नीट पेपर लीक: संजय निषाद बोले- 'राहुल के प्रदर्शन से कुछ नहीं मिलेगा', राजभर ने सपा-कांग्रेस को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 22 जुलाई — नीट पेपर लीक विवाद पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों ने केंद्र सरकार का खुलकर बचाव किया और प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन को 'महज पब्लिसिटी स्टंट' करार दिया। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद तथा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर तीखे हमले बोले।
संजय निषाद की प्रतिक्रिया
संजय निषाद ने कहा, 'सरकार चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कामकाज सर्वदलीय बैठकों में तय होता है, जिसमें यह तय किया जाता है कि किन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। अगर सरकार किसी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और फिर भी आप बाहर विरोध-प्रदर्शन करते हैं, तो ऐसा लगता है कि यह सिर्फ पब्लिसिटी और हिंसा फैलाने के लिए किया जा रहा है। मैं धर्मेंद्र प्रधान के रुख का समर्थन करता हूँ।'
राहुल गांधी के प्रदर्शन पर निषाद ने सीधे शब्दों में कहा, 'इससे उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा। युवाओं को रोज़गार और सही दिशा की ज़रूरत है, राजनीति के लिए उनका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक को 'पाप' बताते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है और तकनीक के ज़रिए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश की जाएगी।
राजभर का विपक्ष पर हमला
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार के दौरान खुलेआम नकल होती थी, प्रश्न-पत्र और नतीजे तक बेचे जाते थे — 'यह बात किसी से छिपी नहीं है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP), आज़ाद समाज पार्टी और सपा के नेताओं ने प्रदर्शनस्थल पर भाषण दिए, लेकिन जब स्थिति बिगड़ी तो वे 'वहाँ से फरार हो गए।'
राजभर ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान 'अफज़ल के समर्थन में नारे लगाए जा रहे थे और देश-विरोधी नारे सुनाई दे रहे थे।' गौरतलब है कि विपक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
सपा पर भ्रष्टाचार के आरोप
राजभर ने सपा पर सीधा हमला करते हुए कहा, 'समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान शिवपाल यादव और अखिलेश यादव अपने लोगों को गाँवों में यह पता लगाने के लिए भेजते थे कि कौन नौकरी की तलाश में है — और फिर पैसे के बदले नौकरी दी जाती थी।' उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में बिना पैसे दिए नौकरी मिल रही है।
छात्रों की माँग पर NDA का रुख
हालाँकि विपक्ष पर तीखे प्रहार करते हुए भी दोनों NDA नेताओं ने छात्रों की बुनियादी माँग को जायज़ ठहराया। राजभर ने कहा, 'छात्रों की माँग जायज़ है और हम उसका समर्थन करते हैं। पेपर लीक नहीं होना चाहिए और सरकार भी इस दिशा में कोशिश कर रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद ने पूरे देश में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर बहस और तेज़ होने की संभावना है।