26 जुलाई 2026
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राम मंदिर दान घोटाले पर सपा का संसद में हमला, अवधेश प्रसाद बोले- 'सोमवार को उठाएंगे मुद्दा'

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राम मंदिर दान घोटाले पर सपा का संसद में हमला, अवधेश प्रसाद बोले- 'सोमवार को उठाएंगे मुद्दा'

सारांश

नीट विवाद की आंच ठंडी होते ही सपा ने नया मोर्चा खोल दिया — राम मंदिर दान प्रकरण। अवधेश प्रसाद ने सोमवार को संसद में मुद्दा उठाने का ऐलान किया है, जबकि फखरुल हसन चांद ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली नई एसआईटी जांच पर भरोसा जताया। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह मामला मानसून सत्र का नया केंद्रबिंदु बन सकता है।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सोमवार को संसद में राम मंदिर दान प्रकरण उठाने की घोषणा की।
सपा का आरोप — करोड़ों रुपए के सोने, चांदी, हीरे, गहनों और जमीन से जुड़ा बड़ा घोटाला हुआ है।
सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक महीने से भी पहले यह मुद्दा उठाया था, पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं।
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद के अनुसार, नई एसआईटी का गठन सर्वोच्च न्यायालय के ऑब्जर्वेशन में हुआ है।
सदन बाधित रहने के कारण अब तक चर्चा नहीं हो सकी; सोमवार को विधिवत बहस की उम्मीद।

समाजवादी पार्टी (सपा) ने राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर सरकार को संसद में घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सोमवार को सदन की कार्यवाही सुचारू रहने पर पार्टी इस मामले को पूरी ताकत के साथ उठाएगी। नीट पेपर लीक विवाद के चलते संसद में पहले यह चर्चा नहीं हो सकी थी।

अवधेश प्रसाद का आरोप

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 'काफी समय से यह कहा जा रहा है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की नगरी में भगवान राम के मंदिर में करोड़ों रुपए के सोने, चांदी, हीरे, गहनों और जमीन से जुड़ा एक बड़ा घोटाला हुआ है। भगवान राम के लाखों भक्तों की आस्था और भावनाओं के साथ धोखा हुआ है।' उन्होंने यह भी कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक महीने से भी पहले इस मुद्दे को उठाया था, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

सरकार पर बचाव का आरोप

अवधेश प्रसाद ने सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा, 'सरकार पूरी तरह से बड़ी मछलियों को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे लोग बच नहीं सकते।' उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव और उन्होंने स्वयं इस मुद्दे को संसदीय नियमों के तहत सदन में उठाया था, परंतु सदन के बाधित रहने के कारण विधिवत चर्चा नहीं हो सकी। यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र जारी है और विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश में है।

नई एसआईटी पर सपा का रुख

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने अयोध्या मामले की जांच के लिए नई एसआईटी (SIT) के गठन पर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को पहली एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं था, इसलिए नई एसआईटी बनाई गई। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी का मानना है कि यह करोड़ों सनातन धर्म को मानने वाले लोगों की आस्था का सवाल है। जो भी दोषी हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।'

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच

फखरुल हसन चांद ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी जांच सर्वोच्च न्यायालय के ऑब्जर्वेशन में चल रही है और समाजवादी पार्टी को पूरा भरोसा है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि यह Nवीं बार है जब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों पर संसद में सवाल उठाने की कोशिश की जा रही है।

आगे क्या होगा

सोमवार को संसद में सपा के इस कदम से सदन में तीखी बहस की संभावना है। सपा का दावा है कि वह इस मामले में दस्तावेज़ी साक्ष्य के साथ सरकार को जवाब देने पर मजबूर करेगी। यदि सदन सुचारू रहा तो यह मुद्दा मानसून सत्र की सबसे बड़ी राजनीतिक टकराहट बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह एसआईटी जांच पर अतिरिक्त दबाव बना सकती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान प्रकरण क्या है?
कथित तौर पर अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट को मिले करोड़ों रुपए के सोने, चांदी, हीरे, गहनों और जमीन के दान में अनियमितताओं का आरोप है। सर्वोच्च न्यायालय के ऑब्जर्वेशन में इस मामले की जांच के लिए नई एसआईटी गठित की गई है।
सपा इस मुद्दे को संसद में कब उठाएगी?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने घोषणा की है कि सोमवार को सदन की कार्यवाही सुचारू रहने पर पार्टी यह मुद्दा उठाएगी। इससे पहले सदन के बाधित रहने के कारण विधिवत चर्चा नहीं हो सकी थी।
नई एसआईटी का गठन क्यों किया गया?
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय को पहली एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं था, इसलिए नई एसआईटी बनाई गई। यह जांच अभी सुप्रीम कोर्ट के ऑब्जर्वेशन में चल रही है।
अखिलेश यादव ने इस मामले पर क्या कहा था?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक महीने से भी पहले इस मुद्दे को उठाया था। हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सपा का सरकार पर क्या आरोप है?
सपा का आरोप है कि सरकार इस मामले में दोषियों — विशेषकर 'बड़ी मछलियों' — को बचाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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