29 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: सपा सांसद अवधेश प्रसाद का आरोप — 'जिम्मेदारों को बचा रही है सरकार'

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नीट पेपर लीक: सपा सांसद अवधेश प्रसाद का आरोप — 'जिम्मेदारों को बचा रही है सरकार'

सारांश

नीट पेपर लीक में चार्जशीट दाखिल होने के बाद सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सीधा आरोप लगाया कि सरकार असली जिम्मेदारों को बचा रही है। साथ ही एंटी पेपर लीक बिल को 'नीयत पर निर्भर' बताकर उसकी प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 29 जुलाई को आरोप लगाया कि सरकार नीट पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को बचा रही है।
चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद उन्होंने कहा कि 'असली जिम्मेदारों तक जाँच अभी नहीं पहुँची।' एंटी पेपर लीक विधेयक को उन्होंने 'नीयत पर निर्भर' बताया, कानून की प्रभावशीलता पर संदेह जताया।
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही हटाया जाता तो युवाओं को सड़क पर नहीं उतरना पड़ता।
यूपी में 69,000 शिक्षक भर्ती मामले पर योगी सरकार के हलफनामे को 'गोलमोल जवाब' बताया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने बुधवार, 29 जुलाई को नई दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले में दाखिल चार्जशीट पर गहरा असंतोष जताया और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार असली जिम्मेदार लोगों को जानबूझकर बचा रही है। उन्होंने कहा कि जाँच अभी तक उन लोगों तक नहीं पहुँची जो वास्तव में इस घोटाले के सूत्रधार हैं।

मुख्य आरोप: जिम्मेदारों तक नहीं पहुँची जाँच

अवधेश प्रसाद ने कहा, 'जिम्मेदार लोग जो हैं, उनको तो छोड़ दिया गया है। काफी लोग हैं, सरकार उनको बचाने का काम कर रही है। उन तक अभी नहीं पहुँचे हैं। सरकार तमाम लोगों को बचा रही है।' उनका यह बयान चार्जशीट दाखिल होने के तुरंत बाद सामने आया, जब यह सवाल उठ रहे थे कि क्या सभी आरोपियों को घेरे में लिया गया है।

एंटी पेपर लीक विधेयक पर संदेह

सपा सांसद ने सरकार द्वारा लाए जा रहे एंटी पेपर लीक विधेयक की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, 'बिल कितना कारगर और प्रभावी होगा, ये सब कुछ निर्भर करता है कि इस बिल को पालन कराने वाले कौन लोग हैं? किसके हाथ में सत्ता है? यह नीयत पर अधिक निर्भर है, क्योंकि तमाम ऐसे कानून बने हुए हैं, जो असरदार नहीं हैं।' उनका तर्क था कि कानून बनाना पर्याप्त नहीं है — उसे लागू करने की इच्छाशक्ति भी होनी चाहिए।

युवाओं के दबाव में झुकी सरकार

अवधेश प्रसाद ने कहा कि देश के युवाओं ने नीट पेपर लीक के विरोध में जिस एकजुटता का प्रदर्शन किया, उसी के दबाव में सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा, 'सरकार को इस बात का अभिमान था कि हमें कोई झुका नहीं पाएगा। अब ये बात साबित हो गई कि झुकाने वाला अगर है, तो सरकार झुकती भी है, झुकेगी।' यह टिप्पणी उस व्यापक छात्र आंदोलन के संदर्भ में आई जिसने देशभर में नीट परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे।

वंदे मातरम बिल और 69,000 शिक्षक भर्ती पर रुख

सांसद ने 'वंदे मातरम बिल' का स्वागत करते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसकी मूल प्रेरणा और मंशा को साकार करना ज़रूरी है। उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती मामले पर उन्होंने योगी सरकार के हलफनामे को 'गोलमोल जवाब' बताया। उन्होंने कहा कि सपा ने इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश विधानसभा में 'बड़ी मजबूती' से उठाया था, लेकिन सरकार के पास 'न कोई तर्क है, न कोई ठोस साक्ष्य' और मामला अब भी न्यायालय में लटका हुआ है।

सपा प्रवक्ता की प्रतिक्रिया

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि जनता के भारी दबाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने आखिरकार नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई शुरू की। उन्होंने कहा, 'अगर यह कार्रवाई पहले की गई होती और धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही हटा दिया गया होता, तो युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।' यह बयान इस बात का संकेत है कि विपक्ष सरकार की देरी को राजनीतिक मुद्दा बनाए रखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष का यह सवाल वाजिब है कि क्या जाँच का दायरा पर्याप्त रूप से ऊपर तक गया है। एंटी पेपर लीक विधेयक की घोषणा तब तक खोखली लगती है जब तक उसमें स्वतंत्र निगरानी तंत्र न हो — क्योंकि भारत में ऐसे कई कानून हैं जो कागज़ पर मज़बूत हैं, लागू करने में कमज़ोर। धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलना राजनीतिक प्रबंधन है, जवाबदेही नहीं — और यही अंतर आने वाले चुनावों में युवा मतदाताओं के लिए निर्णायक हो सकता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने नीट लीक पर क्या आरोप लगाए?
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार नीट पेपर लीक के असली जिम्मेदार लोगों को बचा रही है और जाँच अभी तक उन तक नहीं पहुँची। उन्होंने यह बयान 29 जुलाई को चार्जशीट दाखिल होने के बाद दिया।
एंटी पेपर लीक विधेयक पर सपा का क्या रुख है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह बिल कितना प्रभावी होगा, यह उसे लागू करने वालों की नीयत पर निर्भर करता है। उन्होंने तर्क दिया कि देश में पहले से कई कानून हैं जो असरदार नहीं हैं।
सपा ने धर्मेंद्र प्रधान पर क्या कहा?
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही हटाया जाता और कार्रवाई समय पर होती, तो युवाओं को सड़कों पर प्रदर्शन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
69,000 शिक्षक भर्ती मामले पर सपा का क्या कहना है?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि सपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस मुद्दे को मजबूती से उठाया था, लेकिन योगी सरकार ने 'गोलमोल जवाब' दिया और मामला अब भी न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास न कोई तर्क है, न ठोस साक्ष्य।
नीट पेपर लीक मामले में अब तक क्या हुआ है?
मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और जनता के दबाव के बाद सरकार ने कार्रवाई शुरू की है। हालाँकि विपक्ष का आरोप है कि असली जिम्मेदार अभी भी जाँच के दायरे से बाहर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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