नीट विवाद: विजयेंद्र का आरोप — छात्र आंदोलन की आड़ में भारत में श्रीलंका-नेपाल जैसी अराजकता की साजिश
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 23 जुलाई को बेंगलुरु के विधान सौधा में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शनों का इस्तेमाल असामाजिक तत्वों ने नई दिल्ली में अशांति फैलाने के लिए किया है। उनका दावा है कि गुंडों को आगे कर भारत में श्रीलंका और नेपाल जैसी अराजक स्थिति पैदा करने की साजिश रची जा रही है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
विजयेंद्र ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और मीडिया प्रतिनिधियों पर हमला किया गया। उनके अनुसार, इस तरह की हरकतें छात्र नहीं कर सकते और इस हिंसा के पीछे उन्होंने तथाकथित 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का हाथ बताया। उन्होंने इस हिंसा की कड़ी निंदा की।
विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और जिसे उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' कहा, वे राजनीतिक मकसद से प्रदर्शन कर रही हैं। उनका कहना था कि केंद्र सरकार द्वारा कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में तुरंत कार्रवाई किए जाने के बावजूद कांग्रेस नीट विवाद से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
केंद्र सरकार की कार्रवाई
विजयेंद्र ने कहा, "जैसे ही नीट पेपर लीक का मामला सामने आया, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जाँच के आदेश दिए। मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने सभी ज़रूरी कदम उठाए। इस मामले में एक ही रात में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया।"
उन्होंने बताया कि सामान्यतः नीट परीक्षा आयोजित करने में छह महीने की तैयारी लगती है, लेकिन केंद्र सरकार ने 35 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित की और 25 दिनों के अंदर परिणाम भी घोषित कर दिए। सरकार ने नीट मामले की जाँच और दोषियों को जल्द सज़ा दिलाने के लिए पाँच फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने का आदेश भी दिया है।
राहुल गांधी पर निशाना
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 15 से 20 दिनों तक विदेश में रहे और उस दौरान उन्होंने छात्रों की चिंता नहीं जताई, लेकिन स्वदेश लौटते ही प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन शुरू कर दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद पूरे देश में राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है और विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग कर रहा है।
सरकार की भावी योजनाएँ
विजयेंद्र ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पहले ही प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर उनकी चिंताओं को समझ चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा माँगना समाधान नहीं है और केंद्र सरकार संसद में नीट पर जितने घंटे ज़रूरत हो, उतनी देर चर्चा के लिए तैयार है।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार कंप्यूटर आधारित परीक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत निगरानी प्रणाली लागू करने पर विचार कर रही है। गौरतलब है कि एनडीए सरकार ने अपने कार्यकाल में एमबीबीएस सीटों, मेडिकल कॉलेजों, पीजी मेडिकल सीटों, IIT और IIM की संख्या में उल्लेखनीय विस्तार किया है।