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है और यदि लिखित रूप में कोई मांग आती है तो उस पर विचार किया जाएगा। सोनम वांगचुक से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि उनसे मिलकर उनका हालचाल जाना गया और उनके द्वारा एक पत्र भी लिखा गया है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर नड्डा का जवाब

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की विपक्षी मांग पर नड्डा ने कहा कि ऐसे मुद्दे इस प्रकार नहीं उठाए जाते। उन्होंने दोहराया कि संसद में बहस के ज़रिए ही ठोस नीति बनाई जा सकती है, और 'बच्चे देश का भविष्य हैं — उनकी देखभाल की जिम्मेदारी सरकार और विपक्ष दोनों की है।' यह देखना होगा कि विपक्ष सरकार के संसदीय चर्चा के प्रस्ताव को स्वीकार करता है या आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति जारी रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि सरकार NTA सुधार और परीक्षा सुरक्षा पर ठोस नीतिगत बदलाव लाती है या नहीं — क्योंकि राज्यों पर उंगली उठाने से लाखों छात्रों का खोया हुआ भरोसा वापस नहीं आएगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपी नड्डा ने नीट पेपर लीक पर क्या कहा?
नड्डा ने कहा कि पेपर लीक एक गंभीर समस्या है और इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार की संसद में खुली बहस की तैयारी जताई और विपक्ष से 12 से 18 घंटे का समय तय करने को कहा।
नड्डा ने राहुल गांधी पर 'चयनात्मक राजनीति' का आरोप क्यों लगाया?
नड्डा का कहना था कि राहुल गांधी ने अपने प्रस्तुतीकरण में लगभग 150 पेपर लीक का उल्लेख किया, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना जैसे कांग्रेस-शासित राज्यों में हुए लीक की अनदेखी की। इसे उन्होंने 'सेलेक्टिव' और छात्र-विरोधी रवैया बताया।
किन राज्यों में पेपर लीक के मामले नड्डा ने गिनाए?
नड्डा ने जम्मू-कश्मीर (सेवा चयन बोर्ड), हिमाचल प्रदेश (विद्यालय परीक्षा बोर्ड), झारखंड (जेएसी — हिंदी व विज्ञान), तेलंगाना (इंटरमीडिएट — भाषा) और एसएससी परीक्षा में पेपर लीक के उदाहरण दिए। इन सभी राज्यों में कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं।
सरकार ने संसद में पेपर लीक पर बहस के लिए क्या प्रस्ताव दिया?
नड्डा ने कहा कि सरकार बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के माध्यम से विपक्ष द्वारा तय किए गए समय — चाहे 12 घंटे हों या 18 घंटे — तक संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
सोनम वांगचुक से जेपी नड्डा की मुलाकात पर क्या जानकारी मिली?
नड्डा ने बताया कि सोनम वांगचुक से मुलाकात हुई, उनका हालचाल जाना गया और उनके द्वारा एक पत्र भी लिखा गया है। लिखित रूप में आने वाली मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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