नीट पेपर लीक: गुजरात BJP अध्यक्ष विश्वकर्मा का राहुल गांधी पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने गुरुवार, 23 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर नीट पेपर लीक विवाद में युवाओं को 'गुमराह' करने का 'खतरनाक ट्रेंड' अपनाने का आरोप लगाया। गांधीनगर स्थित BJP के राज्य मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में सार्थक बहस करने के बजाय छात्रों को राजनीतिक हथियार बना रहा है।
मुख्य आरोप और बयान
कृषि मंत्री जीतू वाघाणी की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विश्वकर्मा ने कहा, 'राहुल गांधी और कांग्रेस का मकसद छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें भड़काना है।' उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में सार्थक चर्चा होनी चाहिए, न कि सड़क पर राजनीति।
विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक की समस्या किसी एक राज्य, पार्टी या सरकार तक सीमित नहीं है — यह राष्ट्रीय चिंता का विषय है और सभी पक्षों को राजनीतिक रंग देने के बजाय मिलकर समाधान खोजना चाहिए।
केंद्र सरकार की कार्रवाई
BJP अध्यक्ष ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने नीट विवाद में त्वरित और ठोस कदम उठाए हैं। उनके अनुसार, शिक्षा मंत्रालय के ज़रिए शिकायतें दर्ज की गईं, जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई, एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया गया और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विश्वकर्मा ने यह भी बताया कि सरकार ने दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए रोज़ाना अदालती सुनवाई की माँग की थी। उन्होंने कहा कि छात्रों के हित में पुनः परीक्षा कराई गई, जो निर्धारित समय-सीमा में पूरी हुई और परिणाम समय पर घोषित किए गए। बड़ी संख्या में उम्मीदवार — जिनमें महिला छात्राएँ भी उल्लेखनीय संख्या में शामिल हैं — इस परीक्षा में सफल हुए।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा
विश्वकर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरुवार को की गई उस घोषणा का भी उल्लेख किया, जिसमें पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा, 'युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद को लेकर संसद में हंगामा जारी है और विपक्ष सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहा है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार
विश्वकर्मा ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नीट के लिए कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि पेपर लीक की यह समस्या देश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गहरे सवाल उठाती है।
आने वाले दिनों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना और CBT प्रणाली के क्रियान्वयन की दिशा में सरकार के कदम इस विवाद की दिशा तय करेंगे।