नीट पेपर लीक: अहमदाबाद में भाजपा का कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जवाबी प्रदर्शन, 2,000 पुलिसकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद में 22 जुलाई को नीट पेपर लीक विवाद ने राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया, जब गुजरात भाजपा ने राजीव गांधी भवन — अहमदाबाद स्थित कांग्रेस मुख्यालय — के बाहर जवाबी धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उसी दिन सुबह कांग्रेस द्वारा नीट विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर किए गए मार्च के कुछ घंटों बाद हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा के नेतृत्व में लगभग 200 से 300 भाजपा कार्यकर्ता राजीव गांधी भवन के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने 'राहुल गांधी माफी माँगो' जैसे नारे लगाए। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास को निशाना बनाया था, और इसी के जवाब में यह प्रदर्शन किया गया।
पुलिस की भारी तैनाती
किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने लगभग 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए। स्थिति की निगरानी के लिए 10 पुलिस उपायुक्त (DCP) और दो संयुक्त पुलिस आयुक्त — शरद सिंघल तथा नीरज बुडगुजर — समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। राजीव गांधी भवन के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी।
कांग्रेस प्रदर्शन और हिरासत
इससे पहले सुबह कांग्रेस ने राजीव गांधी भवन से विरोध मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने कुछ ही दूर रोक दिया। रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस वाहनों पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा, विधायक इमरान खेड़ावाला और महिला प्रदर्शनकारियों सहित लगभग 100 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
गुजरात में यह टकराव उस राष्ट्रव्यापी अभियान की कड़ी है, जिसकी शुरुआत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर नीट विवाद को लेकर प्रदर्शन से की थी। दिल्ली पुलिस ने उस दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामला पूरे देश में राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है और संसद में भी इस पर तीखी बहस जारी है।
आगे क्या
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक की जाँच केंद्रीय एजेंसियाँ कर रही हैं और विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर अड़ा है। अहमदाबाद में दोनों पक्षों के प्रदर्शन और हिरासत की घटनाओं के बाद राजनीतिक तनाव और गहरा होने की आशंका है।