23 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: अहमदाबाद में भाजपा का कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जवाबी प्रदर्शन, 2,000 पुलिसकर्मी तैनात

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नीट पेपर लीक: अहमदाबाद में भाजपा का कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जवाबी प्रदर्शन, 2,000 पुलिसकर्मी तैनात

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद अब सड़कों पर उतर आया है। अहमदाबाद में एक ही दिन कांग्रेस के मार्च और भाजपा के जवाबी धरने ने राजनीतिक तापमान चरम पर पहुँचा दिया — 100 कांग्रेस नेता हिरासत में, 2,000 पुलिसकर्मी तैनात और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी।

मुख्य बातें

गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा के नेतृत्व में 200-300 भाजपा कार्यकर्ताओं ने 22 जुलाई को अहमदाबाद के राजीव गांधी भवन के बाहर धरना दिया।
भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस के उसी दिन सुबह हुए विरोध मार्च के जवाब में था, जो नीट पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर था।
पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा , विधायक इमरान खेड़ावाला समेत लगभग 100 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
टकराव रोकने के लिए 2,000 पुलिसकर्मी , 10 DCP और दो संयुक्त पुलिस आयुक्त तैनात किए गए।
यह प्रदर्शन राहुल गांधी के नेतृत्व में मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए राष्ट्रव्यापी विपक्षी अभियान का हिस्सा है।

अहमदाबाद में 22 जुलाई को नीट पेपर लीक विवाद ने राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया, जब गुजरात भाजपा ने राजीव गांधी भवन — अहमदाबाद स्थित कांग्रेस मुख्यालय — के बाहर जवाबी धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उसी दिन सुबह कांग्रेस द्वारा नीट विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर किए गए मार्च के कुछ घंटों बाद हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा के नेतृत्व में लगभग 200 से 300 भाजपा कार्यकर्ता राजीव गांधी भवन के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने 'राहुल गांधी माफी माँगो' जैसे नारे लगाए। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास को निशाना बनाया था, और इसी के जवाब में यह प्रदर्शन किया गया।

पुलिस की भारी तैनाती

किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने लगभग 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए। स्थिति की निगरानी के लिए 10 पुलिस उपायुक्त (DCP) और दो संयुक्त पुलिस आयुक्त — शरद सिंघल तथा नीरज बुडगुजर — समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। राजीव गांधी भवन के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी।

कांग्रेस प्रदर्शन और हिरासत

इससे पहले सुबह कांग्रेस ने राजीव गांधी भवन से विरोध मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने कुछ ही दूर रोक दिया। रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस वाहनों पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा, विधायक इमरान खेड़ावाला और महिला प्रदर्शनकारियों सहित लगभग 100 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

गुजरात में यह टकराव उस राष्ट्रव्यापी अभियान की कड़ी है, जिसकी शुरुआत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर नीट विवाद को लेकर प्रदर्शन से की थी। दिल्ली पुलिस ने उस दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामला पूरे देश में राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है और संसद में भी इस पर तीखी बहस जारी है।

आगे क्या

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक की जाँच केंद्रीय एजेंसियाँ कर रही हैं और विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर अड़ा है। अहमदाबाद में दोनों पक्षों के प्रदर्शन और हिरासत की घटनाओं के बाद राजनीतिक तनाव और गहरा होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों ही यह संकेत देते हैं कि दोनों दल छात्रों की पीड़ा को राजनीतिक पूँजी में बदलने की होड़ में हैं। असली सवाल — लीक कैसे हुआ, कौन ज़िम्मेदार है और भविष्य में इसे कैसे रोका जाएगा — इस शोरगुल में दब रहा है। जब तक जाँच के ठोस नतीजे सामने नहीं आते, यह विवाद राजनीतिक दलों के लिए मंच बना रहेगा और छात्र न्याय की प्रतीक्षा करते रहेंगे।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन क्यों किया?
भाजपा ने 22 जुलाई को अहमदाबाद के राजीव गांधी भवन के बाहर जवाबी प्रदर्शन किया, क्योंकि कांग्रेस ने उसी दिन नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध मार्च निकाला था। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास को निशाना बनाया।
अहमदाबाद में कितने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया?
पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा, विधायक इमरान खेड़ावाला और महिला प्रदर्शनकारियों सहित लगभग 100 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। यह हिरासत तब हुई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और कुछ कार्यकर्ता पुलिस वाहनों पर चढ़ गए।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) पेपर लीक मामले में आरोप है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हो गया, जिससे लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए। विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और स्वतंत्र जाँच की माँग कर रहा है।
अहमदाबाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की क्या तैनाती थी?
दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव रोकने के लिए लगभग 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इसके अलावा 10 DCP और दो संयुक्त पुलिस आयुक्त — शरद सिंघल तथा नीरज बुडगुजर — समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
क्या यह प्रदर्शन केवल गुजरात तक सीमित था?
नहीं, यह प्रदर्शन उस व्यापक राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा था जिसकी शुरुआत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर की थी। दिल्ली पुलिस ने उस दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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