22 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक पर जेपी नड्डा का राहुल गांधी से सवाल: 'इंडिया अलायंस की सरकारों पर चुप क्यों?'

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नीट पेपर लीक पर जेपी नड्डा का राहुल गांधी से सवाल: 'इंडिया अलायंस की सरकारों पर चुप क्यों?'

सारांश

नीट पेपर लीक पर राजनीतिक घमासान तेज — जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की '150 लीक' वाली दलील को पलटते हुए पूछा कि इंडिया अलायंस-शासित आठ राज्यों में हुए लीक पर चुप्पी क्यों? संसद में गहन बहस और स्थायी नीति का आह्वान किया।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा ने 22 जुलाई को भाजपा मुख्यालय, नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी से सीधे सवाल पूछे।
राहुल गांधी द्वारा संसद में उद्धृत 150 पेपर लीक के दावे पर नड्डा ने 'चयनात्मकता' का आरोप लगाया।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक में पेपर लीक का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ विपक्षी सरकारें हैं।
नड्डा ने विपक्ष को संसद में चर्चा का खुला न्योता दिया — 'समय विपक्ष तय करे, हम तैयार हैं।' छात्रों के मुद्दे पर स्थायी नीति बनाने की अपील की; कहा — बच्चे देश का भविष्य हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने 22 जुलाई को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सीधे सवाल पूछे। नड्डा ने स्पष्ट कहा कि छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण करना और उससे राजनीतिक लाभ उठाना उचित नहीं है — इस गंभीर मुद्दे पर संसद में गहन चर्चा होनी चाहिए।

राहुल गांधी पर 'चयनात्मकता' का आरोप

नड्डा ने कहा कि उसी दिन शाम 4 बजे राहुल गांधी ने संसद में प्रस्तुतीकरण देते हुए 150 पेपर लीक का उल्लेख किया। नड्डा ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए पूछा, 'आप चयनात्मक क्यों हैं? आपने इंडिया अलायंस की सरकारों के बारे में चर्चा क्यों नहीं की? आपने उन्हें अलग क्यों रखा?' उन्होंने तर्क दिया कि यह चयनात्मकता साफ दर्शाती है कि राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित या शिक्षा में सुधार नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ लेना है।

विपक्ष-शासित राज्यों में पेपर लीक के आरोप

नड्डा ने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक का नाम लेते हुए कहा कि इन राज्यों में पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं और यहाँ कांग्रेस तथा विपक्षी दलों के समर्थन वाली सरकारें हैं। उन्होंने कहा, 'ये तो कुछ ही मामले हैं।' उनका यह बयान विपक्ष की उस रणनीति पर सीधा प्रहार था जो केंद्र सरकार को अकेले घेरने की कोशिश कर रही है।

संसद में चर्चा का आह्वान

नड्डा ने कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि समाधान खोजने का है। उन्होंने विपक्ष को खुला न्योता देते हुए कहा, 'विपक्ष समय तय करे, हम चर्चा के लिए तैयार हैं।' उनके अनुसार चर्चा के लिए सबसे उचित मंच संसद है, जहाँ इस मामले पर गहनता से विचार हो और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा के बाद एक ठोस और स्थायी नीति बनाई जानी चाहिए।

सरकार की गंभीरता और आगे की राह

नड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने जो कदम उठाए, उस पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार को 'जिम्मेदार' बताते हुए कहा कि यह सरकार हमेशा सदन में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने जोर दिया कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके साथ न्याय सुनिश्चित करना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलनरत हैं और संसद के मानसून सत्र में विपक्ष इस मुद्दे को केंद्र में रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या सरकार NTA की जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार पर ठोस प्रस्ताव लाती है — या यह बहस भी आरोप-प्रत्यारोप में ही समाप्त हो जाती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी से कौन से सवाल पूछे?
नड्डा ने राहुल गांधी से पूछा कि उन्होंने इंडिया अलायंस-शासित राज्यों — जैसे पंजाब, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु — में हुए पेपर लीक पर चर्चा क्यों नहीं की। उनका तर्क था कि यह चयनात्मकता दर्शाती है कि राहुल का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ लेना है।
राहुल गांधी ने संसद में नीट पर क्या कहा था?
राहुल गांधी ने उसी दिन शाम 4 बजे संसद में प्रस्तुतीकरण देते हुए 150 पेपर लीक की बात कही और सरकार को जिम्मेदार ठहराया। नड्डा ने इस दावे को 'जाँच का विषय' बताते हुए कहा कि सरकार इसका जवाब देगी।
किन विपक्षी राज्यों में पेपर लीक का आरोप लगाया गया?
नड्डा ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक का नाम लिया। उनके अनुसार इन राज्यों में कांग्रेस और विपक्षी दलों के समर्थन वाली सरकारें हैं और वहाँ भी पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं।
नड्डा ने नीट विवाद के समाधान के लिए क्या सुझाया?
नड्डा ने संसद में गहन चर्चा का आह्वान किया और कहा कि विपक्ष समय तय करे — सरकार तैयार है। उन्होंने आरोप-प्रत्यारोप की जगह ठोस और स्थायी नीति बनाने पर जोर दिया।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट-यूजी 2024 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में छात्र आंदोलनरत हैं। यह मामला संसद के मानसून सत्र में प्रमुख विवाद बन गया है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आमने-सामने हैं।
राष्ट्र प्रेस
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