नीट धरने पर कंगना रनौत का राहुल गांधी पर हमला — 'PM आवास की ओर मार्च सुरक्षा उल्लंघन'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने 22 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग के निकट किए गए धरने को बड़ा सुरक्षा उल्लंघन करार दिया। नीट पेपर लीक मामले को लेकर उपजे इस राजनीतिक टकराव ने नई दिल्ली में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर दिया है।
कंगना रनौत ने क्या कहा
मीडिया से बातचीत में कंगना रनौत ने सीधे सवाल उठाया — 'यह सुरक्षा का उल्लंघन हुआ है। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री आवास की ओर ले जाने की पूरी कोशिश की। जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हो रहा था, तब राहुल गांधी क्यों प्रधानमंत्री के आवास की ओर प्रदर्शन करना चाह रहे थे? हमारी सरकार लगातार बातचीत कर रही है।'
रनौत ने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की माँग को भी खारिज करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं। आखिर वे क्यों इस्तीफा देंगे।'
विपक्ष का धरना और हिरासत
कांग्रेस ने मंगलवार, 22 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग के पास धरना दिया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए।
जब पुलिस नेताओं को हटाने पहुँची, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। राहुल गांधी जमीन पर लेट गए, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया गया। कुछ घंटे बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
विपक्ष की मुख्य माँगें
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने माँग की कि नीट पेपर लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे भी लगाए गए।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्र और अभिभावक आक्रोशित हैं। गौरतलब है कि विपक्ष के लिए निर्धारित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर था, लेकिन प्रदर्शनकारियों के PM आवास की दिशा में बढ़ने पर ही पुलिस ने कार्रवाई की। BJP ने विरोध प्रदर्शन के तरीके को सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताया है, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकार करार दे रही है। आने वाले दिनों में संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।